बुंदेलखंड का एक्जिट पोल: खिलेगा कमल, बीजेपी को 8 से 11 सीटें, सपा कांग्रेस को 6 और बसपा को 5 सीटें

0

बुंदेलखंड में इस बार कमल खिलने की प्रबल संभावना है। यहां की 19 सीटों पर इस बार परिणाम चैंकाने वाले रह सकते हैं. बुंदेलखंड जीतने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, बसपा सुप्रीमो मायावती, मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गाँधी ने रैलियां कर वोटरों को अपने पक्ष में करने की पूरी ताकत झोंक रखी थी. यहां मतदान के बाद जो सर्वे किया गया उसके मुताबिक भारतीय जनता पार्टी बुंदेलखंड में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभर सकती है. बुंदेलखंड की 19 सीटों में से बीजेपी द्वारा 8 से 11 सीटें जीतने का अनुमान है. यहाँ सपा और कांग्रेस गठबंधन को 6 से 7 सीटें मिलने की सम्भावना है, वहीं बसपा 5 से 6 सीटों पर चुनाव जीत सकती है. बुंदेलखंड की इन सीटों पर जीत दर्ज करने के लिए प्रत्याशियों व दलों ने पूरी ताकत झोंक दी थी.

123456789news
झाँसी जिले में दो सीटें जीत सकती है बीजेपी

झाँसी जिले की चार में एक-एक सपा-बसपा और दो सीट बीजेपी के खाते में जा सकतीं हैं. झाँसी सदर सीट पर सीताराम कुशवाहा मुस्लिम, कुशवाहा, दलित वोट के कारण मजबूत प्रत्याशी बनकर उभरे हैं. वह बाजी मार सकते हैं. बीजेपी के मौजूदा विधायक रवि शर्मा सीधे मुकाबले में हैं. कांग्रेस के राहुल राय तीसरे नम्बर पर जा सकते हैं. बबीना विधानसभा सीट पर त्रिकोणीय मुकाबले में सपा सपा-कांग्रेस के यशपाल सिंह यादव भारी नजर आ रहे हैं. उनका बीजेपी से सीधा मुकाबला हो सकता है. यहाँ बसपा के के पी राजपूत कमजोर हुए तो फिर बीजेपी के राजीव सिंह को इसका फायदा भी मिल सकता है. फिलहाल सर्वे में यह सीट सपा-कांग्रेस गठबंधन के पक्ष में जाती दिख रही है. मऊरानीपुर सीट पर भी सपा-बीजेपी-बसपा में मुकाबला होगा. बीजेपी या बसपा के खाते में सीट जा सकती है. इस सीट पर सपा की सिटिंग डस्। रश्मि आर्य त्रिकोणीय मुकाबले में पीछे रह सकतीं हैं. यहाँ बीजेपी के बिहारी लाल आर्य और बसपा के प्रागीलाल में कदा मुकाबला है. सीट बीजेपी के खाते में भी जा सकती है. गरौठा सीट पर सपा-भाजपा में सबसे रोचक सीधा मुकाबला है. यहाँ सपा के विधायक दीपनारायण सिंह यादव को किसान नेता के तौर पर उभरे बीजेपी के जवाहर लाल राजपूत से कड़ी टक्कर मिली है. गरौठा सीट पर सर्वे बीजेपी के पक्ष में दिख रहा है और यदि किसानों का वोट जवाहर के पक्ष में जाता है तो सपा को अपनी सीट को बचाना मुश्किल हो सकता है.

This slideshow requires JavaScript.

