CM योगी को मिली Z- प्लस सुरक्षा, 36 स्पेशल कमांडो करेंगे हिफाज़त, अभेद किले में तब्दील रहेगा CM हाउस

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लखनऊ. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भले ही सादगी पसंद हैं, लेकिन उनकी सुरक्षा को लेकर केंद्र सरकार कोई भी चूक नहीं करना चाहती है. CM बनने के बाद योगी को यूनियन होम मिनिस्ट्री ने जेड प्लस सिक्युरिटी दी है।  अब उनकी सिक्युरिटी सीआईएसएफ के 36 स्पेशल कमांडो करेंगे। इनके अलावा सीएम के सुरक्षा घेरे में यूपी पुलिस के 4 सब इंस्पेक्टर और 1 असिस्टेंट कमांडेंट भी तैनात रहेंगे। गोरखपुर के सांसद रहते हुए योगी को वाई कैटेगरी की सिक्युरिटी मिली थी।
 जेड प्लस के कैटेगरी के तहत एडवांस्ड वेपन्स से लैस 25-28 कमांडो की टुकड़ी 24 घंटे उनके साथ रहेगी। जबकि वाई कैटेगरी में 2-3 कमांडो ही साथ में चलते हैं। सिग्नल जैमर्स से लैस एक पायलट और एस्कॉर्ट व्हीकल भी उनके साथ चलेगा। वैसे योगी की सिक्युरिटी उनके सीएम के तौर पर शपथ लेने के साथ ही बढ़ा दी गई थी। फिलहाल उनकी सिक्युरिटी में 400 से ज्यादा पुलिसवाले और एनएसजी कमांडो रहते हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, सीएम हाउस की सिक्युरिटी में भी 450 कमांडो तैनात किए जाएंगे।
किसे मिलती है जेड और जेड प्लस सिक्युरिटी?
सीएम, कैबिनेट रैंक के मिनिस्टर्स, हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के जज और कुछ ऑफिसर्स को ही यह जेड या जेड प्लस कैटेगरी की सिक्युरिटी दी जाती है। जेड़ प्लस सिक्युरिटी की जिम्मेदारी यूनियन होम मिनिस्ट्री के अंडर में होती है। इसके लिए वहीं से जरूरी गाइडलाइंस दी जाती है।
सिक्युरिटी की कैटेगरी-
SPG : स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (SPG) की कैटेगरी की सिक्युरिटी पीएम और उनके परिवारवालों को दी जाती है। एक्स पीएम के लिए यह 6 महीने तक रहती है। इसके अलावा स्पेशल लॉ के तहत यह फैसेलिटी राजीव गांधी के परिवार वालों को दी गई है।
Z Plus : इसमें 36 जवानों को तैनात किया जाता है। इनमें 10 से ज्यादा एनएसजी कमांडो और पुलिस ऑफिसर्स होते हैं। एनएसजी कमांडो मार्शल आर्ट माहिर होते हैं और बगैर हथियारों के भी दुश्मन से लड़ सकते हैं। वो MP 5 गन्स और कम्युनिकेशन सिस्टम से लैस होते हैं। काफिले में जैमर भी होता है।
Z : खतरा जेड प्लस से कुछ कम हो तो, जेड कैटेगरी की सिक्युरिटी दी जाती है। इसमें सीआईएसएफ, आईटीबीपी, बीएसएफ या पुलिस के 22 जवान तैनात रहते हैं। इनमें 5 एनएसजी कमांडो के साथ पुलिस ऑफिसर्स होते हैं।
Y : इसमें 11 जवान रहते हैं। इनमें 1 या 2 एनएसजी कमांडो होते हैं।
X : सिक्युरिटी की इस कैटेगरी में 2 जवान रहते हैं, जो आमतौर पर स्टेट पुलिस के होते हैं। इन्हें पीएसओ कहा जाता है।

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