बुन्देलखण्ड में ओलों से बिछ गई 1 लाख हेक्टेयर में खड़ी फसल

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झांसी/दतिया। तेज हवा के साथ बारिश और ओलावृष्टि होने से किसानों को भारी नुकसान पहुंचा है। बुन्देलखण्ड में एक लाख हेक्टेयर फसल को ओलावृष्टि से नुकसान हुआ है। ओलावृष्टि उस समय हुई जब रबी की फसल तैयार होने के अन्तिम दौर में थी। बुन्देलखण्ड के साथ ही मध्यप्रदेश के कई जिले इससे प्रभावित हुए हैं। मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने बुन्देलखण्ड के दतिया में पहुंचकर किसानों को मुआवजा दिलवाकर मरहम लगाने की बात कही है।
एक अनुमान के मुताबिक 15 जिलों के 500 से ज्यादा गांवों में 1 लाख हेक्टेयर में खड़ी फसल तबाह हो गई है। इस मौसमी आपदा में करीब 250 करोड़ की फसल के नुकसान का अनुमान है। मध्यप्रदेश के भिंड जिले में अटेर के पास दो लोगों की मौत हो गई है। गेहूं, चना और मसूर को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है।
बारिश और ओले क्यों गिरे 
– पश्चिमी हिस्से से बिगड़े मौसम के कारण मप्र में लो प्रेशर सिस्टम बन गया। इस वजह से बारिश हुई।
– आसमान में जहां फ्रीजिंग लेवल होता है, वहां तापमान शून्य होता है। इस लेवल से पानी ओलों के रूप में जमीन पर गिरता है।
 इन जिलों में हुआ नुकसान-
बुन्देलखण्ड के झांसी, जालौन, दतिया, सागर, टीकमगढ़ आदि जिलों में किसानों को भारी नुकसान होने की खबर है।

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