असफलताओं का बोझ लेकर देवास के लिए विदा हुए एसपी गौरव तिवारी

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@ वासुदेव शर्मा-
छिंदवाडा. छिंदवाडा में  न्यायालय परिसर के भीतर गोली चली चली तो सब अवाक रह गए थे. जज के सामने एक विचाराधीन कैदी को गोली मार दिए जाने और उसकी मौके पर ही मौत हो जाने की यह पहली घटना थी, जिसने पुलिस सुरक्षा की पोल खोलते हुए न्याय की चौखट पर अन्याय की दस्तक दी थी. इसके बाद तत्कालीन एसपी गौरव तिवारी की प्रशासनिक शमता को पहली बार  कठघरे में खड़ा किया गया. एसपी गौरव तिवारी के कार्यकाल की यह घटना बताती है कि अपराधी वेखौफ रहे। जिले में जुआ सट्टा, अवैध उत्खनन वैसे ही चलता रहा जैसे उनके आने से पहले चलता था।
2-5 आई टी सेल के युवाओं के जरिए खुद की ब्रांडिंग  कराने की कला में माहिर गौरव तिवारी की एक मात्र सफलता फुटपाथ पर रोजगार चलाने वालों को खदेडना रहा है, वे आए दिन निगम कमिश्नर को साथ लेकर पुटपाथ खाली कराते नजर आते थे, यह सब काम स्वच्छता के नाम पर किया जाता रहा, जिसमें हजारों परिवारों से उनकी जीविका छीन ली गई।
गौरव तिवारी के तबादले की खबर से फुटपाथ पर जीविका चलाने वाले छोटे कारोबारियों में खुशी की लहर है, जिन्हें उनके ही शहर में एसपी गौरव तिवारी ने वेरोजगार बना दिया था।
एसपी तिवारी कुछ खास तरह के आयोजनों, जुलूसों में न सिर्फ खुद शामिल होते रहे बल्कि उन्हें भव्यता प्रदान करने के लिए मदद भी करते थे।
एसपी गौरव तिवारी से पहले वाले एसपी ने जिले में चल रहे नकली नोट के कारोबार का पर्दाफ़ाश किया था, आधा दर्जन आरोपियों को पकडा गया था, इस मामले में तिवारी के कार्यकाल में क्या प्रगति हुई, वे अब तक नही,  बता सके यानि नकली नोट मामले में लीपापोती के लिए ही शायद गौरव तिवारी को छिंदवाडा भेजा गया था, यह बात अब कुछ कुछ सामने आ रही है।
-वासुदेव शर्मा जाने – माने पत्रकार हैं..यह इनपुट उनके फेसबुक पेज से ली गयी है..

 

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