“विश्वास” अभियान लगाएगा ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण की गति को पंख

“विश्वास” अभियान लगाएगा ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण की गति को पंख

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@राम नरेश यादव

झांसी. जनपद में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रो में स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण संबन्धित कार्यक्रमों में गतिशीलता प्रदान करने एवं जनमानस की इन क्षेत्रो में भागीदारी सुनिश्चित हो, इसको बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक नया कार्यक्रम अभियान “विश्वास” यानि ‘स्वास्थ्य, जल और स्वच्छता के लिए आधारित पहल’ को संचालित किया जा रहा हैं। यह कार्यक्रम उत्तर प्रदेश के 5 जिलों (झाँसी, बनारस, लखनऊ, कानपुर एवं गोरखपुर) में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में चलाया जायेगा।

इस कार्यक्रम की पूरी ज़िम्मेदारी ग्राम स्तर पर गठित ग्राम स्वास्थ्य स्वच्छता एवं पोषण समिति (वी०एच०एस०एन०सी०) के सदस्यों द्वारा की जानी हैं, जिसके लिए जनपद के ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों (चिकित्सक, एचईओ, बी०सी०पी०एम० एवं एनजीओ) को मास्टर ट्रेनर हेतु जिला मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय में 19 व 20 जुलाई को दो दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया।

ब्लॉक स्तरीय अधिकारी प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद अपने-अपने क्षेत्र के ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण समिति के 4 सदस्य (ग्राम प्रधान/ अध्यक्ष, आशा/सचिव एवं समिति के दो नामित सदस्यों) इस कार्यक्रम के बारे में प्रशिक्षित करेंगे। यह समिति अपने क्षेत्र के नागरिकों को स्वच्छता एवं पोषण की कमी से होने वाली बीमारियों के बारे में जानकारी प्रदान करके, उनसे होने वाली बीमारियों की रोकथाम के बार में जागरूक करेंगे।

‘विश्वास’ अभियान स्वच्छता और स्वास्थ्य के लिए वीएचएनसी समितियों के नेतृत्व में चलायी जाएगी। यह जल, स्वच्छता और स्वास्थ्य सुधार तथा स्वास्थ्य एवं गुणवततापूर्वक जीवन पर उसके प्रभाव के लिए सामुदायिक स्तर पर सामूहिक एक बेहतर पहल होगी। इस अभियान से स्वच्छ भारत मिशन के तहत विभिन्न प्रयासों के एकीकरण का कार्य भी मजबूत होगा।

प्रशिक्षण प्रदान कर रहे डॉ महेंद्र कुमार, उप मुख्य चिकित्साधिकारी ने बताया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य ज्यादा से ज्यादा संख्या में ग्राम स्तर पर सभी छः समितियों (लोकनीति समिति, शिक्षा समिति, उत्पादन समिति, वीएचएनसी, योजना समन्वय समिति और सामाजिक न्याय समिति) के बारे जागरूक करना है, वहीं अभियान के लिए जनमानस की सहभागिता सुनिश्चित करना है। यह भागीदारी ग्राम स्तर पर बहुत ही आवश्यक है जिससे ज्यादा से ज्यादा संख्या में इच्छुक लोग ‘विश्वास’ अभियान से जुड़ सके और कार्यक्रम को सफल बना सके। उन्होने बताया कि इस अभियान के दिवसों लिए विस्तृत जानकारी देना समितियों का काम है वहीं इस अभियान के अंतर्गत पूरे वर्ष में अलग-अलग गतिविधियों के लिए 11 दिवसों का आयोजन किया जाएगा। प्रत्येक अभियान दिवस के लिए एक ट्रांसेक्ट वॉक करना बहुत आवश्यक है जिससे समस्याओं के बारे में जानकारी प्राप्त हो सके और दिवस के दौरान उन समस्याओं का निवारण किया जा सके।

इसके अलावा उन्होने बताया कि प्रदेश स्तर पर रवि श्रीवास्तव, जनपद स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी, सुखदेव बीसीपीएम और धर्मजीत, रिसर्च स्कॉलर को प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे चिकित्सक, बीसीपीएम, एचईओ और एनजीओ ब्लॉक स्तर पर  प्रशिक्षण प्रदान करेंगे। उन्होने बताया कि इस अभियान को ज्यादा से ज्यादा से लोगों तक पहुंचाने में रैली, पेंटिंग, नुक्कड़ नाटक आदि विभिन्न गतिविधियों द्वारा जागरूक किया जाएगा। वहीं इस अभियान के लिए जो कार्य करने के लिए इच्छुक है उनका चुनाव वीएचएनसी द्वारा किया जाएगा। जो सहभागी ग्राम स्तर पर अलग-अलग गतिविधियों पर बेहतर कार्य करके उभरेंगे, ऐसे सहभागियों को सम्मानित किया जाएगा जिससे और अधिक लोगों को इस अभियान से जुडने के लिए प्रोतसहन मिल सके।

श्री रवि श्रीवास्तव, जनपदीय स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी ने बताया कि इस अभियान के लिए सबसे अधिक आवश्यकता ‘व्यवहार परिवर्तन’ और ‘व्यक्तिगत जागरूकता’ पर ज़ोर देने की है क्योंकि जब तक स्वयं व्यक्ति के अंदर बदलाव और जागरूकता नहीं आएगी तब तक यह अभियान समाज में सुचारु रूप से चलने में असमर्थ होगा। उन्होने बताया कि जल, स्वास्थ्य और स्वच्छता में व्यवहार परिवर्तन और व्यक्तिगत जागरूकता लाने की अतिआवश्यकता है।

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