अयोध्या विवाद: सिब्बल की दलील के बाद टली सुनवाई, जज बोले, 8 फरवरी के बाद रोज करेंगे सुनवाई

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इलाहाबाद. सुप्रीम कोर्ट में अयोध्या में विवादित ढांचे को लेकर मंगलवार को सुनवाई के दौरान अगली सुनवाई के लिए 8 फरवरी की तारिख मुक़र्रर कर दी गई है.  3 जस्टिस की बेंच ने इस मामले की सुनवाई की। चीफ जस्टिस ने कहा कि 8 फरवरी के बाद इस मामले की सुनवाई नहीं टाली जाएगी। सुनवाई के दौरान सुन्नी वक्फ बोर्ड के वकील कपिल सिब्बल ने मामले की सुनवाई 2019 तक टालने की बात कही। सुन्नी वक्फ बोर्ड ने सभी दस्तावेज पूरे करने की मांग की है। न्यायालय  ने दायर दीवानी अपीलों में एडवोकेट्स ऑन रिकार्ड को निर्देश दिया कि वे एक साथ बैठकर यह सुनिश्चत करें कि सारे दस्तावेज दाखिल हों और उन पर संख्या भी लिखी हो। इस मामले को लेकर अब राजनीति और तेज हो गई है. गुजरात चुनाव में भी इस प्रकरण की गूँज सुनाई देने लगी है. अमित शाह ने तो कांग्रेस पर ही मंदिर के विरोध का आरोप लगा दिया है.

सिब्बल की यह थी दलील 

पीठ ने एक पक्षकार की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल के इस आग्रह को बहुत गंभीरता से लिया कि इन अपीलों पर अगले लोक सभा चुनाव के बाद जुलाई, 2019 में सुनवाई करायी जाए क्योकि मौजूदा माहौल अनुकूल नहीं है।

उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से अतिरिक्त सालिसीटर जनरल तुषार मेहता ने इस दलील का पुरजोर विरोध किया कि दस्तावेजों से संबंधित काम पूरा नहीं हुआ है। उन्होंने दावा किया कि हर चीज का अनुपालन किया जा चुका है और ये मामले सुनवाई के लिये तैयार हैं।

इलाहाबाद उच्च न्यायालय का यह था फैसला 

इलाहाबाद उच्च न्यायालय की तीन सदस्यीय पीठ ने 30 सितंबर 2010 को 2:1 के बहुमत से अपनी व्यवस्था में विवादित भूमि को तीनों पक्षकारों-सुन्नी वक्फ बोर्ड, निर्मोही अखाडा और भगवान राम लला के बीच बांटने का आदेश दिया था।

अमित शाह बोले, कांग्रेस बताये वह मंदिर के पक्ष में है या विरोध में 

अमित शाह ने कहा है की कांग्रेस अयोध्या में राम मंदिर के खिलाफ है. मंदिर के पक्ष में फैसला न हो जाये इसलिए वह सुनवाई को टालना चाहती है. कांग्रेस को साफ़ करना चाहिए की वह भगवान् राम मंदिर के पक्ष में है या विरोध में.

पढ़ें सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई का पल-पल का अपडेट और वकीलों की दलीलें-

3.45 PM: सुप्रीम कोर्ट में अयोध्या विवाद पर अगली सुनवाई 8 फरवरी, 2018 को होगी।

3.30 PM: अच्छी खबर यह है कि सुप्रीम कोर्ट ने हमारे द्वारा दिया गया फॉर्मूला मान लिया है: वसीम रिजवी, शिया वक्फ बोर्ड चेयरमैन

3.06PM: कपिल सिब्बल ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि जब भी मामले की सुनवाई होगी, कोर्ट के बाहर भी इसका गंभीर प्रभाव होगा। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए 15 जुलाई 2019 के बाद इस मामले की सुनवाई करें।

3.00 PM सुन्नी वक्फ बोर्ड के वकील कपिल सिब्बल ने 5 जजों की बेंच से सुनवाई की मांग की।
2.55pm: सुन्नी वक्फ बोर्ड के वकील कपिल सिब्बल ने 15 जुलाई 2019 के बाद सुनवाई की मांग की।

2.45PM: सुन्नी वक्फ बोर्ड के वकील कपिल सिब्बल ने ASG मेहता के दावों पर सवाल उठाए। कपिल सिब्बल ने कहा कि इतने कम समय में 19000 पन्नों के दस्तावेज कैसे जमा हुए? सिब्बल ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि उन्हें और अन्य याचिकाकर्ताओं को मामले से संबंधित दस्तावेज नहीं दिए गए हैं।

2.35PM: उत्तर प्रदेश राज्य का प्रतिनिधित्व कर रहे अडिशनल सॉलिसिटिर जनरल तुषार मेहता ने कपिल सिब्बल के सभी दावों को गलत बताया। मेहता ने SC से कहा, सभी संबंधित दस्तावेज और जरूरी अनुवादित कॉपियां जमा की जा चुकी हैं।

2.30 PM:सुप्रीम कोर्ट में अयोध्या में विवादित राम जन्मभूमि मामले की सुनवाई शुरू हो चुकी है। सुप्रीम कोर्ट के 3 जजों की स्पेशल बेंच इस मामले को सुन रही है।

2.27PM: सुप्रीम कोर्ट की तीन सदस्यों वाली बेंच से कपिल सिब्बल ने कहा कि सभी सबूत कोर्ट के सामने पेश नहीं किए गए।
2.22PM: बाबरी मस्जिद विवाद: वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल सुप्रीम कोर्ट के सामने इलाहाबाद हाई कोर्ट में पेश किए गए दस्तावेजों को पढ़ रहे हैं

2.16 PM: राम जन्मभूमि विवाद: सुप्रीम कोर्ट में शिया वक्फ बोर्ड ने विवादित स्थल पर मंदिर बनाए जाने का समर्थन किया।

2.10 PM चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अगुआई वाली बेंच कर रही है सुनवाई।

 

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