छतरपुर में टुकड़ों में कटे मिले करोड़ों के पुराने नोट, गोले बनाकर कचरे में फेंके

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छतरपुर. नोट्बंदी को तो अब लम्बा समय हो गया है. प्रधानमंत्री ने इसे इसलिए लागू किया था कि इससे कालाधन वापस आएगा. लेकिन नोटबंदी को तो रिज़र्व बैंक ने ही फेल करार देते हुए घाटे का फैसला बता दिया है. फिलहाल पुराने नोट तो बैंक में जमा नहीं कराये जा सकते हैं पर बुंदेलखंड के छतरपुर में पुराने नोटों की कतरन बोरियों में मिली है. लोगों ने नोटों की कतरन के लड्डू बनाकर यहाँ कचरे के ढेर में फेंक दिया था.    रिलायंस पेट्रोल

पंप के पास जो नोट की कतरन मिली वह लाखों में थी. सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने देखा कि नोट और कतरनों के साथ लड्डू के रूप में नोट 4 बोरियों

में भर कर कचरे के ढेर में फेंके गए थे। पुलिस इसे नोटबंदी के दौरान छिपाया गया काला धन मान कर फेंकने वालों की तलाश में जुट गई है।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार छतरपुर में नौगांव रोड पर रिलायंस पेट्रोलपंप के पास लगे कचरे के ढेर में लड़्डू बनाकर कर 4 बोरियों में भरे 1000 व 500 के नोट मिले हैं। एक राहगीर ने Dial-100 को सूचना दी तो मौके पर छतरपुर CSP राकेश शंखवार पुलिस व फोरेंसिक टीम के साथ पहुंचे। पुलिस टीम को मौके पर चार बोरियां मिलीं, जिनमें पुराने कागजों की लुग्दी से बने लड़़्डू भरे हुए थे। बोरियां खोल कर देखीं तो पुलिस भी चौंक गई, दरअसल लड्डू पुराने नोटों के बने हुए थे। बोरी उलटने पर नीचे कतरनें भी मिलीं जो 1000 व 500 के बंद हो चुके नोटों की थीं। पुलिस ने कचरे के ढेर में मिली नोटों की कतरने और लड्डुओं से भरी चारों बोरियां जब्त कर ली हैं। पुलिस की एक टीम SBI भेजी गई जहां नोटो के सीरियल औऱ नंबरों को जोड़ कर यह पता लगाया जाएगा कि नोट किसके लिए इश्यू कि गए थे। फिलहाल पुलिस मामले कती जांच में जुटी हुई है।

कुछ साल पहले अम्जरा घाटी से भी मिली थीं नोटों की कतरन

कुछ साल पहले सागर ललितपुर रोड पर अम्जरा घाटी के पास से इसी तरह नोटों की कतरन बोरों में भरी मिलीं थीं. उस समय पुलिस ने इसको लेकर जाँच शुरू की थी. जाँच के साथ यह राज भी दफ़न हो गया था कि वहां नोटों की कतरन कहाँ से आई और किसने फेंकी है.

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