जालौन में बसपा-कांग्रेस-बीजेपी को मिल सकती है एक-एक सीट
जालौन जिले में तीन सीट हैं. उरई सदर सीट पर यहाँ बसपा के विजय चैधरी सर्वे में चुनाव जीतने के करीब दिख रहे हैं. भाजपा के गौरी शंकर से उनकी टक्कर है. बसपा के विजय चैधरी को इसलिए मजबूत माना जा रहा है क्योंकि 60 हजार दलित, लोधी, कुर्मी व कोरी व कुछ मुस्लिम वोट भी उनके पक्ष में रहा है. वहीँ मोदी की रैली के बाद यहाँ बीजेपी प्रत्याशी सवर्णों के साथ पिछड़ा वर्ग का वोट अच्छी तादाद में मिला है, जिससे बीजेपी के भी जीतने के समीकरण बन सकते हैं. माधौगढ़ सीट पर त्रिकोणीय मुकाबला है. कांग्रेस के विनोद चतुर्वेदी, बसपा से गिरीश अवस्थी व बीजेपी से मूलचंद निरंजन मैदान में हैं. बीजेपी के खाते में यह सीट जा सकती है. दलित, ठाकुर, कुशवाहा वोट बीजेपी के पक्ष में दिखा है. कांग्रेस के यहाँ दुसरे स्थान पर रहने के आसार हैं. कालपी विधानसभा सीट पर कांग्रेस की उमा कांति व बीजेपी से नरेन्द्र सिंह जादौन के बीच मुकाबला है. सीट उमा कांति के खाते में जा सकती है. उमा कांति मौजूदा विधायक हैं.

ललितपुर में बीजेपी को मिल सकती हैं दोनों सीटें

ललितपुर सदर सीट पर त्रिकोणीय मुकाबला यादव, मुस्लिम और लोधी वोट के सहारे सपा की प्रत्याशी ज्योति सिंह लोधी खुद को जीता हुआ मान रही हैं. वहीँ, ब्राह्मण-ठाकुर-साहू व कुशवाहा वोट के कारण बीजेपी प्रत्याशी रामरतन कुशवाहा खुद को प्रबल दावेदार मान रहे हैं. मतदान के बाद किये गए सर्वे में बीजेपी यहाँ मैदान मार सकती है. वहीँ, बसपा से संतोष कुशवाहा के कारण यहाँ कुशवाहा वोट बंटा है. कुशवाहा-दलित वोट समीकरण के चलते संतोष कुशवाहा भी अच्छी स्थिति में रहेंगे. ललितपुर की महरौनी सीट पर एग्जिट पोल के सर्वे में बीजेपी के मनोहर लाल पंत यहाँ चुनाव जीत सकते हैं. करीब 60 हजार लोधी वोट के कारण बीजेपी मजबूत स्थिति में है. बसपा के मौजूदा विधायक फेरन लाल अहिरवार से बीजेपी की सीधी टक्कर होगी. कांग्रेस के प्रत्याशी पूर्व सांसद ब्रज लाल खाबरी के लिए जीत की राह मुश्किल नजर आती है.

