नॉमिनेशन के बाद कटा राकेश पाल का टिकट, घर के रहे न घाट के जैसी हुई स्थिति, अब राजनैतिक संकट में फंसा ये दिग्गज नेता

0
राकेश पाल राजनैतिक संकट में फंस गये हैं

जालौन/झाँसी : बुंदेलखंड में पाल समाज के दिग्गज नेता राकेश पाल माने जाने वाले राकेश पाल का जालौन की कालपी सीट से सपा ने टिकट काट दिया. उन्होंने सोमवार को सपा की ओर से कालपी सीट के लिए उरई में नॉमिनेशन भी कर दिया था. इसके बाद भी उनसे वापस झाँसी जाने को कह दिया गया. उनके बदले पहले ही नॉमिनेशन कर चुकी कांग्रेस की सिटिंग विधायक उमा कांति को चुनाव लड़ने के लिए हरी झंडी दे दी गयी. राकेश पाल अब राजनैतिक संकट में फंस गये हैं क्योंकि वह पहले ही बसपा से टिकट मांग रहे थे. वहाँ टिकट नहीं मिलने की स्थिति में वह सपा की ओर मुड़े, लेकिन यहाँ भी उनका पत्ता साफ़ हो गया.

पाल समाज के दिग्गज नेता माने जाने वाले झाँसी के पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष रहे राकेश पाल राजनैतिक मुश्किल में हैं. सोमवार को नामांकन के बाद समाजवादी पार्टी ने उन्हें कालपी से वापस झाँसी जाने का आदेश दे दिया. उनकी जगह कालपी से सिटिंग विधायक उमा कांति को गठबंधन का प्रत्याशी घोषित कर दिया गया. उमा कांति पहले ही कांग्रेस की ओर से नॉमिनेशन कर चुकी थीं. इसके बाद भी उन्हें सपा की ओर से नॉमिनेशन करने से नहीं रोका गया. दोनों में से राकेश पाल को बैठने का आदेश दिया गया.

बसपा से भी लगाई थी उम्मीद : इससे पहले राकेश पाल ने कालपी से बहुजन समाज पार्टी से टिकट की उम्मीद लगाई थी, लेकिन बसपा ने पहले इंद्र पाल चुर्खी को टिकट दिया. इसे देखते हुए सपा ने उनके सामने जातीय गणित फिट करते हुए पाल समाज के नेता राकेश पाल को खड़ा कर दिया. इसके बाद बसपा ने इंद्रपाल चुर्खी का ही टिकट काट दिया. बसपा द्वारा इन्द्रपाल का टिकट काटे जाने के बाद सपा ने नॉमिनेशन कर चुके राकेश पाल की भी छुट्टी कर दी. कालपी सीट से कांग्रेस प्रत्याशी को टिकट थमा दिया गया.

साख को लगा धक्का : पूरे जोश-खरोश के साथ चुनाव लड़ने गये राकेश पाल को वापस झाँसी लौटना पड़ रहा है. उन्होंने प्रचार प्रसार भी शुरू कर दिया था. सपा-बसपा और गठबंधन के बीच फंसे राकेश पाल के राजनैतिक करियर को बेहद ठेस पहुंची है. उनकी साख को धक्का लगा है.

 

LEAVE A REPLY