मेरे माँ-बाप हैं मेरी मौत के जिम्मेदार, फांसी लगाने के पहले युवक ने हथेली पर लिखा-सुमन किसी को छोड़ना नहीं

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हमीरपुर। मैं मर रहा हूँ, मेरी मौत के जिम्मेदार सिर्फ मेरे माँ-बाप हैं. जिनकी वजह से मर रहा हूं। सुमन तुम किसी को छोडऩा नहीं….यह अल्फाज एक ऐसे शख्स के हैं, जिसने बेतवा नदी में बने पुल की रेलिंग में फांसी के फंदे पर झूलने से पहले अपने हाथ की हथेली में सुसाइड नोट लिखकर माता पिता को ही मौत का जिम्मेदार ठहरा दिया.

यह घटना हमीरपुर जिले के जलालपुर में आज तड़के बेतवा पुल पर हुयी जहां एक बच्चे के पिता राजेन्द्र यादव ने यह आत्मघाती कदम उठाया। बताया जाता है कामता प्रसाद यादव निवासी जलालपुर के तीन पुत्र है जिनमें राघवेन्द यादव्र बड़ा बेटा है वहीं सचिन सबसे छोटा बेटा है। राजेन्द्र यादव अपने भाईयों में मंझला है जो अपने ही घर उपेक्षित है। उसकी शादी कुसमरा कुरारा हमीरपुर में दो साल पहले हुयी थी। पत्नी सुमन के आते ही कुछ समय बाद घर में झगड़ा होने लगा तो राजेन्द्र पत्नी को लेकर माता पिता और भाईयों से अलग रहने लगा था। राजेन्द्र एक बच्चे का पिता भी था जो अपने हिस्से की जमीन के लिये साल भर से परेशान था मगर माता पिता उसे फूटी कौड़ी नहीं दी। कामता के पास एक लोडर गाड़ी व एक ट्रैक्टर है। 40 बीघा जमीन का मालिक भी है। उसके  साथ बड़ा और छोटा बेटा रहता है। बीती रात घर में राजेन्द्र का बंटवारे को लेकर माता पिता से फिर विवाद हुआ जिससे वह दुरूखी होकर घर से आज तड़के बाहर निकल गया था। बताते है कि राजेन्द्र बेतवा पुल के बीच पहुंचा। उसने अपनी शर्ट की एक बांह रेलिंग में बांधी फिर दूसरी बांह का फंदा गले में डाल लिया। शर्ट की बांह के फंदे में ही वह झूल गया था। आज तड़के लोग मार्निंग वाक करने पुल गये तो रेलिंग पर इसे लटकते देख लोग हतप्रभ रह गये। घटना की सूचना पर जलालपुर थाने के एसआई एवं हल्का इंचार्ज रोशन कुमार फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। किसी तरह पुल की रेलिंग के नीचे फांसी के फंदे पर लटकते राजेन्द्र को बाहर निकाला और पंचनामा भरकर शव कब्जे में लिया।

मरने से पहले हथेली में लिखा सुसाइड नोट

बताया जाता है कि राजेन्द्र यादव ने मरने से पहले हाथ की हथेली में लिखा कि मेरी मौत के लिये माता पिता जिम्मेदार है। उसने हाथ की हथेली में अपनी पत्नी के लिये लिखा कि सुमन किसी को छोडऩा नहीं। अपने पति की मौत सुमन का रो-रोकर बुरा हाल है।

विवाद में पूरा घर गया था जेल

बताते है कि एक माह पूर्व घर राजेन्द्र का विवाद माता पिता से हुआ था तब जलालपुर पुलिस ने पूरे घर को गिरफ्तार किया था। राजेन्द्र व उसके माता पिता के अलावा भाई भी जेल गये थे। पुलिस ने बताया कि सभी ने जमानत करायी थी और कहा था अब झगड़ा नहीं होगा।

फेरी लगाकर करता था व्यापार

बताते है कि राजेन्द्र के पास एक लोडर है जिसमें साड़ी व अन्य सामान रखकर कल भेड़ी गांव में मेले पर बेचने गया था। मां भुवनेश्वर मंदिर के दर्शन करने के बाद वह रात में घर पहुंचा और सामान कमरे में रख दिया तो कमरे को लेकर पिता से विवाद हो गया था।

क्या कहती है पुलिस

जलालपुर थाने के प्रभारी कम्मोद सिंह का कहना है कि आज तड़के राजेन्द्र यादव ने बेतवा पुल की रेलिंग में फांसी लगाकर जान दे दी है। उनका कहना है कि कुछ माह पूर्व झगड़ा होने पर सभी को गिरफ्तार किया गया था। उनका कहा है कि घटना की जांच पड़ताल की जा रही है

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