राहुल गांधी: पिताजी की मृत्यु के बाद आज हमने अपनी मां को रोते देखा है..

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#बुंदेलखंड खबर @FB Live
नई दिल्ली. कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई के निधन पर एक के बाद एक भावुक पोस्ट डाले हैं. अपने ताज़ा पोस्ट में राहुल गांधी ने अपनी मां सोनिया गांधी के दुख का का जिक्र करते हुए लिखा है, पिताजी की मृत्यु के बाद आज हमने अपनी मां को रोते देखा है..
राहुल लिखते हैं कि यह उनके लिए बेहद भावुक क्षण है. कम से कम श्रीमती सोनिया जी के लिए . दोनो एक दूसरे के प्रति बड़ी ईमानदारी से अपने अपने कर्तव्य का निर्वहन करते रहे हैं वो यादें खुल गयी होंगी ,आंख नम हुई होगी ,निश्चित रूप से  याद आया होगा वह पल जब सारा विपक्ष श्रीमती सोनिया गांधी को विदेशी बोल कर राजनीति से बाहर फेंकने में जुटा था.
यहां तक कि उनके अपने संगठन के एक हिस्सा भी विरोधी बन चुका था तब सोनिया जी अकेली थी . उस समय अगर किसी ने खुल कर श्रीमती सोनिया गांधी का साथ दिया तो वो अटल जी थे . और इसका खुलासा किसी और ने नही किया ,खुद अटल जी ने ही किया . मीडिया ने जब अटल जी से पूछा आप श्रीमती सोनिया गांधी के विदेसिमूल पर चुप हैं ? अटल जी भरे गले से बोले हम उन्हें विदेशी कैसे बोल सकते हैं .
तकनीकी तौर पर अब वे विदेशी नही हैं भारत की नागरिक हैं इसके अलावा भी कुछ धर्म है उसका निर्वहन जिस तरह से श्रीमती सोनिया जी ने किया है कोई दूसरा नही कर सकता ,और अगर कर भी देता तो पूरा ढिढोरा पीटता . पर वे चुप रहीं आज तक चुप हैं । मैं बीमार था , इलाज के लिए अमरीका जाना ही था पर पैसे की दिक्कत थी , उस समय राजीव जी प्रधानमंत्री थे उन्हें कहीं से मालूम हो गया ।
दो बार सोनिया जी को हमारा हाल चाल लेने घर भेजा । फिर विदेश भेजे बहाने से । और दोनो ने एक शब्द भी इस पर नही बोला । इन्हें हम कैसे विदेशी बोल दे?
सियासत में ये रिश्ते विलुप्त हो रहे हैं । आखिरकार सोनिया जी एक माँ भी तो हैं ,। करुणा है । आंसू बन कर निकल आया..
इसके साथ ही राहुल ने अटल बिहारी की सादगी की तस्वीरों को भी साझा किया और लिखा। उनको देखकर मैंने समझा कि पहले के नेता इसी सादगी से जीते थे।
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-साभार पंकज चतुर्वेदी की वॉल से..

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