कोरोना तो बहाना है, पार्टी स्थापना पर दिया जलाना है ! 

कोरोना तो बहाना है, पार्टी स्थापना पर दिया जलाना है ! 

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संतोष कुमार-

नई दिल्ली, अंधेरा छंटेगा, सूरज निकलेगा, और कमल खिलेगा । यह मैसेज भारतीय जनता पार्टी को अस्तित्व में लाते हुए पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने दिया था। यही वो लाइनें थीं जिसके बाद भाजपा ने अपनी अलग राष्ट्रयापी पहचान बनाई। इस बार पूर्व प्रधानमंत्री, भारत रत्न और भारतीय जनता पार्टी के पहले अध्यक्ष अटल बिहारी वाजपेयी के बिना पार्टी 40 वां स्थापना दिवस कुछ अलग अंदाज में मनाएगी।

6 अप्रैल 1980 को भाजपा अस्तित्व में आई और उसके पहले राष्ट्रीय अध्यक्ष बने अटल बिहारी वाजपेयी। अब वह इस दुनिया में नहीं हैं। पूरी दुनिया के साथ भारत कोरोना वायरस के संक्रमण के खौफ तले लॉक डाउन के साए में है। तो ऐसे में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 5 अप्रैल  को पूरे देश के लोगों से रात नौ बजे अपनी लाइट बंद कर घर की छतों पर दिया जलाने की अपील की है।

दरअसल, कोरोना वायरस का संक्रमण दुनियाभर को परेशान किए हुए है। भारत में भी कोरोना वायरस के कहर से लोग डरे हुए हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश को21 दिनों के लॉक डाउन पर रखा है। प्रधानमंत्री ने इसके लिए लोगों को जागरुक करने के लिए जनता कफ्र्यू के दौरान लोगों से ताली और थाली बजवाने का आह्वान कर लोगों को अपनी मुहिम का सफलता पूर्वक हिस्सा बना लिया था। लेकिन, इस बार फिर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश की जनता से अपील की है।

यह अपील भी कोरोना वायरस के खिलाफ जंग का हिस्सा बताई जा रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अपील है कि 5 अप्रैल को रात 9 बजे 9 मिनट तक लाईट ऑफ कर लोग दिया जलाएं। इसके पीछे तर्क दिया जा रहा है कि यह कोरोना वायरस के खिलाफ पूरे देश के लोगों को एक साथ होने का मैसेज देगा। लेकिन क्या यह आयोजन सिर्फ एक जागरुकता मैसेज है या फिर इसके पीछे कुछ और भी सोच काम कर रही है। वैसे कई जगहों से इस अभियान को गैर जरूरी और पब्लिसिटी स्टंट ही बताया जा रहा है। कई पॉलिटिकल और नामी गिरामी लोग भी यह कह रहे हैं कि लाइट बुझाने और दिया जलाने से कोरोना वायरस कैसे मर सकता है। तो कुछ लोग इसे भाजपा की एक रणनीति के रूप में भी देश रहे हैं।


  • कांग्रेस नेता और पूर्व केन्द्रीय मंत्री प्रदीप जैन आदित्य कहते हैं, ‘यह कोरोना वायरस के खिलाफ कोई लड़ाई का हिस्सा नहीं है। यह भाजपा का स्थापना दिवस पूरे देश में भव्य रूप में मनाए जाने का सामूहिक आयोजन है। प्रदीप जैन कहते हैं, 6 अप्रैल 1980 को भारतीय जनता पार्टी का गठन हुआ था। प्रथम राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने पर अटल बिहारी वाजपेयी ने आओ मिलकर दिया जलाएं की बात कहते हुए पार्टी को देशभर में ले जाने का आह्वान किया था। आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इसी आयोजन को राष्ट्रीय रूप में मनाने के लिए लोगों से दिया जलाने की अपील कर रहे हैं। यह उनकी राजनीतिक विचारधारा से ओत-प्रोत आयोजन है।’
  • मध्य प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता दुर्गेश शर्मा कहते हैं, दिया जलाने के पीछे भाजपा और संघ का एजेंडा है। इस बार लॉक डाउन के चलते भाजपा देशव्यापी कोई आयोजन नहीं कर पा रही। इसी लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भाजपा का स्थापना दिवस मनाने के लिए ही 5 अप्रैल को भाजपा के गठन के40 साल होने पर दीपक जलाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि जब पूरा देश कोरोना को लेकर संकट में है उस समय प्रधानमंत्री की इस तरह की अपीलों के कोई मायने नहीं हैं। ये समय लोगों को संक्रमण से बचाने और उन्हें बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने का है।

क्या है जनसंघ से भाजपा में बदली पार्टी का इतिहास
जनसंघ, जनता पार्टी और बाद में भारतीय जनता पार्टी की नींव रखने वाले चेहरों में अटल बिहारी वाजपेयी का नाम सबसे आगे है। 6 अप्रैल 1980 को बीजेपी का गठन हुआ, एक राजनीतिक दल के रूप में पहले लोकसभा चुनाव में पार्टी के खाते में महज 2 सीटें ही आई थीं। इसके बावजूद वाजपेयी ने हार नहीं मानी और उन्होंने कहा था, अंधेरा छंटेगा, सूरज निकलेगा, कमल खिलेगा। उनकी बात पूरी तरह सच साबित हुई और बीजेपी पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने तक में कामयाब हुई। 2014 में सत्ता में आई भाजपा की मोदी सरकार लगातार दूसरी बार लोकसभा का चुनाव ऐतिहासिक रूप में जीती है।

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