लॉक डाउन में महामारी को भेदकर सेवा दे रहे हैं रेलवे के...

लॉक डाउन में महामारी को भेदकर सेवा दे रहे हैं रेलवे के फ्रंट लाइन कर्मचारी

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झांसी। उत्तर मध्य रेलवे लॉकडाउन के दौरान देश के सभी हिस्सों में आवश्यक वस्तुओं की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए माल और पार्सल ट्रेनों का निरंतर परिचालन कर रहा है । इन कार्यों को निर्बाध रूप से निष्पादित करने के लिए मंडल के फ्रंटलाइन कर्मचारी इस महामारी के खिलाफ निडर होकर ईमानदारी के साथ जुटे हैं।

मंडल रेल प्रबंधक संदीप माथुर के निर्देशों का अनुपालन करते हुए, कार्यालयों में काम करने वाले बैक एंड समकक्षों द्वारा हमारे फ्रंटलाइन स्टाफ की सहायता की जा रही है। ये बैक-एंड सहयोगी सोशल डिस्टेंसिंग, आवश्यक स्वच्छता मानदंडों को सुनिश्चित करते हुए कोरोना वारियर्स की पहली पंक्ति में खड़े कर्मियों के सहयोग और आवश्यकताओं की देखभाल के लिए ऑनलाइन माध्यम से कार्यालयों व घर से दिन-रात काम कर रहे हैं।

लाइन में काम करने वाले विभागों ने अपने कर्मचारियों की स्थिति और आवश्यकताओं की मॉनिटरिंग के लिए विभिन्न पर्यवेक्षकों को खंडवार दायित्व दिए हैं। डिवीजनल कार्यालयों या महत्वपूर्ण स्टेशनों पर तैनात पर्यवेक्षकों को दूर के स्टेशनों, डिपो और यार्ड आदि में फ्रंटलाइन पदों पर काम करने वाले कर्मियों और उनके परिवारों की स्थिति और वेलफेयर की निगरानी करने की जिम्मेदारी दी गई है। ये पर्यवेक्षक फील्ड स्टाफ को ग्राउंड स्थिति और कार्यों के बारे में सूचित कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त उनको मोटिवेट करने के साथ ही आरोग्य सेतु ऐप डाउनलोड करने जैसी स्वास्थ्य संबंधी एडवाइजरी आदि के बारे में भी उन्हें नियमित रूप से अवगत कराया जा रहा है।

राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन की अवधि में ही वित्त वर्ष 2019-20 का समापन हुआ। इस अवधि में मंडल के वित्त और लेखा कार्यालय के कर्मचारियों ने ऑनलाइन माध्यम से काम जारी रखा तथा आवश्यक भौतिक दस्तावेजों के सत्यापन के लिए सीमित संख्या में कर्मचारी और अधिकारीगण कार्यालय आते रहे।

सीमित संख्या में कर्मियों के बावजूद वित्त और लेखा विभाग ने प्राथमिकता के आधार पर कोविड -19 से बचाव और प्रसार को रोकने की तैयारियों से संबंधित वित्तीय प्रस्तावों को सहमति दी जिसके फलस्वरूप झाँसी मंडल में कोविड-19 से संबंधित कार्यो हेतु लगभग रु 6.21 करोड़ की राशि स्वीकृत की जा चुकी है। कोविड -19 से संबंधित दवाओं, हाइजीन, आईसोलेशन सुविधाओं आदि से संबंधित आपूर्ति के सभी बिलों के भुगतान को प्राथमिकता से पास किया जा रहा है एवं अब तक लगभग 14 लाख रुपये इस कार्य हेतु मंडल में खर्च किये जा चुके हैं।

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