निजाम बदलते ही सो गई UP पुलिस की डायल-100 सेवा, बोलेरो जंगल में खड़ी कर नींद भरते मिले ये दरोगा जी

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हमीरपुर। महज़ एक कॉल में जो पुलिस चंद मिनटों में पीड़ित की मदद करने के लिए पहुँच जाति थी , अब वही पुलिस मदद करने पहुंचने की बजाय सुस्ताती नजर आ रही है. दरअसल UP में निजाम बदलते ही पुलिस की डायल -100 सेवा नींद में दिखने लगी है. ऐसा ही ताजा मामला हमीरपुर जिला मुख्यालय के सिटी फारेस्ट के पास सामने आया है जिसमें हमीरपुर-कालपी मार्ग पर यूपी-100 डायल गाड़ी खड़ी कर पूरा स्टाफ ही फारेस्ट के अंदर हवा महल में सोता पाया गया। कैमरे की फ्लैश चमकने पर दरोगा और सिपाही सकपका कर उठ गए.

गौरतलब है कि तत्कालीन अखिलेश यादव की सरकार में तीन माह पूर्व हमीरपुर में यूपी-100 डायल सेवा का शुभारंभ किया था। महोबा व जालौन के लिये भी यूपी-100 डायल को हरी झंडी दिखाई गई थी। शुरू में तो यह सेवा आम लोगों के लिये मील का पत्थर साबित हुयी. वह हमीरपुर पुलिस की डायल 100 सेवा ही थी जिसने एक किसान की सूचना पर  खेत में बलात्कार का शिकार बन रही एक किशोरी को चंद मिनट की देरी में ही पहुंचकर बचा लिया था. मगर कुछ ही समय बाद यह सेवा इस जिले में कानून व्यवस्था के लिये मजाक बनती जा रही है।

अभी हाल में ही अवैध मौरंग को लेकर यूपी-100 डायल का स्टाफ और थानेदार से झड़पे हुयी थी। मौरंग माफियाओं ने थानेदार के सामने ही यूपी-100 डायल के दरोगा के साथ अभद्रता की थी। जिले में रात के अंधेरे में यूपी-100 डायल सेवा मौरंग से भरे ट्रकों को पास कराते देखे गये थे। यह मामला खनिज विभाग ने तत्कालीन जिलाधिकारी यूवी सिंह यादव के संज्ञान में लाया था। बताया जाता है कि यूपी-100 डायल की पीआरबी-1216 की तैनाती बीते रोज हमीरपुर-कालपी स्टेट हाइवे पर थी मगर यह पीआरबी गाड़ी सिठी फारेस्ट के अंदर खड़ी देखी गयी। पूरा स्टाफ सिटी फारेस्ट के अंदर बने हवा महल में सोता पाया गया। जैसी मीडिया के कैमरे चमके तो दरोगा राधेश्याम मिश्रा, सिपाही सर्वेश कुमार, चालक व होमगार्ड की नींद खुल गई। मीडिया कर्मियों को देख यूपी-100 डायल सेवा का पूरा स्टाप घबरा गया। बताते है कि पीआरबी के दरोगा व सिपाही बकायदा वर्दी उतारकर हवा महल में बेखौफ होकर सो रहे थे।

क्या कहते है यूपी-100 डायल के दरोगा
पीआरबी के दरोगा राधेश्याम मिश्रा ने सफाई देते कहा कि क्या करे बारह-बारह घंटे की लगातार ड्यूटी उनसे ली जा रही है। ऐसे में थोड़ा बहुत आराम करना भी जरूरी होता है। उनका कहना है कि हमीरपुर-कालपी मार्ग पर सिटी फारेस्ट के बाहर सुबह से शाम तक 12 घंटे के लिये ड्यूटी है जिसमें कोई भी सूचना आते ही पूरा स्टाफ मौके पर पहुंचता है।

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