मऊरानीपुर इंस्पेक्टर सपा नेता से बोला, आप एनकाउंटर के लिए सबसे फिट केस हैं..पट..पट..पट सब मार दिए जाएंगे..

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झांसी। आप एनकाउंटर के लिए सबसे फिट केस हैं, पट..पट..पट लडक़े बच्चों और गुर्गों के साथ सबको मार देंगे..नहीं तो सिस्टम समझ लो. यह बात एक
इंस्पेक्टर रानीपुर के पूर्व ब्लाक प्रमुख लेखराज सिंह से फोन पर कह रहा है। शनिवार को वायरल हुए
इस ऑडियो ने पुलिस प्रशासन की नींद उड़ा दी। नींद उड़ती भी क्यों न,
क्योंकि कॉल रिकॉर्ड ऑडियो में इंस्पेक्टर ही उत्तर प्रदेश सरकार के
निर्देश पर किए जा रहे अपराधियों के ऐनआउंटर का सच का खुलासा कर रहा है।
करीब आठ मिनट 33 सेकंड की इस कॉल ऑडियो रिकार्डिंग के वा
यरल होने के बाद
सनसनी तो फैलाई ही साथ ही सत्ता की आड़ लेकर पुलिस गुंडई या कहें किसी का
भी एनकाउंटर कर देने की ताकत रखने की शर्मनाक कहानी भी बयां कर दी।
लेखराज पर हाल ही में एक मुकदमा दर्ज हुआ है, जिसे लेखराज ने फर्जी बताया
है. लेखराज सिंह ने कहा कि उन्हें राजनीतिक द्वेष के जरिये बीजेपी नेता फंसा रहे हैं. पुलिस उनका उत्पेदन कर रही है. परिवार को जान का खतरा है. वहीँ  ऑडियो वायरल होने के बाद इंस्पेक्टर को निलंबित कर दिया गया है।


