अब गरीबों को गर्म कपड़े बाँट रहा ये अनोखा बैंक, लोग कर रहे सराहना

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महोबा : देश का पहला रोटी बैंक शुरू करने वाले हाजी मुट्टन और उनकी रोटी बैंक टीम भूखों को भरपेट भोजन देती आ रही है. अब इसी बैंक ने इस वर्ष भी रोटी बैंक ने शीतकालीन उत्सव मानते हुए मोहताज और गरीबों को गर्म कपड़ों का वितरण किया. जनपद के जिला न्यायाधीश सहित सभी न्यायमूर्तियों ने उपस्तिथ होकर गरीब, मजबूरों को गर्म कपड़े दिए.

महोबा में हाजी मुट्टन ने रोटी बैंक संचालित कर भूखों को भर पेट रोटी देने की शुरुआत की. यह रोटी बैंक पेट की आग तो बुझा रही थी लेकिन निर्धन बीमारों को दवा और नंगे बदन को कपडे की जरुरत भी महोबा में बड़ी समस्या बनकर सामने आ गई. रोटी बैंक ने इसी जरुरत को महसूस कर पिछले वर्ष शीतकालीन उत्सव मनाकर गरीबों को तन ढकने के लिए कपड़ों का वितरण शुरू किया था. इस वर्ष भी आज शीतकालीन उत्सव मानाने के लिए जनपद से कई जरूरतमंदों को न्यौता भेजा. यहाँ जनपद न्यायाधीश ने गरीबों को गर्म कपड़े दिए.

जिला जज पीयूष चंद्र श्रीवास्तव द्वारा रोटी बैंक के इस कार्यक्रम में शामिल होने से बैंक के कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह भी देखने को मिला. इन कपड़ों को पाकर अंधे, विकलांग और मजबूरों के चेहरे पर सुकून की मुस्कान देखने को भी मिली. सभी ने रोटी बैंक की इस पहल की सराहना की और धन्यवाद भी दिया. रोटी बैंक संचालित कर रहे हाजी मुट्टन भी इस बैंक के कार्यक्रमों को अन्य जनपदों सहित पुरे भारत में फैलाये जाने की मंशा जाहिर करते हुए कहा कि रोटी बैंक का मकसद है कि देश में कोई भी भूखा न सोये और न ही इस ठंठ में कोई कपड़ों से महरूम रहे.

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