हेल्थ डिपार्टमेंट ने की बड़ी वर्कशॉप, बताए मरीजों के आंकड़े और योजनाएं

0
फोटो- प्रभात साहनी

@राम नरेश यादव:-

झांसी. यहां डॉ. रेखा रानी की अध्यक्षता में ‘हेल्थ मिशन’ के अंतर्गत  स्वास्थ्य संचार के सुदृढ़ीकरण के लिए वर्कशॉप का आयोजन किया गया। इस वर्कशॉप के आयोजन में CFR का सहयोग रहा।

वर्कशॉप में मौजूद मीडिया कर्मियों से ‘राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के द्वारा क्रियान्वित किए जा रहे प्रोग्रामों’के वारे में डिटेल में चर्चा की गई।

चर्चा में मेडिकल डिपार्टमेंट की कुछ कमियां भी सामने आईं। बतादें कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की जिले में सौ से ज्यादा योजनाएं चल रही हैं, लेकिन उनकी पर्याप्त जानकारी लोगों तक नहीं पहुंच पाई।

इसी तरह से कई जगह पर बिल्डिंग और अन्य संसाधन तो तैयार हैं, लेकिन वहां डाक्टर और कर्मचारी नहीं हैं। ऐसे में योजनाओँ के ठीक तरह से बनाए जाने और उनके समुचित प्रचार-प्रसार पर जोर दिया गया। तीन सत्रों में इस कार्यशाला का आयोजन किया गया।

एडिशनल चीफ मेडिकल ऑफीसर ने बताई योजनाएं

एडिशनल चीफ मेडिकल ऑफीसर डॉ एनके जैन ने कहा,”जनमानस की बेहतर स्वास्थ्य स्थिति और जीवन की गुणवत्ता सुनिश्चित करने एवं स्पष्टता के साथ स्थिर विकास उपायों को सुनिश्चित करना है। मातृ मृत्यु दर (एमएमआर) एवं शिशु मृत्यु दर (आईएमआर) को कम करने में संस्थागत प्रसव और नियमित टीकाकरण व अन्य गतिविधियों के माध्यम से जिला स्तर पर तय किए गए लक्ष्य को प्राप्त करना है।”

साथ ही उन्होंने जानकारी देते हुए बताया, “झांसी जिले की साक्षारता दर 75.07 प्रतिशत है। इसमें 85.38 प्रतिशत पुरुष और 63.49 प्रतिशत महिला साक्षर हैं। उन्होंने बताया कि वर्तमान में जनपद में आईएमआर 41 और एमएमआर 233 है जो प्रदेश स्तर से काफी बेहतर स्थिति में है। आईएमआर और एमएमआर को कम करने के लिए संस्थागत प्रसव में प्रत्येक वर्ष बढ़ोत्तरी हो रही है और पिछले वर्ष 84 फीसदी बच्चों का पूर्ण प्रतिरक्षण किया जा चुका है एमएमआर और आईएमआर को कम करने के लिए परिवार नियोजन की बहुत अधिक भूमिका है। इसके अलावा उन्होंने जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम, कंगारू मदर केयर, एसएनसीयू, एनआरसी और संपूर्णा क्लीनिक के बारे में चर्चा की।

LEAVE A REPLY