दरअसल, मऊरानीपुर इलाके में सपा नेता लेखराज सिंह पर कई मुकदमे दर्ज हैं, लेकिन वह इन मुकदमों में जमानत
पर रिहा हैं। बीती 27 मार्च को लेखराज के खिलाफ रानीपुर के  भाजपा पार्षद
प्रदीप गुप्ता ने एक मुकदमा और दर्ज कराया है। इसमें प्रदीप ने लेखराज पर
फिरौती मांगने का आरोप लगाया था। इसे लेखराज ने राजनीतिक मुकदमा बताते
हुए फर्जी बताया था. इसी केस के बहाने मऊरानीपुर के इंस्पेक्टर सुनीत
सिंह ने पूर्व ब्लाक प्रमुख लेखराज सिंह को फोन लगाया था। इस दौरान जो
बातचीत रिकॉर्ड हुई उसमें पुलिस इंस्पेक्टर भाजपा के झांसी जिलाध्यक्ष
संजय दुबे और बबीना विधायक राजीव सिंह पारीक्षा को मैनेज करने की बात कह
रहा है। इसमें इंस्पेक्टर मुकदमे के आरोपी लेखराज से दोस्ताना अंदाज में
बात कर रहा है। पुलिस की नौकरी को ताक पर रखने की बात कहते हुए यह भी
कुबूल कर रहा है कि उसने  न जाने कितने लोगों की हत्या की है। तो वहीं
सरकार की ऐनकाउंटर की मंशा को भी कठघरे में खड़ कर दिया। क्या है इस
ऑडियो में आप खुद ही सुनकर अंदाजा लगा सकते हैं.
यह हुई इंस्पेक्टर और लेखराज के बीच बात..
लेखराज- बताओ
इंस्पेक्टर- का है.. हा हा हा हा
लेखराज – अरे मदद करो यार, मदद करो..
इंस्पेक्टर – आप मेरी मजबूरी समझिए..ठीक, मैने आपको बता दिया है कि संजय
दुबे जिलाध्यक्ष.. ठीक..
लेखराज – जी
इंस्पेक्टर -राजीव सिंह पारीक्षा दो..(विधायक बबीना), दो आदमियों को मैनेज करिए।
लेखराज – अरे सुनीत सिंह (इंस्पेक्टर कोतवाली मऊरानीपुर)किसी से कम है यार क्या ?
इंस्पेक्टर – अरे नहीं, आप मेरी बात सुनिए..मेरी बात सुनिए प्लीज .. आप
मेरी बात समझिए..
लेखराज – तो तुमें का डाकखाने (पोस्ट ऑफिस) में भेज दें ..
इंस्पेक्टर – अरे इनकी मां का (गाली) .. .. .. .. ..नौकरी तो अपने .. (गाली)
लेखराज – इतने बहादुर आदमी को डाकखाने में भेज देंगे इंस्पेक्टर बनाके.. ..
इंस्पेक्टर – अरे हम लोग तो अपराधी रहे शुरू से.. और रहेंगे.. जिंदगी भर
अपराध किए.. हो हो हो हो.. जाने (गाली) कितने मार के फेंक दिए किनारे..
जाने कितनी हत्याएं हैं अपने हाथ में, जाने कितने मा जेल काटे, सब साला
सिस्टम है अपने पास..अपन (गाली) कोई टुच्चा टपंगा थोड़ी न हैं। कोई नौ
मुड़ी हो कोई..। सब निपट गया मां कृपा से..मातारानी की कृपा से. हां..
सब.. देखिए.. इतिहास हमारा खराब है, अब भविष्य अच्छा है. बस हम ये कहना
चाहते हैं.
लेखराज – अरे भैया, हमाई मदद करौ बस जौ है..
इंस्पेक्टर -अरे मदद.. उं.. हूं, आपकी मदद ऊपरवाला कर रहा है. ठीक, मेरी
बात सुनिए.. मेरी बात सुनिए..आप बढिय़ा आदमी हैं, अच्छे आदमी हैं, सिस्टम
वाले आदमी हैं..सबकुछ अच्छा है..
लेखराज – नईं.. इतेक दिन आप रहे.. कहीं कुछ गलत काम है हमारा बताइए आप..
इंस्पेक्टर – अरे.. गलत काम कहीं कुछ नहीं होता है, आप समझिए मेरी
बात..पिछले चौदह वर्षों में भाजपा सरकार के पहले कितने ऐनकाउंटर हुए जिले
में.. प्रदेशभर में, नहीं हुए, बसपा आई सपा आई सब.. सिस्टम चल रहा है..आप
समझ ही नहीं रहे हैं कोई चीज को. हम जो बताना चाह रहे हैं अपको.. दौर
है.. दौर तो दौर ही होता है फिर तो.. फिर तो झोंको, अब झोंको तो झोंको
फिर..नीचे से ऊपर तक सब..एसटीएफ भी है, सब लगे हैं फिर पूरी टीम
है..सर्विलांस पै चल रहा है नंबर आपका. हम का बताएं अब आपको. अपकी लोकेशन
वगैरा सब ट्रैसआउट हो रही है।  और दस-बीस पचास आदमी भी अगर आपके साथ
होंगे तो भी कोई बड़ी बात नहीं है। लोग लगे हुए हैं.. बहुत लम्बी..
लेखराज- अच्छा सब मार दिए जाएंगे..
इंस्पेक्टर -उं..हूं.. आप..
लेखराज- जी जी..
इंस्पेक्टर -देखो चीजों को समझो.. हम छोटे में, कम में यही कहना
चाहते..और अच्छा आदमी वही होता है.. होशियार जो समय के हिसाब से अपने आप
को ढाल लेता है. ठीक है.. अब समय है विपरीत, तो अपने हिसाब से..
लेखराज- नहीं तो अधिकारी कह रए कि एनकाउंटर कर दो..
इंस्पेक्टर -अरे भाई.. उंह्..हूं..अब का हम सब आपको फोन पर सब नहीं बता
सकते सब चीज .. चीजों को आप समझिए आप..बहुत बुद्धिमान आदमी हैं.. साठ साल
के हो गए हैं. साठ-सत्तर कितने मुदमा लग गए..चीजें और भगवान चाहेगा कि
ऐसा कुछ न हो जाए बच्चे अनाथ हो जाएं, सबके बच्चे अनाथ हो जाएं.
लेखराज- अरे.. यार.. चलो भाई मदद करो यार तुम तो यार..
इंस्पेक्टर – अरे.. हम क्यों फोन से बात कर रहे हैं आप से..
लेखराज-तुमाई मदद जिंदगी में न कर पाएं, लेकिन तुम तौ मदद करौ यार हमाई
नाती नता हैं सब हैं..
इंस्पेक्टर -अरे वही तो आफत हो रही है न, समस्या तो यही फस रही है..हम तो
खूब मदद करना चाहते हैं इसलिए खाली हाथ हम हैं, सुबह-सुबह खाली हाथ आ रहे
हैं.. कि चलो अब अच्छा बुरा कुछ भी है.. सब राजकाज है..समय परिस्थिति सब
के साथ आती है.. सब के संग होता है अच्छा बुरा..
लेखराज-तौ संजय दुबे लगे..
इंस्पेक्टर -(गाली) उंह् हूं .. हमसे उसकी की शिकायत, चंद्रपाल जी से
कहा..हमने कहा देखिए कुछ मैनेज करिए, नहीं तो हम नहीं कुछ कर पाएंगे. तो
उमा भारती के टाइम घर में बैठे हैं..उमा भारती से कहेंगे. हमने कहा कहो
यार तुम्हारा काम है अपना करो..ऐसे तो गुण्डा माफिया.. अब क्या बताएं
आपसे..
लेखराज-अरे यार इंस्पेक्टर इतना बड़ा वो है..

