रांची। भारत की टीम के सबसे कामयाब कप्तान और वर्ल्ड कप जितने वाले कप्तान महेंद्र सिंह धौनी के वन डे और टी-20 की कप्तानी को छोड़ने की घोषणा कर दी है। इसके साथ ही उन्होंने दोनों फॉर्मेट में फिलहाल खेलते रहने की बात कही है।  इंग्लैंड के खिलाफ इसी महीने होने वाली वन-डे और टी-20 सीरीज में भी धोनी मौजूद  रहेेंगे, लेकिन कप्तानी नहीं करेंगे। इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज के लिए टीम सिलेक्शन 6 जनवरी को है। बता दें कि वन-डे में धोनी ने सबसे ज्यादा 110 मैचों में टीम को जीत दिलाई है। उधर, टी-20 में टीम इंडिया धोनी की कप्तानी में 41 मैचों में जीती है।
 
2 साल पहले छोड़ी थी टेस्ट की कप्तानी…
धोनी ने दिसंबर 2014 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज में टेस्ट की कप्तानी छोड़ी थी।   धोनी ने 2 अप्रैल 2011 को वर्ल्ड कप फाइनल में श्रीलंका के खिलाफ ही 91 नॉट आउट पारी खेली थी।
धोनी के अचीवमेंट्स
– ODI वर्ल्ड कप 2011, T20 वर्ल्ड कप 2007 और चैम्पियंस ट्राॅफी में जीत दिलाई। टेस्ट में टीम को नंबर वन बनाया।
– ODI में 110, T20 में 41 और टेस्ट में 27 मैचों में जीत दिलाई।
कपिल ने की फैसले की तारीफ 
कपिल देव ने कहा कि ये पॉजिटिव सोच है। ये देश के बारे में सोच है और नई पीढ़ी को मौका देने की सोच है। इस फैसले के लिए धोनी को सैल्यूट करना चाहिए। कपिल बोले, अगर धोनी ने ये डिसीजन लिया है तो हमें उनके साथ खड़े होना चाहिए। टेस्ट कैप्टेंसी छोड़ते वक्त भी उन्होंने यही कहा था कि नए खिलाड़ी आ गए हैं और हमें उन्हें मौका देना चाहिए। ये फैसला भी उन्होंने लिया है तो शायद यही सोचकर लिया होगा।”
हर क्रिकेट प्रेमी की तरफ से धोनी को शुक्रिया- BCCI
 धोनी ने बीसीसीआई को सूचना दी कि वे वन-डे और टी-20 की कैप्टेंसी छोड़ना चाहते हैं। इसके बाद बीसीसीआई के सीईओ राहुल जौहरी ने कहा, “देश के हर क्रिकेट प्रेमी और बीसीसीआई की तरफ में मैं धोनी का शुक्रिया अदा करना चाहता हूं।  जौहरी बोले, उन्होंने कैप्टन के रूप में क्रिकेट के तीनों फॉर्मेट में शानदार परफॉर्मेंस दी है। उनकी लीडरशिप में टीम इंडिया ने नई ऊंचाइयों को छुआ और उनके अचीवमेंट दशकों तक इंडियन क्रिकेट में याद किए जाएंगे।
– पूर्व क्रिकेटर दीपदास गुप्ता ने कहा, ये अचानक और चौंकाने वाला फैसला है। धोनी ने हमेशा टीम को अपने से पहले रखा।”
तीनों फॉर्मेट में धोनी भारत के सबसे कामयाब कप्तान
1. वनडे
धोनी ने वनडे में 199 मैच में कप्तानी की। 110 में जीत दिलाई। सक्सेस रेट 60% रहा।
वनडे में कप्तानी में उनसे पीछे अजहर हैं। उन्होंने 174 मैच में टीम की कप्तानी की और 90 में जीत दिलाई। सक्सेस रेट 54% रहा।
2. टेस्ट
– टेस्ट में धोनी ने 60 मैचों में कप्तानी कर 27 में जीत दिलाई। सक्सेस रेट 45% रहा।
– उनसे पीछे गांगुली हैं, जिन्होंने 49 मैचों में कप्तानी कर 21 टेस्ट में जीत दिलाई थी। सक्सेस रेट 26% रहा।
– तीसरे नंबर पर कोहली हैं। उन्होंने अब तक 22 मैचों में कप्तानी कर 14 टेस्ट जिताए हैं। सक्सेस रेट 63% है।
3. T20
– धोनी की कप्तानी में इंडिया ने 72 टी20 खेले। 41 में जीत मिली। सक्सेस रेट 60% रहा।
धोनी की बैटिंग परफॉर्मेंस
– धोनी ने 283 वन-डे मैचों में 51 की एवरेज से 9110 रन बनाए। वन-डे में धोनी का हाईएस्ट स्कोर 183 रन नॉटआउट है। उन्होंने 9 सेंचुरी भी लगाई।
– 73 टी-20 मैचों में उन्होंने 36 की एवरेज से 1112 रन बनाए। इस फॉर्मेट में धोनी का हाइएस्ट 48 नॉटआउट है।
– 90 टेस्ट मैचों में धोनी ने 38 के एवरेज से 4876 रन बनाए। टेस्ट में उनका हाईएस्ट स्कोर 224 है। उन्होंने 6 टेस्ट सेंचुरी लगाई हैं।
धोनी दुनिया के तीसरे सबसे कामयाब विकेटकीपर
– तीनों फॉर्मेट में परफॉर्मेंस की बात करें तो धोनी दुनिया में तीसरे कामयाब विकेटकीपर हैं।
– धोनी ने 446 मैच में 716 बैट्समैन को आउट किया। इसमें 564 कैच लिए हैं। 152 स्टंप किए हैं।
– सबसे कामयाब विकेटकीपर साउथ अफ्रीका के मार्क बाउचर हैं। उन्होंने 467 मैच में 998 शिकार किए। 952 कैच लिए। 46 स्टंप किए।
– दूसरे कामयाब ऑस्ट्रेलिया के एडम गिलक्रिस्ट हैं। उन्होंने 396 मैच में 905 बैट्समैन को आउट किया। इसमें 813 कैच और 92 स्टंप शामिल हैं।

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