रहस्य बन गई ललितपुर के किसान राजपाल की मौत, सिर पर थीं गंभीर चोटें, पुलिस बोली शराब से मरा

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ललितपुर: थाना नाराहट क्षेत्र अंतर्गत ग्राम गौना निवासी रजपाल की मौत का रहस्य विधानसभा चुनाव के शोर में दबकर रह गया है। परिजन जहां घटना को खेत पर ठण्ड से मौत करार दे रहे हैं, वहीं पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृतक के सिर में गम्भीर चोटों के निशान पाए गए, हत्या की ओर इशारा कर रहे हैं। नाराहट पुलिस चुनावी जिम्मेदारियों में व्यस्त होने
का वास्ता देकर इस गम्भीर मामले से पल्ला झाड़ती नजर आ रही है।
थाना नाराहट अंतर्गत ग्राम गौना निवासी रजपाल (32) पुत्र हुकुम सिंह निरंजन पिछले पखवाड़े अपने खेत पर गेंहूं की
फसल की रखवाली को गया था, दूसरे दिन परिजनों ने थाना नाराहट पुलिस को सूचना देकर बताया कि सुबह चार बजे
परिजन खेत पर पहुंचे तो रजपाल को ठण्ड से अकड़ा पाया। आनन – फानन में उसे खेत से घर ले जाया गया, जहां
आग जलाकर उसके शरीर को तपाया गया, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ और घर पर ही रजपाल की मौत हो गई।
इसके बाद नाराहट थाने में तैनात दारोगा लक्ष्मीनारायण तिवारी ने हमराह राजाराम एवं जालम के साथ मौका –
मुआयना किया तथा पंचनामा भरकर मृतक के शव को पोस्टमार्टम गृह भिजवा दिया था। सूत्रों के अनुसार
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में रजपाल की मौत के चौंकाने पर रहस्य उजागर हुए थे। मृतक के सिर में गम्भीर चोटें पाई गईं
थी। इतना ही नहीं, एक चोट तो इतनी घातक पाई, जिससे सिर फट गया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चोटों की पुष्टि
होने के बाद नाराहट थानाध्यक्ष रामबाबू यादव ने यह कहकर कहानी को मोड़ देने का प्रयास किया कि प्रारम्भिक जांच
में पता चला कि मृतक शराब पीने का आदी था और घटना से पहले उसे उठते – गिरते देखा गया था, लेकिन सिर में
आई एक से अधिक चोटों के सवाल पर नाराहट थानाध्यक्ष ने नये सिरे से मामले की जांच कराने का दावा किया था,
लेकिन विधान सभा चुनाव की जिम्मेदारियों का वास्ता देकर इस गम्भीर मामले को ठण्डे बस्ते में डाल दिया गया है,
वहीं इस सम्बन्ध में क्षेत्राधिकारी नाराहट कल्याण सिंह का कहना है कि चुनावी ड्यूटि में गैर जनपद में व्यस्त रहने
की वजह से गौना निवासी युवक की मौत की पोस्टमार्टम रिपोर्ट का अध्ययन नहीं किया जा सका है। ऐसे हालातों में
उसकी मौत का रहस्य चुनावी शोर में दबता नजर आ रहा है।
नाराहट पुलिस की कार्रवाई पर सवाल?
गौना निवासी युवक की मौत के मामले में मौका – मुआयना को गए नाराहट पुलिस कर्मियों की कार्रवाई पर भी सवाल
उठ रहे हैं, क्योंकि पंचनामा के दौरान पुलिस कर्मियों की ओर से मृतक के शरीर में चोटों का कोई जिक्र नहीं किया गया
था, बल्कि परिजनों की राय पर इत्तेफाक जताते हुए ठण्ड से मौत की सम्भावना व्यक्त करके कार्रवाई की इतिश्री कर
ली गई।

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