खेत में अचानक लगी आग से गेहूं फसल राख, झोपड़ी में किसान के 3 बच्चे जिन्दा जले

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लखनऊ/ झाँसी. यूपी में इस बार किसानों के खेत आग लगने से तबाह हो रहे हैं. बुंदेलखंड के कई इलाकों सहित पूरे प्रदेश में किसानों के खेत आग से तबाह हो रहे हैं. कानपुर और आसपास कई जिलों में आग ने बड़ी तबाही मचायी। फर्रुखाबाद में खेत पर पड़ी झोपड़ी क अंदर तीन बच्चों की आग से जलकर मौत हो गई। फतेहपुर, उन्नाव, कानपुर देहात, इटावा, झाँसी और ललितपुर के कई गाँव में खेत की फसल जल गई. इसमें करीब 2000 बीघे की फसल जलकर राख हो गई. खून-पसीना बहाकर फसल काटने के समय इस तबाही से किसानों के परिवारों में कोहराम मचा है।

फर्रुखाबाद की अमृतपुर तहसील के सुंदरपुर कटरी गाँव में दोपहर बाद लगी आग में मनफूल के तीन बच्चे धर्मेन्द्र (9), आलोक (6) और दिव्यांशी (डेढ़ साल) झोपड़ी के अंदर ही आग से जलकर मर गए। इनका एक भाई भी बुरी तरह आग से झुलस गया।

गांव वालों ने बताया कि बच्चे खेत में स्थित झोपड़ी में खेल रहे थे जबकि पूरा परिवार फसल काट रहा था। इस बीच फसल में आग लग गई, तेज हवा से आग तेजी से फैली और करीब पांच सौ बीघे फसल को चपेट मे ले लिया। चारो तरफ आग फैलने से परिवार वाले जान पर खेल कर जब तक झोपड़ी तक पहुंचते तीन बच्चों की मौत हो चुकी थी।

फतेहपुर में आग से करीब 41 बीघा गेहूं की फसल जल कर राख हो गई हैं। यहां के किशनपुर क्षेत्र में जंगल में आग लगने से पड़े पैमाने पर नुकसान होने का अनुमान है। बाईपास स्थित रिलायंस पेट्रोल पंप के पीछे शार्ट सर्किट से गेहूं की फसल में आग लग गई। तेज हवा के कारण आग बढ़ते हुए पेट्रोल पंप की ओर आ रही थी। आसपास के लोग और पेट्रोल पंप के कर्मचारियों ने पंप से एक खेत पहले आग बुझा ली जिससे बड़ा हादसा टल गया। घटना में जाबर सिंह समेत आठ किसानों का करीब 32 बीघा गेहूं की फसल जल गई.

झाँसी के मवई, लेवा, अतपेई आदि गाँव में गेहूं की फाल जल गई. किसानों ने प्रशासन से मदद मांगी है.

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