मंगल ग्राम की परिकल्पना के तहत लाई जा रही गांव में खुशहाली

0

ग्राम अधांव ब्लॉक बबेरू जनपद बांदा में इलाहाबाद विश्वविद्यालय के शोध छात्र व स्थानीय गांव वासी रामबाबू तिवारी की अगुवाई में गांव के लोगों के सहयोग से गांव में मंगल ग्राम परिकल्पना के तहत गांव में खुशहाली लाने के लिए कई अथक प्रयास किए जा रहे हैं 151 देशों में भारत का विश्व प्रसन्नता रैकिंग में 143 वां स्थान है आज वर्तमान में संपन्नता के साथ-साथ खुशहाल होना अति आवश्यक है जैसे गांव में गांव का पानी गांव में खेत का पानी खेत में खेत में मेड़बंदी जिससे बारिश की एक-एक बूंद को खेतों के माध्यम से भू-जल का स्तर बढ़ाया जा सके और किसान अपनी उपज को बढ़ा सकें जिससे किसान में समृद्धि आएगी तो किसान खुशहाल होंगे गांव खुशहाल होगा
सामूहिक श्रमदान के माध्यम से गांवों के तालाबों का पुनरुद्धार किया जा रहा है. बुंदेलखंड में तालाबों के महत्व को दर्शाते हुए यह गांव अपने गांव के सुंदर तालाब झरिया तालाब देवतालाब का पुनरुद्धार वहां की स्थानीय निवासी सामूहिक श्रमदान के माध्यम से कर चुके हैं
गांव को प्रकृति केंद्रित विकास के लिए गांव में प्रकृति केंद्रित तरीके से कार्य किए जा रहे हैं पर्यावरण संरक्षण और संवर्धन के लिए स्थानीय स्तर में कार्य कर रहे किसानों समाजसेवियों पर्यावरणविदों शिक्षक पत्रकार बंधु आदि को प्रतिवर्ष 12 सितंबर को पर्यावरण सम्मान समारोह में सम्मानित किया जाता है जिससे इस तरीके के कार्य कर रहे स्वयंसेवी यों का मनोबल बढ़े एवं अन्य लोग प्रेरित हो.
जल से जल को जोड़ने के लिए गांव में जल साक्षरता अभियान चलाया जा रहा है जल साक्षरता के लिए गांव मे गांव की दीवारों में वॉल पेंटिंग जल संरक्षण से संबंधित स्लोगन लिखकर लोगों को प्रेरित करने का कार्य किया जा रहा है प्रतिमाह गांव स्थित बजरंगबली आश्रम में पानी चौपाल का आयोजन किया जाता है पानी चौपाल के माध्यम से दिशा तय की जाती है कि जल संरक्षण/पर्यावरण संरक्षण प्रकृति प्रकृति केंद्रित विकास के लिए आगे की क्या रणनीति बने
गांव में बरसात की एक एक बूंद को सहेजने के लिए गांव में खेत तालाब का निर्माण भी करवाया गया है इससे बरसात के पानी को तालाब के माध्यम से संरक्षण करके वहां इकोसिस्टम पारिस्थितिकी को मजबूत बनाया गया है.
पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से गांव में भोला उपवन के नाम से एक सार्वजनिक उपवन बनाया गया है जब कोई गांव में न्यू बोर्न बेबी या नया दंपत्ति के यहां पुत्र या पुत्री का जन्म होता है तो उसकी याद में एक वृक्ष पृथ्वी में हस्ताक्षर किया जाता है. अब तक 183 वृक्ष इस उपवन में लगाए जा चुके हैं.


Warning: A non-numeric value encountered in /home/convbkxu/bundelkhandkhabar.com/wp-content/themes/Newspaper/includes/wp_booster/td_block.php on line 352

LEAVE A REPLY