मोदी सरकार ने सुकन्या सम्रद्धि योजना को और सरल बनाया, अब 250 में खुलेगा खाता

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@बुंदेलखंड खबर 

नई दिल्ली। मोदी सरकार की सुकन्या सम्रद्धि योजना को और सरल बना दिया गया है. यह एसी योजना है जो लड़कियों को पढाई में बड़ी मददगार साबित होगी. 

केंद्र सरकार ने सुकन्या समृद्धि योजना में खाता खोलने की न्यूनतम राशि को 1000 से घटाकर 250 रुपये कर दिया है। सालाना न्यूनतम जमा राशि की सीमा को भी 1,000 रुपये से घटाकर 250 रुपये कर दिया है। सरकार के कदम से पॉलिसी लेने वालों की संख्या में बढ़ोतरी होने की उम्मीद जताई जा रही है। योजना के तहत 10 साल की उम्र होने तक लड़की के अभिभावक यह खाता खुलवा सकते हैं।

गर्ल चाइल्ड के नाम पर इस सेविंग स्कीम को मोदी सरकार ने शुरू किया गया था। योजना को सुगम बनाने के लिए सरकार ने सुकन्या समृद्धि अकाउंट रूल्स, 2016 में संशोधन किया गया है।

2017 तक खुले 1.26 करोड़ खाते

2018-19 का बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा था कि यह स्कीम मोदी सरकार की बड़ी उपलब्धियों में से एक है। उनका कहना था कि नवंबर 2017 तक इस स्कीम के तहत 1.26 करोड़ खाते खुलवाए गए और इनमें 19,183 करोड़ रुपये जमा हुए हैं। उनका कहना था कि योजना बहुआयामी है।

ब्याज दर पीपीएफ की तरह

पीपीएफ एवं अन्य छोटी बचत योजनाओं की तरह इस स्कीम की ब्याज दर भी तिमाही आधार पर तय होती है। जुलाई-सितंबर तिमाही के लिए इस स्कीम की ब्याज दर 8.1 फीसद तय की गई है। सरकार के नोटिफिकेशन के मुताबिक सुकन्या समृद्धि योजना के तहत किसी भी पोस्ट ऑफिस और सरकारी बैंक में अकाउंट खुलवाया जा सकता है।

जमा रकम पर नहीं लगेगा आयकर 

खास बात है कि खाते में जो रकम जमा की जा रही है या फिर जितनी रकम उसमें जमा हुई है उस पर आयकर नहीं लगेगा। खाते में न्यूनतम 250 तो अधिकतम 1.5 लाख जमा हो सकेंगे। रकम जमा कराने की कोई सीमा नहीं है। ये खाते खुलने की तिथि से 21 साल तक वैध रहेंगे। रकम का आयकर से मुक्त होना बेहतरीन फैसला है।

लड़की को ही मिलेगी रकम

खाता मैच्योर होने पर सारी रकम उसी लड़की को मिलेगी जिसके नाम पर यह खुला था। खाता खुलने के बाद उसमें 14 साल तक रकम जमा कराई जा सकती है। उसके बाद इसमें रकम जमा कराने पर पाबंदी है। तय नियमों के मुताबिक रकम पर ब्याज लगता रहेगा। महिला सशक्ती करण में ये कदम अहम माना जा रहा है।

 

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