अभी टूटा नहीं है माया-अखिलेश का गठबंधन, ये है बुआ का सियासी...

अभी टूटा नहीं है माया-अखिलेश का गठबंधन, ये है बुआ का सियासी मकसद

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मा यावती की ओर से अकेले सभी 11 सीटों पर चुनाव लड़ने की घोषणा ने सपा प्रमुख अखिलेश को गहरा झटका दिया. बसपा के इस तगड़े वार पर अखिलेश अभी खामोश हैं. लेकिन क्या है मायावती की मजबूरी. यह भी समझ लीजिए इस लेख में।


#राशि राय

लखनऊ। सोमवार को बसपा प्रमुख मायावती के नाम का संदर्भ देकर एक खबर आई कि उन्होंने सपा से गठबंधन तोड़ दिया है. इसके पीछे मायावती का आरोप रहा कि सपा का वोट बसपा को ट्रांसपर नहीं हुआ. शिवपाल ने यादव वोट कटवा दिए. इसलिए उनकी पार्टी को नुकसान हुआ है। अब वह आने वाले विधानसभा चुनाव में अकेले सभी 11 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। लेकिन बसपा की बैठक में मौजूद नेता इसके कुछ और भी मायने बता रहे हैं।

लखनऊ के वरिष्ठ पत्रकार प्रांशु मिश्रा अपनी FB वाल पर लिखते हैं ‘कुछ पत्रकार साथियों के ‘सूत्र’ आज सुबह से सपा-बसपा गठबंधन टूटने की खबरें चला रहे हैं.. दरअसल बंद कमरे के भीतर मायावती की इस टिप्पणी को, कि बसपा आने वाले वक्त में विधानसभा के उपचुनाव लड़ेगी, को कुछ साथियों ने गठबंन्धन टूटने के संकेतों के रूप में प्रोजेक्ट करना शुरू कर दिया..
यह विश्लेषण ठीक नहीं है. इसकी वजह है’.

  1.  उपचुनाव लड़ना बसपा की स्थापित लाइन से अलग जरूर है, लेकिन इससे यह निष्कर्ष कैसे कि गठबंधन का भविष्य नहीं है. कुछ सीटों पर बसपा का लड़ना स्वाभाविक है..मसलन अम्बेडकर नगर, बसपा विधायक रीतेश अब सांसद हैं../ टूंडला सीट जहां पिछले विधान सभा चुनाव में बसपा को सपा से अधिक वोट मिले थे..
  2.  जिन नेताओ से मेरी बात हुई उन्होंने बताया कि मायावती ने मीटिंग में अखिलेश और सपा की तारिफ की और गठबंधन को नुकसान के लिए कांग्रेस और शिवपाल फैक्टर को जिम्मेदार ठहराया.
  3. चुनाव के तुरंत बाद 23 मई की शाम को जो प्रेस नोट बसपा ने जारी किया था उसमें मायावती ने साफ तौर पर अखिलेश और सपा की तारीफ की थी.. कहा था कि गठबंधन बढ़िया ढंग से काम किया है और कहा था कि भविष्य में गठबंधन पार्टियां मिलकर आगे की रणनीति तय करेंगी..
  4. सपा-बसपा दोनों के अंदर यह समझ भी है कि अगर गठबंधन न होता तो शायद दोनों दलों का खाता भी न खुलता. गठबंधन की 15 सीट को अगर इस नज़रिये से देखिए कि पूरे देश में न तो कांग्रेस, न लेफ्ट, न ममता, न शारद पवार और न लालू भाजपा से लड़ पाए..तो आप गठबंधन में इतनी जल्दी गांठ पड़ जाने का दावा करने की गलती नहीं करेंगे…

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