बुंदेलखंड के 7 जिलों में लागू हुई अटल भूजल योजना, अधिकारियों का शुरू हुआ प्रशिक्षण

0
  • भोपाल से-

भोपाल के लैंड एंड वॉटर रिसोर्सेस इंस्टीट्यूट वाल्मी में अटल भूजल योजना के क्रियान्वयन के लिए पीएमओ और डीपीएमयू के अधिकारियों का प्रशिक्षण किया जा रहा है. प्रशिक्षण में अधीक्षण अभियंता सहायक अभियंता जनपद पंचायत के अधिकारी एवं इस कार्यक्रम के क्रियान्वयन के लिए चयनित संस्था जन अभियान परिषद के कार्यकर्ताओं को वाटर सिक्योरिटी प्लान बनाने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है. प्रशिक्षण राष्ट्रीय परियोजना प्रबंधन इकाई द्वारा दिया जा रहा है. परमार्थ के प्रमुख जन जन जोड़ो अभियान के राष्ट्रीय संयोजक डॉक्टर संजय सिंह ने इस मौके पर कहा कि किसी भी योजना की सफलता के लिए उसमें महिलाओं की भागीदारी भी महत्वपूर्ण है.

भोपाल: अटल भूजल योजना क्रियान्वयन कार्यक्रम

परियोजना के क्रियान्वयन के लिए वाटर सिक्योरिटी प्लान बनाना आवश्यक है. इस प्लान से जल संकट के निवारण के लिए कार्य योजना तैयार की जाएगी और योजना के आधार पर ही जल संकट के निवारण के लिए काम किया जाएगा. अटल भूजल योजना भारत के 7 राज्यों के क्षेत्र से अधिक जिलों में लागू की गई है , जिसमें मध्य प्रदेश के बुंदेलखंड के 6 जिले शामिल हैं .

700 ग्राम पंचायतें योजना में शामिल

सागर दमोह पन्ना छतरपुर टीकमगढ़ निवाड़ी शामिल हैं. इन जिलों की 700 से अधिक पंचायतों को इस योजना के क्रियान्वयन के लिए लिया गया है यह योजना 5 साल तक चलेगी. योजना को लागू हुए 1 साल से अधिक हो गया है, लेकिन मध्य प्रदेश देश का अग्रणी राज्य है जहां इस योजना के तहत काम शुरू हो गया है. जल संसाधन विभाग के अपर मुख्य सचिव एस के मिश्रा इस योजना के क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान दे रहे हैं और बरसात से पहले योजना के तहत वाटर बॉडीज के निर्माण को प्राथमिकता दे रहे हैं .

परमार्थ संस्था दे रही है तकनीकी मदद

अटल भूजल योजना में वाटर सिक्योरिटी प्लान के निर्माण के लिए परमार्थ समाज सेवी संस्थान से तकनीकी मदद इस प्रशिक्षण में ली जा रही है . परमार्थ के प्रमुख जन जन जोड़ो अभियान के राष्ट्रीय संयोजक डॉक्टर संजय सिंह ने मध्य प्रदेश सरकार के अधिकारियों को बताया कि बिना समुदाय की वास्तविक सहभागिता के इस योजना का क्रियान्वयन अत्याधिक कठिन है. योजनाओं को प्रभावी ढंग से क्रियान्वित करने के लिए महिलाओं की सहभागिता को बढ़ाने पर अधिक जोर दिया जाना चाहिए . गांव स्तर पर योजना के क्रियान्वयन के लिए तैयार हो रही कार योजना में वाटर बजटिंग को विशेष महत्व दिया जाए. गांव में उपलब्ध जल और आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए जल संरचनाओं का निर्माण और पुनरुद्धार करने की आवश्यकता है. अटल भूजल योजना एक ऐसी योजना है जो धरती के खाली पेट के भरण के लिए काम करेगी . यदि इस योजना को वास्तविक रुप से जमीन पर उतारा गया तो बुंदेलखंड में इस योजना के तहत ली गई पंचायतों में परिवर्तन स्पष्ट रूप से दिखाई देगा .

पूर्व मुख्य सचिव को सौंपी जिम्मेदारी
इस परियोजना के क्रियान्वयन के लिए मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्य सचिव नायडू को भी जिम्मेदारी दी गई है . वह जन अभियान परिषद के डायरेक्टर जनरल हैं. उनके निर्देशन में ही इस योजना को जमीन पर उतारे जाने का प्रयास क्या जाना है. यह प्रशिक्षण 9 फरवरी से प्रारंभ होकर 11 फरवरी तक संपन्न होगा. अटल भूजल योजना के निदेशक जितेंद्र कुमार जैन का कहना है इस योजना के क्रियान्वयन से जल संकट में कमी आएगी. प्रशिक्षण के देने के लिए दिल्ली से एक विषय विशेषज्ञों का दल आया हुआ है.


Warning: A non-numeric value encountered in /home/convbkxu/bundelkhandkhabar.com/wp-content/themes/Newspaper/includes/wp_booster/td_block.php on line 352

LEAVE A REPLY