CM पद की दौड़ में शामिल रहे उरई के स्वतंत्र देव सिंह व महरौनी के मनोहर लाल पंथ बने मंत्री, जानिये इनका प्रोफाइल

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स्वतंत्र देव सिंह को स्वतंत्र प्रभार मंत्री बनाया गया है.

बुंदलेखंड : योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश के सीएम बन गये हैं. उन्होंने लखनऊ के स्मृति उपवन में शपथ ग्रहण की. इसके साथ ही बुंदेलखंड के दो लोगों को योगी ने अपनी टीम में शामिल किया है. उरई के रहने वाले बीजेपी नेता स्वतंत्र देव सिंह को राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार बनाया गया है. महरौनी के विधायक मनोहर लाल पंथ को मंत्रीमंडल में शामिल किया गया है.

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ये है मन्नू लाल का प्रोफाइल : ललितपुर की सुरक्षित विधानसभा सीट महरौनी से विधायक बने बीजेपी के विधायक मनोहर लाल पंथ को बीजेपी सरकार ने राज्यमंत्री बनाया है. मनोहर लाल ने 1, 59, 227 वोट पाकर भरी बहुमत से जीत दर्ज की थी. दूसरे नम्बर पर रहे प्रत्याशी को 99, 545 वोट कम मिले थे. वह दो बार जिला पंचायत सदस्य रह चुके हैं. उनकी पत्नी व पुत्र भी जिला पंचायत सदस्य रही हैं. यह पहला मौका था जब बीजेपी ने महरौनी से मनोहर पंथ को टिकट दिया गया था.

2012 में बुरी तरह हारे थे स्वतंत्र देव सिंह :  उत्तर प्रदेश में सीएम पद के दावेदारों में शामिल हुए बीजेपी के नेता स्वतंत्र देव सिंह कभी पत्रकारिता भी किया करते थे. उरई के रहने वाले स्वतंत्र देव सिंह मूल रूप से मिर्जापुर के रहने वाले हैं. छात्र राजनीति के बीच वह 1989-90 में स्वतंत्र भारत नामक अख़बार से जुड़े. बुंदेलखंड के छोटे से जिले उरई में वह इस अखबार के संवाददाता के तौर पर काम करते थे, लेकिन पत्रकार के तौर पर वह सफल नहीं हुए। कॉलेज में छात्र संघ चुनाव हारे. 2012 में एमएलए इलेक्शन भी बुरी तरह से हारे.

यूपी में सीएम पद के दावेदार स्वतंत्र देव सिंह एक बार एमएलसी ज़रूर बने. स्वतंत्र देव सिंह बेहद गरीबी में पले-बढ़े. छात्र जीवन में ही राजनीति से जुड़े, लेकिन कभी भी करिश्माई सफलता नहीं मिली. इसके बाद भी वह एबीवीपी से जुड़े रहे.

वह 1984 में अपने भाई शिवदान सिंह के साथ उरई आये थे. शिवदान सिंह पुलिस विभाग में तबादले के कारण यहां आए। स्वतंत्र देव सिंह भी अपने भाई के साथ यहां आ गए. यहां से इनका राजनैतिक जीवन शुरू हुआ। 1985 में ग्रेजुएशन में दाखिले के बाद 1986 में स्वतंत्र देव सिंह ने उरई के डीएवी डिग्री कॉलेज में छात्र संघ इलेक्शन लड़ा लेकिन हार गए.

अब तक स्वतंत्र देव सिंह का नाम कांग्रेस सिंह था. संघ को बहुत कन्फ्यूज़न होता था. संघ में उनका नाम स्वतंत्र देव सिंह रख दिया गया. झांसी में एबीवीपी में शामिल हुए. उनकी मेहनत और लगन को देखते हुए उन्हें कानपुर भेज दिया गया. कानपुर में वह हनुमान मिश्रा के नेतृत्व में भारतीय जनता युवा मोर्चा के साथ खड़े हो गए. 2000 में उन्हें युवा मोर्चा का प्रदेश अध्यक्ष बना दिया गया. पार्टी ने इसके बाद उन्हें यूपी का महामंत्री बना दिया गया. उन्हें उरई में सहकारी समिति का अध्यक्ष भी बनाया गया.

2014 में हुए आम चुनाव उनके लिए महत्त्वपूर्ण रहे. बीजेपी ने उत्तर प्रदेश में होने वाली रैलियों के आयोजन की कमान दे दी. यहीं से वह पीएम मोदी व अमित शाह के और करीब आ गए.

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