इंस्पेक्टर – अरे नहीं, सबकुछ है..आप समझिए सब कुछ है.. बट.. बट,
मैनेजमेंट.. जैसे सपा सरकार थी. सपा सरकार में भी आप जेल गए, नहीं गए.
लेखराज-तौ तुमें डाकखाने में भेज दें का यार..
इंस्पेक्टर – मेरी बात सुनिए, सपा सरकार में आप जेल गए कि नहीं गए पप्पू
सेठ (निवर्तमान मऊरानीपुर सपा विधायक के पति) के रहते हुए. पर रहते हुए.
विक्रम जब था.
लेखराज- हां नौकरी बचाते हैं लोग
इंस्पेक्टर -नौकरी (गाली) नौकरी कोई नहीं बचाता, सब नौकरी औकरी तो सब
ऊपरवाले के सहारे चलती है..ठीक है, आपके ऊपर 60 मुकदमा हैं. आप एनकाउंटर
के लिए सबसे फिट केस हैं पूरी यूपी में. आप ये मानकर चलिए आप. और भाजपा
सरकार है. अब आपकी मदद कौन करेगा ये आप जानो. कि आप अपने आप को कैसे बचा
रहे हो. आप आपके लडक़ा, आपके चार लडक़े जितने गुर्गे हैं दस बीस पचास सब,
मतलब सब चूंकि सिस्टम ये है न आप समझ ही नहीं पा रहे हो.
लेखराज- हां सब मारे जाएंगे..
इंस्पेक्टर – भाई आप हां..क्यों न मार देंगे ..पट..पट..पट..पट (गाली)
टपका हो जाएंगे उनमें..तो अब सरकार के हिसाब से सिस्टम को देखते हुए अपना
काम करिए.. खांम खां..भाई सपा थी तब भी आप जेल चले गए. अच्छा ये बताओ..
लेखराज- इंस्पेक्टर साब एक मिनट.. इंस्पेक्टर साब मुकदमा तो सौ परसेंट झूठा है.
इंस्पेक्टर – देखिए, आप ही ने मुझसे सुबह कहा कि आपकी बात हुई कि नहीं हुई उससे..
लेखराज- नहीं, बात हुई तो क्या हुई.. हमने तुमारे पिताजी के पैर छुए.. तुमाए चाचा..
इंस्पेक्टर – अब सुन लीजिए.. सुन लीजिए वो भी मेरे पास बैठा था शाम को
अभी रानीपुर में. उसने मुझसे ये स्पष्ट कहा कि भाईसाब में हाइकोर्ट लड़
रहा हूं, सुप्रीम कोर्ट लड़ रहा हूं और जिसमें ये बरी होने वाले हैं
उसमें में रिट लगा रहा हूं ये कर रहा हूं, वो कर रहा हूं, क्या क्या बता
रहा था वो भगवान जाने..
लेखराज-अरे, रिट लगाएगा तो झूठ थोड़ी जांच कि नहीं..सही तो जांच होना चाहिए..
इंस्पेक्टर – नहीं वो बात सब सही है, सब सही है, आप समझो मेरी बात..कि आप
साफ सुथरे आदमी होते अगर..
लेखराज-आप जा बताओ सही बात क्या है, आपई बता दो चलौ..
इंस्पेक्टर – अच्छा आप की उससे बात हुई हां, न बताइए साफ सी बात..
लेखराज- हां बात हुई तो क्या हुई ये हमने आपको बताया..
इंस्पेक्टर – ये ही, ये ही बात होना.. आप समझ ही नहीं रहे हो मेरी
बात..भाजपा का पार्षद मान लो, गरीब आदमी, गुरबा आदमी, और जो कह रहे हैं
तीन करोड़ ले रहे हैं उसमें चार करोड़ भगवान जाने क्या-क्या सिस्टम..सब
सिस्टम वहीं से उड़ रहा है पैसे पर आकर के, साईन कर दो हमसे ये कर दो वो
कर दो..बुलाते रहते हैं सब.. ये तो सब अब क्या बताएं..हा हा देख लीजिए..
हम तो आप को बताई सकते हैं..बाकि सब तो हम कुछ नहीं कह सकते हैं हम
बहुत..फिर हमाई आपकी सामने-आमने कहीं भी होगी फिर..वो अलग बात है.. अलग
विषय है..हूं..
लेखराज- अरे भैया हमें मरने थोड़ी है..
इंस्पेक्टर – अरे वो तो तय है..चलना चलना.. और सब राजकाज है, सब झेलिए अब का है..
लेखराज-नईं भैया हमें मरनें थेड़ी है..
इंस्पेक्टर -अब निपट लीजिए फिर का है..
लेखराज-झूठे मुकदमे में हमें मरनें थोड़ी है..
इंस्पेक्टर – अरे जो भी मामला है इसको देख दिखा के जैसे मैनेज करना है
अपना करो फिर..निपटाओ इसको..नहीं तो खां मौ खां लम्बी पेंच फंसेगी फिर,
फिर हम भी कुछ नहीं कर पाएंगे..
लेखराज- तौ का सीधे एनकाउंटर के आदेश हैं..
इंस्पेक्टर – हा हा.. हम कुछ कहेंगे नहीं..जब हो जाएगा जब बताया जाएगा
बाद की बात है.. हूं..
लेखराज – ठीक है..
फोन कट गया..

