BJP के इस मेयर ने मांगी कांट्रेक्टर से रिश्वत, ऑडियो वायरल होने के बाद वित्तीय अधिकार सीज, FIR दर्ज, बुंदेलखंड में पहली बड़ी कार्रवाई

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भोपाल. बुंदेलखंड के सागर जिले में बीजेपी के महापौर को ठेकेदार से रिश्वत मांगना भारी पड़ गया है. काम के बदले एक कांट्रेक्टर से 10 लाख रूपये के भुगतान के एवज में बतौर कमीशन रिश्वत मांगने का ऑडियो वायरल होने के बाद ईओडब्ल्यू ने सागर नगर निगम के मेयर अभय दरे के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है। उन पर  ठेकेदार संतोष प्रजापति से 25 फीसदी कमीशन मांगने का आरोप है। ठेकेदार और मेयर के बीच कमीशन को लेकर हुई बातचीत का ऑडियो जांच में सही पाया गया है। जांच अधिकारी व नगरीय विकास आयुक्त विवेक अग्रवाल ने इसके बाद मेयर के वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार भी छीन लिए हैं और जांच रिपोर्ट शासन को भेज दी। यह बुंदेलखंड का पहला मामला है जिसमें किसी मेयर के न सिर्फ वित्तीय अधिकार छीने गए बल्कि FIR भी दर्ज करा दी गई .
 सागर नगर निगम के मेयर अभय दरे बीजेपी के कद्दावर नेताओं में गिने जाते हें . कद बढ़ने के बाद अभय के कई स्थानीय नेताओं से भी रिश्ते बिगड़ते रहे हें. बताते हें कि सागर के विधायक शेलेन्द्र जैन से भी उनके रिश्ते बिगड़े रहे हें और ऐसे में ठेकेदार से 10 लाख के भुगतान के मामले में 25 प्रतिशत कमीशन मांगने पर उनके खिलाफ कानून का शिकंजा कास गया . घूस मांगने का ऑडियो वायरल हो गया और जाँच में उसके सही होने की भी पुष्टि हो गई. दूसरी ओर विभाग के प्रमुख सचिव मलय श्रीवास्तव ने जांच रिपोर्ट के आधार पर मेयर को हटाने की कार्यवाही प्रारंभ कर दी है। विभागीय मंत्री माया सिंह के प्रशासकीय अनुमोदन के बाद नगर निगम अधिनियम की धारा 19 (ख) के तहत मेयर को नोटिस जारी कर 21 मार्च तक जवाब मांगा गया है। जवाब से विभाग असंतुष्ट रहता है तो उन्हें हटा दिया जा
संभवत: प्रदेश का यह पहला मामला है, जब मेयर को पद का दुरुपयोग करते हुए अनियमितता के कारण हटाया जाएगा। जानकारी के मुताबिक गुरुवार को मेयर और ठेकेदार से जांच अधिकारी विवेक अग्रवाल ने बंद कमरे में अलग-अलग पूछताछ की थी। इसी के बाद यह कार्रवाई हुई।
 
ऐसे हटाया जा सकता है मेयर को
मेयर को दो तरह से पद से हटाया जा सकता है। एक तो पार्षद मिलकर मेयर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लेकर आएं। इसके बाद ‘रीकॉल’ की प्रोसेस अपनाई जाती है। दोबारा वोटिंग होती है। दूसरा, मेयर ने यदि पद का दुरुपयोग किया है या अनियमितता की है तो सुनवाई का मौका देने के बाद मंत्री के प्रशासकीय अनुमोदन से उन्हें सीधे हटाया जा सकता है।
डेढ़ साल पहले का कमीशन मांगने का ऑडियो 21 फरवरी को वायरल हुआ था
डेढ़ साल पहले कमीशन मांगने का यह ऑडियो 21 फरवरी को सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। इसमें मेयर व निगम के ठेकेदार के बीच जेसीबी से नाला सफाई के काम के 10 लाख के भुगतान के बदले 25% कमीशन की चर्चा रिकॉर्ड है। जांच में पुष्टि हुई कि बातचीत उन्हीं दोनों के बीच की है।

 

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