मुख्यमंत्री विवाह योजना: अफसरों ने दहेज़ में दुल्हनों को दिए नकली गहने

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@पंकज मिश्रा –

हमीरपुर। हमीरपुर जिले में बुधवार को, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह
योजना में दुल्हनों को नकली पायल दिये जाने के मामले की जांच के आदेश
जिलाधिकारी आरपी पाण्डेय ने कर दिये है। इसके लिये एसडीएम सदर राहुल यादव
के नेतृत्व में एक कमेटी बनायी गयी है। कमेटी ने जांच भी शुरू कर दी है।
जिले के सुमेरपुर की नवीन गल्ला मंडी परिसर पर ग्यारह दिन पूर्व
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत 63 जोड़ों की शादी कराई गई थी।
शादी समारोह में योगी सरकार के श्रम एवं सेवायोजन राज्यमंत्री मनोहर लाल
पंथ, सांसद पुष्पेन्द्र सिंह चंदेल, सदर विधायक अशोक सिंह चंदेल ने वर
वधू को आशीर्वाद दिया था। कार्यक्रम मेंजिलाधिकारी आरपी पाण्डेय, पुलिस
अधीक्षक दिनेश कुमार पी, सीडीओ रामनेवाज, जिला समाज कल्याण अधिकारी महिमा
मिश्रा सहित अन्य अधिकारी शामिल हुये थे। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह
समारोह में हमीरपुर की हिमांशी और राहुल की शादी करायी गयी थी। मंडप में
प्रशासन की ओर से दुल्हन को उपहार दिया गया था। इस जोड़े को नगर पंचायत
सुमेरपुर ने चयनित किया था। इस दम्पति ने खंड विकास सुमेरपुर के कार्यालय
में जाकर खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) को शादी में नकली पायल दिये जाने की
शिकायत की थी। उसने जिलाधिकारी को भी इस मामले की शिकायत कर आरोप लगाया
कि उसे जो चांदी की पायल दी गयी है वह नकली है। एक नहीं दो सुनारों ने
पुष्टि की है कि यह पायल गिलट की है। इस मामले को लेकर जिलाधिकारी आरपी
पाण्डेय ने बुधवार को बताया कि एसडीएम सदर के नेतृत्व में एक कमेटी बनायी
गयी है जिसमें मनरेगा प्रभारी महेन्द्र देव व जिला कृषि अधिकारी डा.सरस
तिवारी नामित किये गये है। जांच कमेटी बुधवार को शाम तक पूरे मामले की
जांच कर रिपोर्ट उन्हें देगी। जांच कमेटी के अध्यक्ष एसडीएम सदर राहुल
यादव ने दुल्हन हिमांशी को बुलवाकर इस मामले की जांच भी शुरू कर दी है।

नकली पायल व बिछिया लेकर एसडीएम के पास पहुंची दुल्हनें
जिले के राठ कस्बे से आठ जोड़ों का चयन मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना
के लिये किया गया था। 23 फरवरी को 63 जोड़ों की शादी प्रशासन ने सम्पन्न
करायी थी। शादी के दौरान प्रशासन ने दुल्हनों को उपहार स्वरूप चांदी की
पायलें व बिछिया बांटी थी। बुधवार को राठ कस्बे के सिकन्दरपुरा मुहाल की
जाहर सिंह की पुत्री निधि व सर्वेश की पुत्री रागिनी ने पायल और बिछिया
लेकर एसडीएम एसके मिश्रा के पास पहुंची और शिकायत करते हुये इन दोनों ने
बताया कि उन्हें मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में ये जेवर नकली दिये
गये है। सुनारों को दिखाने पर पायल और बिछिया को गिलट बताया गया है। इन
दुल्हनों ने बताया कि चांदी की पायल व बिछिया मुलायम होती है जबकि उन्हें
जो मिली है वह कठोर है। दुल्हनों ने मंगलसूत्र पर भी प्रश्न चिन्ह लगाया
है। उनका कहना है कि प्रशासन के जरिये दिये गये मंगलसूत्र में भी तो
मिलावट नहीं है। एसडीएम ने बताया कि मामले की जांच करायी जा रही है।

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