बाँदा की महिलाओं ने खोला अवैध खनन के खिलाफ मोर्चा, किसानों को घर बनाने मिले मुफ्त बालू

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बाँदा. यूपी में समाजवादी पार्टी की ही तर्ज़ पर भाजपा सरकार में भी अवैध खनन होने लगा है. प्रशासनिक अधिकारियों के संरक्षण में बालू माफिया घाटों पर सक्रिय हो गए हैं. मशीनों से खोदी जा रही बालू को किसानों के खेतों से जबरन ढोया जा रहा है.  बुंदेलखंड के जिला बाँदा में हो रहे अवैध खनन के खिलाफ गुरुवार को महिलाओं ने ज्ञापन दिया है । जसपुरा क्षेत्र  के पैलानी – साड़ी रहवासी ऊषा निषाद ने नरैनी की महिला समूह के साथ मांग की है कि शहर में जिस तरह खच्चर से मुफ्त बालू केन नदी से निकाली जा रही है बाँदा के किसानों को भी घर, शौचालय निर्माण के लिए बालू दी जाए । गधेवाले प्रति गधा 150 रुपये देते है । दूरी के अनुसार ये रेट और बढ़ता है । वही खदान मालिक 5 हजार रुपये एक ट्रैक्टर की रायल्टी लेता है जो आम आदमी को सात हजार में बेची जा रही है । बाँदा की लमेहटा खदान में तीन दिन से चल रहे प्रसाशनिक उठापटक के बाद खदान मालिक, पार्टनर मुकदमे लिखे गए है । ज्ञापन के बाद ऊषा ने एसडीएम नरैनी कोमलचन्द्र पर हल्ला बोलते हुए उन्हें खनन में संलिप्त बताया है । उनका घेराव करने की बात कही है । ऊषा बुन्देलखण्ड में पहली लड़की है जो खनन माफिया के साथ जुड़े सफेदपोश लोगो से भिड़ती है । फिलहाल जुलाई में किये गए अनशन से तिलमिलाए लोग उसको फर्जी मुकदमो में उलझा रखे है । उसने ज्ञापन में सभी के नाम खोले है ।

 

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