बांदा की सभी सीटों पर कांटे की टक्कर
बाँदा सदर सीट पर इस बार मुकाबला कांटे का होगा. इस सीट पर वर्तमान विधायक विवेक सिंह मजबूत स्थिति में तो हैं, लेकिन बसपा प्रत्याशी मधुसूदन कुशवाहा और बीजेपी के प्रकाश द्विवेदी भी जातिगत समीकरणों के चलते कांटे की लड़ाई में हैं. विवेक सिंह को मुस्लिम-यादव वोट के साथ कांग्रेस व सपा का पारंपरिक वोट मिला. मुकाबला बीजेपी के प्रकाश द्विवेदी से भी हो सकता है क्योंकि, उन्होंने ब्राह्मण-कायस्थ वोट पर सेंध लगाई है. बसपा के मधुसूदन कुशवाहा बसपा का यहाँ 40 हजार दलित व करीब 35 हजार कुशवाहा वोट के कारण खुद को जीता हुआ मान रहे हैं. बाँदा की बबेरू विधानसभा सीट पर सपा-बसपा व भाजपा मुख्य फाइट में हैं. यहाँ हार जीत कम अंतर में होता है. सपा से विशम्भर यादव व बसपा से किरण यादव हैं. बसपा के पास अपना वोट बैंक हैं. किरण ने कुछ यादव वोट भी काटा है. यादव वोट बाँटने के कारण इसका फायदा बीजेपी उठा सकती है. सर्वे में यह सीट बीजेपी और बसपा में कोई भी जीत सकता है. बाँदा की तिंदवारी सीट पर कांग्रेस के दलजीत सिंह व बसपा के डॉ. जगदीश प्रजापति के बीच मुकाबला होने के आसार हैं. यहाँ बसपा-कांग्रेस फाइट में मानी जा रही है. 60 हजार ठाकुर वोट है. इसमें से अधिकतर दलजीत सिंह को गया है. निषाद वोट भी कांग्रेस से मिला है. मुस्लिम भी कांग्रेस के पक्ष में गये हैं. बाँदा की नरैनी विधानसभा सीट पर बसपा के प्रत्याशीध्विधायक ग्याचरण दिनकर की स्थिति ठीक नहीं मानी जा रही है. यहाँ कांग्रेस के भरत लाल दिवाकर व बीजेपी के राजकरण कबीर फाइट में हैं. कांग्रेस को मुस्लिम वोट मिला है. प्रत्याशी ने सजातीय वोट भी हासिल किया. गठबंधन के कारण यादव वोट भी मिला है. इसलिए भरत लाल को बड़ा दावेदार माना जा रहा है.
हमीरपुर की दोनों सीटों पर बीजेपी मुख्य मुकाबले में
-हमीरपुर में दो सीट हैं. हमीरपुर सदर सीट पर बीजेपी के अशोक सिंह चंदेल व सपा प्रत्याशी मनोज प्रजापति में मुकाबला है. बसपा यहाँ दौड़ में नहीं मानी जा रही है. राठ विधानसभा सीट पर बीजेपी की युवा प्रत्याशी मनीषा अनुरागी की अच्छी लहर रही. उन्हें हर वर्ग का वोट मिला. माना जा रहा है कि उनकी जीत पक्की है. कांग्रेस के गयादीन अनुरागी व बसपा के प्रत्याशी के बीच दूसरे व तीसरे नम्बर के लिए होड़ हो सकती है.
महोबा में एक-एक सीट सपा और बीजेपी के पक्ष में
महोबा की सदर सीट पर सपा-बसपा में टक्कर होगी. सपा प्रत्याशी सिद्ध गोपाल साहू व बसपा के अरिमर्दन सिंह में मुकाबला होगा. कई लोगों का मानना है कि मुकाबला त्रिकोणीय होगा. बीजेपी भी ठीक स्थिति में है. बीजेपी के राकेश गोस्वामी को यहाँ इतना मजबूत नहीं माना जा रहा है. चरखारी विधानसभा सीट पर बसपा-भाजपा मजबूत स्थिति में हैं. बसपा के जितेन्द्र मिश्र व बीजेपी के ब्रज भूषन राजपूत में फाइट होगी. सपा की उर्मिला राजपूत पति पूर्व विधायक कप्तान सिंह की आपराधिक छवि का खामियाजा भुगत सकती हैं.

चित्रकूट में एक बीजेपी और सपा गठबंधन में मुकाबला
चित्रकूट की मानिकपुर सीट पर कांग्रेस की संपत पाल इस बार मजबूत स्थिति में हैं. यहाँ कोल वोट उन्हें अच्छी संख्या में मिला है. यहाँ कांग्रेस और बीजेपी में टक्कर है. बसपा के कमजोर होने का फायदा यहाँ बीजेपी को मिला तो वह मैदान मर सकती है. कर्वी में सपा गठबंधन के प्रत्याशी वीरसिंह का मुकाबला बीजेपी से है. यहाँ बीजेपी मजबूत दिख रही है. सर्वे में सपा इस सीट को गँवा सकती है.

LEAVE A REPLY