सिंधिया समर्थक इन विधायकों की गई सदस्यता, 6 मंत्रियों के बिना ऐसी होगी विधानसभा की तस्वीर

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भोपाल। मध्यप्रदेश कांग्रेस में सरकार बचाने और भाजपा में सरकार गिराने को लेकर जोर आजमाइश जारी है। इन्हीं सियासी रणनीतियों के बीच विधानसभा अध्यक्ष एनपी प्रजापति ने 6 विधायकों का इस्तीफा मंजूर कर लिया है। विधानसभा अध्यक्ष एनपी प्रजापति ने कहा है कि इन विधायकों का आचरण अयोग्य पाया गया है जिसके बाद यह इनका इस्तीफा मंजूर कर लिया गया है। इन विधायकों ने वीडियो जारी कर इस्तीफा देने की बात कही थी।
विधानसभा अध्यक्ष एनपी प्रजापति ने बताया कि तुलसी सिलावट, प्रद्युमन सिंह तोमर, महेंद्र सिंह सिसोदिया, गोविंद सिंह राजपूत, प्रभुराम चौधरी औऱ इमरती देवी का इस्तीफा मंजूर किया गया है। बता दें कि ये सभी 6 विधायक कमलनाथ सरकार में मंत्री थे जो कि ज्योतिरादित्य सिंधिया के कट्टर समर्थक माने जाते हैं, ये भी सिंधिया समर्थक विधायकों के साथ ही बेंगलुरू में ठहरे हुए हैं।

विधानसभा स्पीकर नर्मदा प्रजापति ने कहा कि इन विधायकों ने मंत्री रहते सोशल मीडिया और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया पर जो बयान दिए, इनके आचरण के और पद और गोपनीयता के विरुद्ध था। इसके अलावा विधायकों को तय समय पर बुलाया परंतु मीडिया पर बयान देते नजर आए और मेरे समक्ष उपस्थित नहीं हुए। उनके आचरण नियम विरुद्ध थे इसलिए इन 6 विधायकों के इस्तीफे मंजूर किए गए। ये इस्तीफे 10 मार्च 2020 की स्थिति में स्वीकार किए जाते हैं।

कमलनाथ ने अमित शाह को लिखा पत्र
कमलनाथ ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर बेंगलुरु से विधायकों को वापस भोपाल लाए जाने के लिए केंद्रीय सुरक्षा बल की मांग की है। वहीं कांग्रेस ने विधायकों के लिए व्हिप जारी किया है, और कहा है कि विधायकों को नियमों का पालन करना होगा, जो विधायक व्हिप का पालन नहीं करेगा उस पर नियम अनुसार कार्रवाई होगी। साथ ही कहा है कि साल का पहला सत्र है, पहले राज्यपाल का अभिभाषण होने दें उसके बाद हम फ्लोर टेस्ट के लिए तैयार हैं।

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