-मुठभेड़ को लेखराज ने बताया फर्जी
पूर्व ब्लॉक प्रमुख लेखराज और पुलिस के बीच कल  मुठभेड़ होने की भी खबर
है। इस पर पुलिस ने खुलकर कुछ तो नहीं बोला है, लेकिन यह कहा गया कि
दोनों ओर से लगभग आधा घंटे फायरिंग हुई। लेकिन पुलिस के एनकाउंटर के डर से अज्ञात स्थान पर छुपे लेखराज ने जानमाल की सुरक्षा की गुहार लगाई है. लेखराज ने कहा, उनके परिवार के कई सदस्यों को जनता ने संवेधानिक पदों पर बताया है. रानीपुर चेयरमेन का पद लगातार तीन वार से उनके परिवार में है. बीजेपी इसी से खफा है और उन्हें परेशान कर रही है.

-ऑडियो को बताया सही

लेखराज सिंह ने इंस्पेक्टर सुनीत सिंह के साथ उनकी बातचीत को सही बताया है. उन्होंने कहा की सुनीत सिंह फ़ोर्स के साथ उनके घर भी आ चूका है और उन पर दबाव बनाया गया. उनसे 5 से 10 लाख की मांग की गई. उसके आने का CCTV फुटेज भी है.

 -डीआईजी बोले जांच हो रही है ऑडियो की, इंस्पेक्टर निलंबित
झांसी के डीआईजी जवाहर सिंह ने कहा कि इस मामले की जानकारी एसएसपी से ली
गई है। यह सही हुआ तो कार्रवाई की जाएगी। वहीं एसएसपी ने कहा कि इस ऑडियो
क्लिप पर संज्ञान लेकर उन्होंने इंस्पेक्टर को निलंबित कर दिया है।

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