मध्य प्रदेश: बीजेपी के विज्ञापन में ब्राह्मणों का अपमान !

मध्य प्रदेश: बीजेपी के विज्ञापन में ब्राह्मणों का अपमान !

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BJP add. file photo

ज्योति शर्मा-


शिवराज सिंह चौहान एक बार आरक्षण के मुद्दे पर सवर्णों को माई का लाल कह
कर नाराज कर चुके हैं। इस बार उन्होंने अपने अधिकांश विज्ञापनों में अपनी
उपलब्धियां गिनाते ‘महाराज’ शब्द के जरिए एक वर्ग विशेष पर निशाना साधा है।
ब्राह्मणों को लगता है कि यह उनको अपमानित करने के मकसद से किया गया है।
क्या शिवराज को लगता है कि ब्राह्मणों को टारगेट कर ही उनको पिछड़े और
दलितों के वोट हासिल हो सकते हैं।


भोपाल। ‘महाराज’ यानि ब्राह्मण, लेकिन यही वह नाम है जिसको अपमानित हुए
शिवराज सिंह चौहान मध्य प्रदेश में चौथी बार सरकार बनाना चाहते हैं। हो
सकता है कि इसके पीछे भाजपा की मंशा दलित और पिछड़ों को अपनी ओर पूरी तरह
से खींचने की रही हो, लेकिन यह ब्राह्मणों खटक रहा है। उनका कहना है कि
भाजपा के विज्ञापन के बाद लोग ब्राह्मणों को ‘महाराज’ शब्द से संबोधित करते
हुए मजाक उड़ाने लगे हैं। इससे ब्राह्मण समाज को अपमान का घूंट पीना पड़
रहा है।

ब्राह्मणों ने ऐसा कौन सा गुनाह किया है जो उनके अखबारों के पहले
पन्ने से लेकर हर टीवी चैनल पर नाम से संबोधित कर नीचा दिखाया जा रहा है।
इस विज्ञापन को जारी करने के पीछे भाजपा सरकार और शिवराज की आखिर क्या
मंशा रही है ? क्या इसे इसलिए तैयार किया गया है क्योंकि राहुल गांधी ने
जनेऊ पहनकर खुद को ब्राह्मण के तौर पर उभारने की कोशिश की है ? फिलहाल कई
ब्राह्मण संगठनों के साथ बुद्धिजीवियों ने इस पर कड़ा ऐतराज जताया है।

  • maf karo maharaj-2
    मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव का प्रचार अब अंतिम दौर में है। ऐसा पहली बार
    देखा जा रहा है जब मध्य प्रदेश में चुनाव विकास से ज्यादा व्यक्तिगत हमले
    किए जा रहे हैं। कहीं धर्म तो कहीं जाति को लेकर बयानबाजी का दौर जारी
    है। अब सबसे बड़ा विवाद भाजपा की ओर से जारी किए गए विज्ञापन को लेकर
    शुरू हो सकता है। क्योंकि बीजेपी की ओर से 15 साल की उपलब्धियां गिनाते
    हुए जो विज्ञापन जारी किया गया है उसके अंत में एक व्यक्ति आकर यही मैसेज
    देता है कि ‘माफ करो महाराज, अपना नेता तो शिवराज’।
  • दरअसल, ‘महाराज’ ब्राह्मणों को ही कहते हैं। यह ब्राह्मणों के सम्मान का
    सूचक भी है। देशभर में इसे लोग ब्राह्मण को सम्मान के साथ संबोधित करते
    हुए कहते हैं, लेकिन अब यह बात समझ से परे है कि शिवराज सिंह चौहान ने इस
    विज्ञापन में ‘महाराज’ को अपमानित किए जाने के अंदान में क्यों शामिल किया
    है?

दिल्ली यूनिवर्सिटी की स्टुडेंट और समाजसेवी #पंखुड़ी पाठक ने इस पर कड़ा
ऐतराज जताते हुए कहा है, बीजेपी की ओर से जारी किया गया विज्ञापन
दुनियाभर के ब्राह्मण समाज का अपमान है। महाराज शब्द का संबोधन
ब्राह्मणों के सम्मान से जुड़ा है। लेकिन बीजेपी ने ब्राह्मणों का अपमान
किया है। इस पर चुनाव आयोग को संज्ञान लेना चाहिए क्योंकि यह एक वर्ग
विशेष का सार्वजनिक अपमान है। ब्राह्मणों को इस पर शिवराज सिंह की निम्र
सोच को सबक सिखाने के लिए तैयार हो जाना चाहिए।

  • अखिल भारतीय ब्राह्मण समाज के प्रदेश अध्यक्ष पुष्पेंद्र मिश्रा  का कहना
    है कि ये मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की आछी राजनीति का परिचायक है।
    इस पर वह माफी मांगें नहीं तो ब्राह्मण उन्हें इस चुनाव में सबक सिखाने
    उतर पड़ेगा। वहीं ब्राह्मण समाज के प्रदेश मीडिया प्रमुख श्याम मिश्रा का
    कहना है कि शिवराज सिंह चौहान ने विज्ञापन के जरिए ब्राह्मणों के सम्मान
    को ठेस पहुंचाई है। यह अपमान है और इसके खिलाफ हम शीघ्र ही विरोध
    प्रदर्शन करेंगे।maf karo maharaj-5कमलनाथ का वीडियो मुद्दा बना, तो शिवराज का विज्ञापन क्यों नहीं
    सी पी जोशी द्वारा जाति को लेकर दिए बयान और कमलनाथ के बयान को BJP के खूब भुनाया. हाल ही में कमलनाथ का जो कथित वीडियो वायरल हुआ था उसमें वह मुस्लिमों से
    90 प्रतिशत वोट करने की अपील कर रहे थे। जाहिर तौर पर इसमें किसी जाति
    विशेष या धर्म के अपमान जैसी कोई बात मोटे तौर पर नहीं दिखी। लेकिन,
    शिवराज सिंह सरकार ने चौथी बार सरकार बनाने के लिए जो विज्ञापन जारी किया
    है उसमें ‘महाराज’ यानि ब्राह्मणों का नाम लेकर कहा जा रहा है कि ‘माफ करो
    महाराज, अपना नेता तो शिवराज’।

तो ये मुद्दा क्यों नहीं बन पा रहा है।
ईटीवी के पत्रकार लक्ष्मीनारायण शर्मा मानते हैं कि यह हैरानी की बात ही
है कि न विपक्ष इसे मुद्दा बना पाया और न ही ब्राह्मण समाज इसे प्रतिष्ठा
से जोड़ सका। फिलहाल छोटे-छोटे बयानों को बड़ा मुद्दा बनाने में बीजेपी
से दूसरे दलों को सीखने की जरूरत है।

कांग्रेस बोली, ‘ब्राह्मणों के प्रति शिवराज के मन में मैल’
भाजपा की ओर से विज्ञापन में माफ करो महाराज के पीछे मकसद सिर्फ ब्राह्मण
समाज को अपमानित करने का ही रहा है। शिवराज सिंह चौहान ब्राह्मण वर्ग से
द्वेशभावना रखते हैं, इसी के चलते उन्होंने इस विज्ञापन के जरिए ब्राह्मण
समाज को टारगेट कर उनके मान को नुकसान पहुंचाया है। यह घोर आपत्तिजनक है।

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