बाँदा में दीवारों पर लिखे सिर्फ अभद्र स्लोगन, शौचालय का रुपया भी खा गए प्रधान और सचिव

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दीवारों पर लिखे अभद्र स्लोगन
@Ashish sagar-
बांदा. नरेन्द्र मोदी ने बतौर प्रधानमंत्री लालकिले से जिस स्वच्छता अभियान के  लिए नौकरशाहों से लेकर आम पब्लिक का समर्थन माँगा था, उस अभियान की मंशा पर ग्रहण लग रहा है. कहीं गंदगी के ढेर हैं तो कहीं शौचालय निर्माण में ही घपला हो गया. केंद्र सरकार के ड्रीम प्रोजेक्ट यूपी में ही धराशाई हो रहा है.
बुन्देलखण्ड के जिला बाँदा में भी शहर और गांव की दीवारों को शौचालय निर्माण,मर्यादा भवन के नारों से रंग दिया गया है । ग्रामीण क्षेत्रों में शौच निपटान के नारों की अभद्र भाषा लिखने के बाद भी बाँदा के गांव में घोटाले थमे नही है । डीएम साहेब इस योजना पर संजीदा है लेकिन ग्राम प्रधान, सचिव तो मल का रुपया भी खाने से बाज नही आ रहे है । बतलाते चले बाँदा में स्वक्छ भारत मिशन के तहत बनवाये गए शौचालय में 24.79 लाख का घपला से सामने आया है । महुआ विकासखंड के नंदना, अर्जुनाह ( मायावती सरकार का खाश गांव ),बबेरू के अंधाव,जसपुरा के डांडामऊ व पिपरोदर में यह गबन हुआ हैं । डीपीआरओ ने तीन दिन में ग्राम प्रधान ,सचिव को नोटिस देकर जवाब मांगा है । खुले में दिशा मैदान रोकने को नरैनी के गांव गाजीपुर में अभद्र भाषा मे दीवार पर स्लोगन लिखे गए है । गांव वाले पढ़कर ठहाका लगाते है । इसी नरैनी के वर्ष 2014-15 के 18 हजार शौचालय कागजों में बन गए थे.

 

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