बुंदेलखंड के इन ग्रामों में शराब ठेकों के खिलाफ खड़ी हुईं महिलाएं, 100 शराब की दुकानों में की तोड़फोड़,खड़ी रह गई पुलिस

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पंकज मिश्रा

हमीरपुर । सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद हाइवे से हटाकर बस्ती में शिफ्ट की जा रहीं शराब की दुकानों के विरोध में गाँव की महिलाएं खड़ी गईं हैं. हमीरपुर जिले में नेशनल हाइवे से हटाकर रिहायशी बस्ती के अंदर खोली जा रही शराब के ठेकों को लेकर जनता सडकों पर आ गयी और पुलिस की मौजूदगी में  जमकर हंगामा काटा गया। सौ से ज्यादा महिलाओं ने शराब के ठेके पर धावा बोलकर तोडफ़ोड़ कर दी और जिले के कुछ अन्य इलाकों में बस्ती की महिलाओं ने शराब के ठेकों पर हल्ला बोल दिया है। महिलाओं ने कहा कि वह अपने गाँव में शराब की दुकान नहीं खुलने देंगीं.

सुप्रीमकोर्ट के आदेश के  बाद आज सुमेरपुर कस्बे में एनएच-86 में पेट्रोलपंप से लेकर फैक्ट्री एरिया तक की एक दर्जन देशी व विदेशी मदिरा व बियर की दुकानें हटाई गई। इन सभी ठेकों को बस्ती के अंदर शिफ्ट किया गया। रिहायशी बस्ती के अंदर ठेके खुलते ही महिलाओं ने हंगामा खड़ा कर दिया। कस्बे के दूध डेयरी मार्ग पर काफी हंगामा काटा गया।

बताते है कि दूध डेयरी मार्ग पर खुले देशी मदिरा के ठेके को बंद कराने के लिये पड़ोस की सैकड़ों महिलाओं ने ठेके पर तोडफ़ोड़ शुरू कर दी। घटना की सूचना पर यूपी-100 डायल मौके पर गयी। पुलिस की मौजूदगी में ही महिलाओं ने अल्टीमेटम दिया कि किसी भी कीमत पर शराब के ठेके चलने नही दिये जायेंगे। पुलिस ने सभी को शांत करते हुये कहा हंगामा करना ठीक नही है। इसी तरह से सुमेरपुर कस्बे के बांकी मार्ग पर खोले जा रहे शराब के ठेके का लोगों ने जमकर विरोध कर एसओ को ज्ञापन दिया है। और कहा कि यह ठेके बर्दाश्त नहीं किये जायेंगे। इधर केन्द्रीय राज्यमंत्री निरंजन ज्योति ने भी बस्ती के अंदर खोले जा रहे ठेकों को लेकर जिला आबकारी अधिकारी को तलब किया और लोगों की समस्या देखने के निर्देश भी दिये।

हाइवे में खुले सभी मदिरा के ठेकों पर पड़े ताले

बताया जाता है कि सुमेरपुर कस्बे में हाइवे में एक दर्जन से ज्यादा देशी और विदेशी शराब व बियर के ठेकों पर जनता के भारी विरोध के कारण ताले पड़ गये है। पेट्रोलपंप से लेकर उद्योग नगरी तक सभी ठेके बंद रहे और किसी भी ठेके पर शराब की बिक्री नहींहुयी। महिलाओं के एकजुट होकर हंगामा करने से ठेका संचालक भी दहशत में है।

क्या कहती है महिलायें

नीलम सिंह, मीरा, रामदेवी, आरती, रजोला देवी, गोल्डी, संगीता सहित सैकड़ों महिलाओं ने कहा कि जहां ठेके खोले जा रहे है वहीं नजदीक मंदिर व शिक्षण संस्थान है। महिलाओं का कहना है कि रिहायशी इलाकों में शराब के ठेके खोले जाने से घर के लोग बर्बाद होंगे साथ ही महिलाओं के साथ बदतमीजी भी हो सकती है।

क्या कहते है कि जिला आबकारी अधिकारी

जिला आबकारी अधिकारी रामसजीवन का कहना है कि हमीरपुर जिले में हाइवे पर 96 शराब के दुकानें चल रही है जिन्हें हटाकर बस्ती के अंदर शिफ्ट करने में ही बवाल हो रहा है। उनका कहना है कि इन ठेकों से हर साल 37 करोड़ का राजस्व सरकार को मिलता रहा है लेकिन हाइवे से हटाकर बस्ती में ठेके खोले जाने का विरोध राठ, कुरारा सहित समूचे क्षेत्र में हो रहा है।

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