तुवन मंदिर प्रांगण में लगाया गया विधिक साक्षरता शिविर

तुवन मंदिर प्रांगण में लगाया गया विधिक साक्षरता शिविर

विधिक साक्षरता शिविर को संबोधित करते सिविल जज

0

ललितपुर। जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण मोहम्मद रियाज के निर्देशानुसार प्रभारी सचिव डा.सुनील कुमार सिंह की अध्यक्षता में तुवन प्रांगण में तंबाकू निषेध जन जागरूकता एवं अन्य विषयक विधिक साक्षरता शिविर के अवसर पर विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम में प्रभारी सचिव डा.सुनील कुमार सिंह, एडीजे पॉक्सो निर्भय प्रकाश, कारागार अधीक्षक उदय प्रताप सिंह, तहसीलदार सदर डा.श्याम मणि त्रिपाठी, तम्बाकू नियंत्रण डा.रूद्रप्रताप सिंह बुन्देला, प्रोबेशन कार्यालय से ममता श्रीवास, पत्रकार रवि चुनगी द्वारा अवगत कराया गया कि धूम्रपान तथा तंबाकू संबंधित पदार्थो के प्रयोग से अपराधिक मानसिकता का विकास होता है। तंबाकू सेवन व धूम्रपान से हानियां विषय पर आयोजित विधिक सेवा साक्षरता शिविर में सिविल जज सीनियर डिवीजन डा.सुनील कुमार सिंह ने कहा कि भारत वर्ष में तंबाकू सेवन तथा धूम्रपान आम बात हो गई है। छोटे-छोटे बच्चे जो देश का भविष्य हैं, वे भी गुटखा, सिगरेट आदि का सेवन कर रहे हैं। उन्हें नहीं मालूम कि इसका उनके शरीर पर क्या कुप्रभाव पड़ रहा है। इन्हीं पदार्थो के सेवन से उनमें अपराधिक मानसिकता का विकास होता है। अनेक प्रकार की गंभीर बीमारी जन्म लेती हैं, जिनका उपचार कराया जाना आसान नहीं है।

उन्होंने बताया कि इन पदार्थो के सेवन से मनुष्य का जीवन भी समाप्त हो सकता है। डा.सुनील कुमार सिंह ने कहा कि लोगों को उनके स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहना चाहिए। तंबाकू, गुटखा तथा सिगरेट आदि उत्पादों से बचना चाहिए, क्योंकि स्वस्थ शरीर से आत्मविश्वास बढ़ता है। उन्होंने कहा कि तंबाकू व धूम्रपान के उत्पादों पर चेतावनी प्रदर्शित करना अनिवार्य है। शैक्षणिक संस्थानों के आसपास तंबाकू, बीडी, सिगरेट, गुटखे की दुकान नहीं होनी चाहिए। इसके अतिरिक्त सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान करना दंडनीय अपराध है। उन्होंने उत्तर प्रदेश राज्य सरकार की चलाई जा रही विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के बारे में जानकारी दी। तत्पष्चात एडीजे पॉक्सो निर्भय प्रकाश द्वारा यौन अपराधों से बालिकाओं का संरक्षण अधिनियम के संबंध में जानकारी दी गयी है और बताया गया कि यदि किसी बालक/बालिका के साथ यौन घटना घटित होती है तो उसकी सूचना देने वाले परिजन एवं पीडि़त या पीडि़ता की जानकारी गोपनीय रखी जाती है एवं इस अधिनियम के अन्तर्गत पीडि़त क्षतिपूर्ति योजना के अन्तर्गत पीडि़ता को क्षतिपूर्ति देने का प्रावधान है, अपर जिला जज द्वारा इस पर विस्तृत जानकारी दी गयी।

सिविल जज सी.डि.डा.सुनील कुमार सिंह द्वारा राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा बच्चों, महिलाओं व वरिष्ठ नागरिकों को विभिन्न प्रकार की योजनाएं चलाई जा रही है जिनके द्वारा यह वर्ग अपने आप को सुरक्षित महसूस करे एवं अन्य नागरिकों की भांति जीवन-यापन कर सके। बच्चियों एवं महिलाओं के लिए सरकार द्वारा कन्या सुमंगला योजना, विधवा पेंशन भरण-पोषण योजना आदि सरकार द्वारा संचालित है,

इन योजनाओं के बारे में शिविर में विस्तृत रूप से इनका लाभ पाने के सम्बन्ध में अवगत कराया गया। वरिष्ठ नागरिकों के लिए वृद्धावस्था पेंशन , वरिष्ठ नागरिकों के लिए आश्रय स्थल, भरण-पोषण कानून एवं अन्य प्रकार की सुविधाऐं उपलब्ध हैं। शिविर में उपस्थित जन को अवगत कराया गया कि हमें कानून की जानकारी रखनी चाहिए जिससे आवशकता पढऩे पर उनका उपयोग करें तथा असुविधाओं से बचें, संविधान में उल्लेखित नागरिकों के मूल अधिकार एवं कर्तव्यों के बारे में प्रकाश डाला गया एवं इनके अनुसार ही जीवन-यापन हेतु प्रेरित किया गया। शिविर में सुलह समझौते के आधार पर मुकदमों का लोक अदालत एवं मध्यस्थता केन्द्र में निस्तारण, तीन लाख तक की आय सीमा वालों, जेल में निरूद्ध बन्दी, महिलाओं, बच्चों, आदि को निशुल्क अधिवक्ता, आम नागरिकों को विभिन्न कानूनों की जानकारी एवं सलाह आदि उपलब्ध कराना है। सुलह समझौते के आधार पर निस्तारित होने वाले वादों में वादकारियों के मध्य किसी प्रकार का मन मुटाव नहीं रहता है। छोटे-छोटे मुकदमों को सुलह समझौते के आधार पर निस्तारण हेतु व्यापक रूप से अवगगत कराया गया।

शिविर में गिरफ्तार हुये व्यक्ति के अधिकार के सम्बन्ध में अवगत कराया गया। 10 अप्रैल 2021 को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत में अपने-अपने आपसी सुलह-समझोते के आधार पर निस्तारित होने वाले वादों के निस्तारण हेतु अनुरोध किया गया एवं इससे होने वाले फायदे के सम्बन्ध में विस्तृत अवगत कराया गया। मौके पर खुशबू जायसवाल, राकेश कुमार, सुमित कुमार, तुवन मंदिर के महन्त रामलखन दास, गुलाब सिंह, रोहित राठौर, अरविन्द एवं तथा आम नागरिक जन उपस्थित रहें।

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY