गरौठा विधायक के बेटे की पुलिस पिटाई पर BJP नेताओं की चुप्पी...

गरौठा विधायक के बेटे की पुलिस पिटाई पर BJP नेताओं की चुप्पी न बन जाये अनुराग की हार का कारण, लोध नाराज

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@ राशि राय
झांसी। उत्तर प्रदेश में लोध समाज के प्रतिनिधित्व को सीमित करने के बाद अब लोध समाज के जनप्रतिनिधियों के शोषण की घटनाओं पर आक्रोश पनप रहा है। झांसी जिले में विधायक जवाहर लाल राजपूत के बेटे को पुलिस चेकिंग के दौरान हुए वाद- विवाद के बाद पीट दिए जाने और फिर उसके बाद मुकदमा दर्ज किए जाने को सामाजिक स्तर पर पुलिस उत्पीड़न माना जा रहा है ।

लोध समाज घटनाक्रम के बाद BJP नेताओं की चुप्पी को लेकर हैरान है । वह इसलिए कि एक विधायक के बेटे को सरेआम पीट दिया जाए, और पीटने वाले के खिलाफ कोई कार्रवाई हुए बिना पिटने वाले पर ही मुकदमा भी लिख जाए। भाजपा की यह चुप्पी अनुराग शर्मा का गणित बिगाड़ देने के लिए काफी है।

दरअसल, 7 अप्रैल को गरौठा विधायक जवाहर राजपूत के बेटे राहुल राजपूत को गुरसरांय पुलिस ने रोककर तलाशी की। आरोप है कि वाहन की तलाशी के बाद पुलिस ने राहुल से अभद्रता की। इस दौरान राहुल राजपूत और पुलिस के बीच तीखी बहस हुई। बहस का वीडियो भी वायरल हो गौए। राहुल की मानें तो वीडियो पुलिस ने ही बनाया और एडिट कर वायरल कर दिया। एक वीडियो में राहुल और पुलिस के बीच बहस गालीगलौज और दूसरे में राहुल की पिटाई की जा रही है।

राहुल राजपूत कहते हैं, ‘ मुझे चेकिंग कराने के बाद पुलिस ने पीटा है। पुलिस ने ही गालियां देकर हमें सार्वजनिक रूप से बे इज्जत किया गया जिसके बाद आवेश में हमारे द्वारा भी विरोध किया गया। राहुल की मानें तो पुलिस का पहले से ही तय एजेंडा था, जिसके चलते उसे मारा पीटा गया।’

घटना के बाद विधायक भी थाने पहुंच गए थे। वार्ता के बाद पुलिस ने जवाहर राजपूत के बेटे को छोड़ दिया, लेकिन बाद में बेटे के खिलाफ संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिए। इसके साथ ही विधायक जवाहर राजपूत के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज करा दिया गया। जवाहर राजपूत उनके खिलाफ दर्ज हुए मुकदमे को पूरी तरह से गलत बता रहे हैं। इधर लोध समाज के लोग भी इस घटना पर खासे नाराज बताए जा रहे हैं।


BJP नेताओं ने क्यों नहीं दिया अपने विधायक का साथ..

गुरसरांय थाने की पुलिस विधायक के बेटे को दौड़ा दौड़ा कर पीते और BJP के नेता इस पर चुप्पी साध लें, इससे बड़ी हैरानी की बात और क्या होगी। जो वीडियो वायरल हुआ है उसमें पुलिस विधायक के बेटे राहुल की पिटाई कर रही है। अब सवाल यही है कि आखिरकार पुलिस को किसी को पीटने का अधिकार किसने दिया। राहुल ने पिता का परिचय दिया तब भी पुलिस ने उसे मारना पीटना नहीं छोड़ा। इस घटना के बाद BJP के नेता और विधायकों की चुप्पी बहुत कुछ कहती है। इससे पार्टी के भीतर की गुटबाजी का भी संदेश गया है जो लोकसभा चुनाव पर भी गहरा असर डाल सकती है। लोध समाज के कई लोगों ने इसे पुलिस उत्पीड़न बताया है।

घटना पर अनुराग की चुप्पी का क्या होगा असर
जिले के इकलौते लोध विधायक जवाहर राजपूत के बेटे के साथ घटी इस घटना पर झांसी से BJP प्रत्याशी अनुराग शर्मा की चुप्पी के भी कई मायने निकले जा रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि या तो अनुराग शर्मा राजनीति में नवजात शख्सियत हैं या फिर वह खुद कोई फैसला लेने में बेहद कमजोर हैं। झांसी लोकसभा की जिस सीट से लोध प्रत्याशी उमा भारती ने प्रतिनिधित्व किया है वह उस जाति के असर को बेहद कम आंक रहे हैं।


पत्रकार SS झा कहते हैं, झांसी सीट पर लोध समाज कुशवाहा में मुकाबले सबसे निर्णायक स्थिति में है। 2009 में जब लोध नाराज हुआ था तो यहां प्रदीप जैन आदित्य की जीत की राह आसान हो गई। इस बार भी यदि कल्याण सिंह के नाराजगी के दौर जैसे हालात बन गए तो सिर्फ मोदी लहर के आसरे किला फतह होना मुमकिन नहीं होगा।

उमा भारती के सामने उठ सकता है मुद्दा

गरौठा विधायक के खिलाफ आचार संहिता का मुकदमा और पुलिस उत्पीड़न का शिकार हुए उनके बेटे का मुद्दा उमा भारती के सामने भी उठ सकता है। BJP नेताओं की चुप्पी पर उमा भारती से सवाल पूछे जा सकते हैं। उमा भारती लोध समाज की सबसे बड़ी नेता हैं। वह इस घटना पर क्या कहेंगीं इस पर सभी की नजर होगी।

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