पुअर थिएटर के कलाकारों द्वारा, कफन नाटक का सजीव मंचन

पुअर थिएटर के कलाकारों द्वारा, कफन नाटक का सजीव मंचन

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फोटो- प्रभात साहनी

@राम नरेश यादव

झांसी. वीरांगनाओं के शहर झांसी में महारानी लक्ष्मीबाई के किले की तलहटी के नीचे। पुअर थिएटर के आर्टिस्टों ने मुंशी प्रेमचंद्र की जयंती के अवसर पर उनकी सबसे लोकप्रिय कहानियों में से एक ‘कफन’ का मंचन किया।

यहां देवदत्त बुधौलिया के संचालन में हो रहा था मंचन। जिसमें कफन के पात्र पिता व पुत्र घीसू और माधव की अमानवीयता को दिखाया गया। आर्टिस्ट पूरी एक पीढ़ी की वेदना को दर्शा रहे थे।


जिसमें माधव की गर्भवती पत्नी बुधिया झोपड़ी में पीड़ा से तड़प रही थी। वहीं, पिता और पुत्र दोनों चीखे सुनने के बाद उसके मरने का इंतजार कर रहे थे। दोनों की इस क्रूरता के कारण गांव वाले भी उन्हें पसंद नहीं करते थे। महिला की मौत के बाद घड़ियाली आंसू बहा कर पति और ससुर ने गांव वालों से रुपए इकट्ठे कर लिए और कफ़न लेने की बजाए उन्होंने शराब की बोतल खरीद ली। रोते रहे और शराब पीते रहे।

कफन के मंचन को शीलू पंडित और बृजेश मौर्या ने अपने अभिनय से सराबोर कर दिया।  मंचन शुरू होने से लेकर खत्म होने तक लक्ष्मी बाई पार्क में लोगों की भीड़ का तांता लगा रहा। इस मौके पर मॉडल काजल कुशवाहा और बुंदेली एक्ट्रेस सिमरन कौर मौजूद रहीं।

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