राजेश खन्ना से डरकर गांधीनगर पहुंचे थे आडवाणी, इस तस्वीर में कुछ इस तरह नजर आ रहे मोदी शाह

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बुंदेलखंड खबर

नई दिल्ली। 1991 का लोकसभा चुनाव , जब लालकृष्ण आडवाणी नई दिल्ली से लोकसभा का चुनाव लड़ रहे थे । कांग्रेस ने उनके खिलाफ बॉलीवुड के सुपर स्टार राजेश खन्ना को चुनावी मैदान में उतार दिया । पार्टी और संघ के आंतरिक रिपोर्ट से आडवाणी जी को यह पता लग गया कि राजेश खन्ना के खिलाफ चुनाव जीतना बहुत मुश्किल है इसलिए आडवाणी ने एक और सीट से लड़ने का फैसला किया और वो सीट थी गुजरात की गांधीनगर सीट।

आनन-फानन में सारी व्यवस्था की गई । आडवाणी गुजरात पहुंचे और नामांकन दाखिल किया। पार्टी की रिपोर्ट बिल्कुल ठीक थी । राजेश खन्ना ने राम मंदिर आंदोलन के दिग्गज नेता को कड़ी टक्कर दी और आडवाणी बड़ी मुश्किल से महज थोड़े ही अंतर से नई दिल्ली सीट जीत पाये ।

यही वजह रही कि दुखी आडवाणी ने जीतने के बाद भी नई दिल्ली सीट से इस्तीफा दे दिया और गांधीनगर सीट पर बतौर सांसद रहे। कुल मिलाकर आडवाणी इस सीट से 6 बार सांसद चुने गए।

यह आडवाणी के ही नामांकन की तस्वीर है जिसमें नरेन्द्र मोदी उनके बगल में बैठे है और अमित शाह कोने में पीछे खड़े है। इस बार आडवाणी की बजाय अमित शाह बीजेपी उम्मीदवार के तौर पर उसी गांधीनगर से चुनाव लड़ने जा रहे है।

इसे कुछ लोग नकारात्मक भावना में आडवाणी युग का अंत भी कह सकते हैं , लेकिन इसके सकारात्मक पक्ष को भी देखिए कि महज अपनी योग्यता और क्षमता के बल पर पीछे खड़े होने वाला व्यक्ति आज इस मुकाम तक पहुंचा है।

यह पल राजनीति के इतिहास में ऐतिहासिक है.

संतोष पाठक के फेसबुक वॉल से ….

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