बुन्देलखण्ड में लग गई गोडसे की प्रतिमा, पुलिस भक्तों के साथ मूर्ति...

बुन्देलखण्ड में लग गई गोडसे की प्रतिमा, पुलिस भक्तों के साथ मूर्ति को भी उठा लाई थाने

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  • गाँधी जयंती पर राष्ट्रपिता के हत्यारे की प्रतिमा लगाई
  • बुंदेलखंड के चित्रकूट में लगाई गयी मूर्ति
  • पुलिस ने कार्यकर्ताओं को किया गिरफ्तार, गोडसे की मूर्ति थाने में

@जितेन्द्र मिश्रा
चित्रकूट। गांधी जयंती पर कथित भगवाधारियों ने महात्मा गांधी के हत्यारे की प्रतिमा को स्थापित कर दिया। इसके बाद वहां अभी पूजा अर्चना चल ही रही थी कि पुलिस को इसकी भनक लग गई। इसके खिलाफ प्रशासन सख्त हो गया। पुलिस से फौरन ही मौके पर जाकर स्थापित की गई मूर्ति को वहां से हटा दिया और पुलिस जीप में रखकर उसे थाने के मालखाने में रखवा दिया।

महज कुछ ही में ही गोडसे की प्रतिमा थाने पहुंच गई और उसे स्थापित करने वाले भी गिरफ्तार कर लिए गए। चित्रकूट में राष्ट्रीय सनातन दल के कार्यकर्ताओं ने गांधी जयंती का विरोध करने के लिए गोडसे का मंदिर बनाने का फैसला किया था। इसी के चलते उन्होंने राजापुर थाना क्षेत्र के सगवारा गाँव में गांधीजी के हत्यारे नाथू राम गोडसे का मंदिर चबूतरा बनाकर गोडसे की प्रतिमा की स्थापना ही कर दी। इस कार्यक्रम की सूचना के बाद जब एसडीएम राजापुर सुभाष यादव और स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची तो वहां गोडसे की मूर्ति स्थापित हो चुकी थी।

  • वहां कार्यकर्ता भी मौजूद थे जिन्होंने उस प्रतिमा को स्थापित किया। इसको लेकर पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच बहस हो गई। इस मुद्दे पर पुलिस को टकराव के आसार नजर आने लगे। इससे पहले कि यह सूचना वायरल होकर हालाता बिगाडऩे का काम करती पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए गांधी के हत्यारे की प्रतिमा को चबूतरे से उखाड़ दिया। वहां भारी तादाद में पुलिस बल भी पहुंच गया। पुलिस ने कार्यकर्ताओं को भी हिरासत में ले लिया। गोडसे की प्रतिमा को जीप में रखकर थाने पहुंचा दिया गया। अब गोडसे की यह प्रतिमा मालखाने में ही रहेगी।

    दरअसल, गांधी जयंती के दिन ही खुद को राष्ट्रीय सनातन दल के कार्यकर्ता बताने वाले दर्जन भर लोगों ने एक कार्यक्रम का आयोजन करते हुए बाकायदा नाथूराम गोडसे का मंदिर बनाया और उसमें गोडसे की प्रतिमा स्थापित कर दी। इस दौरान जब पूरे देश में गांधी के त्याग तपस्या पर गुणगान चल रहा था ठीक तभी चित्रकूट के सगवारा गांव में गांधी के हत्यारे नाथूराम अमर रहें के नारों के साथ गांधी को ही गद्दार बताया जा रहा था।

  • इस आयोजन की सूचना जब एसडीएम राजापुर को हुई तो वह भारी पुलिस बल के साथ पहुंचे और कार्यक्रम को रुकवाते हुए आरोपी संस्था के अध्यक्ष ब्रजेश पांडेय, राघवेन्द्र सिंह, संजीव सिंह समेत चार पदाधिकारियों को हिरासत में लिया है। प्रशासन ने विवादित मंदिर चबूतरे को तोडक़र गोडसे की प्रतिमा जब्त कर ली है। इस घटना पर गांधीवादियों ने रोष प्रकट किया तो गोडसे समर्थकों ने अपनी ही दलील दी है।
  • राष्ट्रीय सनातन दल के जिलाध्यक्ष ब्रजेश पांडेय ने कहा कि हमारा मकसद है गोडसे की विचारधारा को आम जनमानस तक पहुंचाना और किस वजह से गोडसे ने गांधी जी की हत्या की थी इस बात को लोगों तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि गोडसे ने हत्या नहीं वध किया था गांधी का। यह गलत नहीं था। वहीं गांधी विचारक इसे कथित लोगों की विकृत सोच बता रहे हैं।

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