बुन्देलखण्ड सहित कई सीटों पर दरक गया कांग्रेस-सपा का गठबंधन, दोनों ही दलों के प्रत्याशियों ने भर दिए पर्चे

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लखनऊ/ललितपुर। उत्तर प्रदेश में कांग्रेस और समाजवादी के बीच चुनावी गठजोड़ होने के बाद भी कई सीटों पर गांठ बनी हुई है। सीटों का बंटवारा होने के बाद कुछ ऐसी भी सीटें हैं जहां दोनों की दलों के प्रत्याशियों ने नामांकन दाखिल कर दिया है। यह बात दोनों की दलों के शीर्षस्थ आलाकमान तक भी पहुंच गई है, मगर ऊपर से अभी तक कोई ठोस मैसेज नहीं आया है, जिसके बाद गठबंधन धर्म निभाते हुए किसी एक पार्टी का प्रत्याशी पर्चा वापस खींच ले। ललितपुर जिले की महरौनी विधानसभा सीट सपा और कांग्रेस प्रत्याशियों ने पर्चा दाखिल कर टकराव के आसार बढ़ा दिए हैं। यहां सपा से रमेश खटीक तो कांग्रेस से ब्रजलाल खाबरी ने नामांकन दाखिल किया है। दोनों ने ही आलाकमान का

नाम लेकर अधिक्रत प्रत्याशी भी बताया है। ऐसे विवादित मामलों में ललितपुर की महरौनी सीट ही अकेली नहीं है। सीट का बंटवारा होने के बाद 14 सीट ऐसी हैं, जहां दोनों के कैंडिडेट्स आमने-सामने हैं। ऐसा कहा जा रह है कि कई कैंडिडेट्स अपनी परंपरागत सीट को छोडऩे के लिए तैयार नहीं हैं।

महरौनी में सपा से रमेश खटीक तो कांग्रेस से ब्रजलाल खाबरी ने भरा पर्चा
ललितपुर जिले की दो सीटों में एक कांग्रेस के पास जाने की बात कही गई थी। गठबंधन में हुई लेटलतीफी के बीच ही महरौनी सुरक्षित सीट से रमेश खटीक का टिकट सपा ने फायनल कर दिया गया था। इसके बाद जब गठबंधन हो गया तो इस सीट से ब्रजलाल खाबरी का नाम कांग्रेस ने फायनल कर दिया। इसके बाद ब्रजलाल खाबरी ने बतौर कांग्रेस प्रत्याशी नामांकन दाखिल कर दिया। इसके साथ ही रमेश खटीक ने भी खुद को सपा का प्रत्याशी बताते हुए सोमवार को नामांकन दाखिल कर दिया है। एक सीट से गठबंधन के दो प्रत्याशी आने से विवाद की स्थिति पैदा हो गई है। फिलहाल दोनों में से कोई भी पीछे हटने को तैयार नहीं है।

खाबरी बोले, मेरे साथ जल्द खड़े होंगे सपा के नेता

सोमवार को नामाकंन के समय पूर्व सांसद ब्रजलाल खावरी ने आने वाले समय में अपने साथ समाजवादी पार्टी के नेताओं के आ जाने का दावा किया है। नामाकंन के समय ब्रजलाल खावरी के साथ कांग्रेस जिलाध्यक्ष व पूर्व सांसद के अलावा कुछ कांग्रेसी नेता मौजूद थे। समाजवादी पार्टी का कोई भी नेता उनके साथ नहीं था। जब पत्रकारों ने उनसे पूंछा कि समाजवादी पार्टी का कोई भी नेता आपके नामाकंन शामिल नहीं हुआ तो खबरी का कहना था कि एक दो दिन बाद समाजवादी पार्टी के नेता हमारे साथ कंधा से कंधा मिलाकर खड़े होंगे।

रमेश खटीक के साथ दिखे सपा के दिग्गज
जैसे ही ब्रजलाल खावरी नामाकंन पत्र जमा करके बाहर निकले उसी समय सपा प्रत्याशी रमेश खटीक भी अपने सैकड़ों समर्थकों व सपा के दिग्गज नेताओं के साथ नामाकंन पत्र जमा करने पहुंच गए। इस बीच ब्रजलाल खाबरी व रमेश खटीक की औपचारिकता दुआ सलाम भी नहीं हुई।

रमेश बोले, मुख्यमंत्री के आदेश के बाद दाखिल किया नामांकन
रमेश खटीक ने कहा कि मुख्यमंत्री के आदेश के बाद उन्होंने अपना नामाकंन दाखिल किया है और उन्हें यह सिम्बल बहुत पहले मिल गया था और आने वाले समय में जो पार्टी आदेश देगी उसे माना जायेगा।

 

कांग्रेस के गढ़ अमेठी में ही सीट पर विवाद
एक राष्ट्रीय अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेठी उन चार सीटों में से एक है, जहां कांग्रेस और सपा उम्मीदवार आमने-सामने हैं। गौरीगंज भी अमेठी लोकसभा सीट का हिस्सा है। यहां सोमवार को ही कांग्रेस के मोहम्मद नईम का नॉमिनेशन तय किया है। जबकि इसी सीट पर सपा के राकेश प्रताप सिंह पहले ही अपना नॉमिनेशन दाखिल कर चुके हैं। पिछले असेंबली इलेक्शन में सिंह ने नईम को 500 वोटों से हराया था।कांग्रेस के एमएलसी दीपक सिंह ने कहा कि मोहम्मद नईम गौरीगंज से अपना नामांकन दाखिल करेंगे।

अमेठी में अमीता सिंह हैं कांग्रेस की कैंडिडेट
कांग्रेस कैंपेन कमेटी के इनचार्ज और राज्यसभा सांसद संजय सिंह का कहना है कि अमीता सिंह अमेठी से ही चुनाल लड़ेंगी। वह 9 फरवरी को अपना नॉमिनेशन भरेंगी, लेकिन, समाजवादी पार्टी ने गायत्री प्रजापति को नॉमिनेट किया है। इन्होंने 2012 में अमीता को 9,000 वोट से हराया था। इस तरह, अमेठी और रायबरेली की 10 में से 5 सीटों पर सपा ने अपने कैंडिडेट्स का एलान किया।

 

सूबे के इन सीटों पर पड़ गई गठबंधन में गांठ-

सीट                 –     कांग्रेस              – सपा
1. महरौनी           –  ब्रजलाल खबरी     – रमेश खटीक
2. अमेठी             –  अमीता सिंह       – गायत्री प्रजापति
3. गौरीगंज (अमेठी) -मोहम्मद नईम      – राकेश प्रताप सिंह
4. सलोन (अमेठी)   – सुरेश निर्मल        – आशा किशोर
5. सरेनी (राय बरेली)  अशोक सिंह        – देवेंद्र प्रताप सिंह
6. बलदेव             – विनेश कुमार      – रणवीर
7. कोइल              – विवेक बंसल        -शाह इसहक
8. पुरकाजी           – दीपक कुमार         -उमा खान
9. चांदपू             –  शेर बाज खान       – मोहम्मद अरशद
10. महाराजपुर    –   राजाराम पाल      –  अरुण तोमर
11. जैदपुर         –   तानुज पुनिया      –  राम गोपाल
12. गोविंदनगर   –   अंबुजा शुक्ला       – योगेंद्र कुमार कुशवाहा
13. कानपुर कैंट   –  सोहिल अख्तर अंसारी – मोहम्मद हसन रूमी
14. भोगनीपुर       – नतीम योगेंद्र सिंह
15. लखनऊ सेंट्रल   – मरूफ खान             रविदास मेहरोत्रा

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