योगी की कर्जमाफी से बाँदा के सवा लाख किसानों को हुआ फायदा, दायरे से बाहर रहे बड़े किसानों की ख़ुदकुशी का जारी है सिलसिला

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आशीष सागर- 

बाँदा. बीजेपी सरकार ने UP में सत्ता मिलते ही किसान कर्जमाफी का अपना वादा निभाते हुए छोटे किसानों की कर्जमाफी कर दी. CM योगी आदित्यनाथ के इस फैसले से बुंदेलखंड के कई किसानों को फायदा हुआ है, लेकिन कई किसान ऐसे भी हैं जिनके पास पुश्तैनी जमीन तो 5 एकड़ से अधिक है, लेकिन माली हालत ठीक नहीं. कर्जमाफी के दायरे से बाहर होने के दुःख में  बाँदा ज़िले के मटोंध  कस्बे के 36 वर्षीय युवा  किसान कुलदीप सिंह ने जान दे दी. उसके ऊपर 3.50 लाख रूपये का कर्ज था. परिवार वालो का कहना है जब मृतक ने ये सुना खबर देखी कि उसका कर्ज माफ़ नही होगा तो दुखी होकर उसने खपरैल में टंगकर आत्महत्या ली. दूसरी घटना महोबा जिले की है जहां कर्जमाफी के दायरे से बाहर होने पर महिला किसान ने फंसी लगा ली. अब कई बड़े किसान सरकार की कर्जमाफी नीति का विरोध कर सभी को सामान रियायत देने की मांग कर रहे हैं.

यूपी सरकार के चुनावी वायदे अनुसार हुए कर्जमाफी से प्रदेश के लघु-सीमान्त किसान को फायदा हुआ है.करीब ऐसे छियासी लाख किसानों का 36 हजार करोड़ रूपये से अधिक कर्जा माफ किया गया है. बुन्देलखण्ड में इन किसान का आंकड़ा जिले की जनसख्या मुताबिक अलग-अलग है. प्रदेश के दूसरे जिलों की बनिस्बत यहाँ सभी किसानों पे सूखे की मार लगातार पड़ी है.इसी वजह से बड़े किसान और खबरिया सुर्खियों में रहने वाले प्रगतिशील किसान योगी सरकार के फैसले से नाखुश है. उनका कहना है कि प्रदेश के अन्य जिलों में तीन फसल ली जाती है जबकि बुन्देलखण्ड में दो फसलें होती है,यहाँ की कृषि भूमि समतल नही है,उबड़-खाबड़ है. यही वजह  है कि यहाँ जोत सीमा अन्य जिले से 2.5 गुना अधिक है.लेकिन कर्जमाफी में ऐसा ध्यान नहीं रखा गया है . प्रदेश और देश में छोटे -लघु किसान की सीमा एक व दो हेक्टेयर है इसी आधार पर उन्हें भी सरकारी सुविधा दी जा रही है,यह न्याय संगत नही है. बुन्देलखण्ड में कुदरती बारिश होने के बाद भी कृषि भूमि देखते हुए जोत सीमा को 18 एकड़ से ढाई गुना (45 एकड़ ) रखा गया है.सरकारी आकड़ो में 92 फीसदी लघु-सीमान्त किसान है सिर्फ 8 फीसदी बड़े किसान दर्ज है . सूखे की मार बुन्देली सभी किसानों पे बराबर पड़ी है तब कर्जमाफी में ये सौतेला बर्ताव क्यों किया जा रहा है ?

जिले के बड़े बकायेदार किसान,डिफाल्टर किसान ने दिया ज्ञापन-

 चित्रकूट मंडल में सीएम योगी के कर्जमाफी घोषणा के बाद बड़े कास्तकार किसान और एक से अधिक बैंक  से ऋण लिए डिफाल्टर-प्रगतिशील किसानों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन दिया है. उन्होंने लघु-सीमान्त किसान की तर्ज पर अपनी   भी कर्जमाफी की  है . इस मुहीम में उन्होंने जिले की चार विधानसभा से निर्वाचित विधायकों को  भी अपने साथ लिया है कि वे मुख्यमंत्री  से उनके ऋण की बात करे. सदर विधायक प्रकाश दिवेदी,नरैनी विधायक राजकरन कबीर और तिंदवारी विधायक ब्रजेश ने किसान का साथ देने की बात कही है.

 

बाँदा में 1.20 लाख किसानों को कर्जमाफी से मिलेगा लाभ-

 बाँदा जिले में डेढ़ लाख किसानों पर 16.27 अरब रूपये ककर्ज बकाया है इनमे लघु और सीमान्त किसान का 8.73 अरब रूपये कर्जा है. गौरतलब है बाँदा में किसानों पर करीब 1,19,892 लघु-सीमान्त किसान इस कर्जमाफी का लाभ पा सकते है. जिले में 1,49,334 लाख  कर्जदार किसान है जिनमें 31,307 (21 फीसदी ) लघु और 85,585 (51 फीसदी ) सीमान्त किसान है. पूरे जिले में 16 अरब 27 करोड़ पचास लाख रूपये फसली कर्ज बकाया है !  इनमे लघु किसान पर तीन अरब 41 करोड़ 80 लाख रूपये और सीमान्त किसान पर 5 अरब 31 करोड़ 50 लाख रूपये बकाया है. यहाँसन की संख्या करीब 2.50 लाख है जिसमें 2 लाख  किसान 1600 अरब रूपये कर्जा लिए है जिसमें 80  हजार डिफाल्टर / एनपीए है.

 

बटाईदार किसान-मजदूर को नहीं मिला लाभ-

 इस कर्जमाफी से बुन्देलखण्ड समेत प्रदेश के मजदूर-मौसमी और बटाईदार किसान को  बिलकुल भी लाभ नहीं हुआ है. न ही बड़े किसान,प्रगतिशील किसान की जमात ,छोटे-सीमान्त किसान उनकी मांग कभी उठाते है. असलियत ये है की इनके खेत जोतने से लेकर बोने,काटने और मौसम की आपदा झेलने का पूरा ज़िम्मा इनका ही होता है.

चित्रकूट मंडल और बुन्देलखण्ड को कितना फायदा –

बीजेपी  को सूखे बुन्देलखण्ड ने अपनी सभी 19 विधानसभा सीट पर विजयश्री दी है. सीएम ने हाल ही में बुन्देलखण्ड से अपने पहले दौरे की बात भी की है. कर्जमाफी के फैसले से चित्रकूट मंडल के कुल 771623 लाख किसान क्रेडिट कार्ड पे ऋण लिए है. इनके ऊपर 423513 लाख रूपये बकाया है. जिसमें बाँदा से 264402 किसान,कर्जदार 141000 है. हमीरपुर से 200548 लाख  किसान,कर्जदार 74268 लाख है. महोबा से 148584  लाख किसान,कर्जदार 133190 लाख,चित्रकूट   से 158094 लाख किसान,कर्जदार 750 55 लाख है. यहाँ करीब 4259 करोड़ रूपये ऋण बकाया है जो पूरे यूपी बुन्देलखण्ड में 6 अरब से अधिक है. चित्रकूट मंडल में 4 लाख के आसपास लघु-सीमान्त किसान है जिन्हें इस कर्जमाफी  सीधा फायदा होना है.

 

 

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