बुंदेलखंड के इस शहर में आने से क्यों डरते हैं मुख्यमंत्री, 13 साल पहले जो आया उसकी चली गई कुर्सी

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अशोकनगर । उत्तर प्रदेश के नोयडा शहर के मामले में माना जाता रहा है की वहां जो भी CM सभा करने गया उसकी कुर्सी चली गयी. इस बात को दो दिन पहले ही प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी ने नोयडा में मेट्रो ट्रेन की तर्ज पर चालक रहित ट्रेन सेवा शुरू करने के दौरान कही. मोदी ने कहा, की UP के CM योगी आदित्यनाथ ने साबित कर दिया कि वह अन्धविश्वाश को नहीं मानते. वह नोयडा आये हैं. जबकि पूर्व के CM यहाँ आने से डरते रहे. लेकिन यही बात बुंदेलखंड के शहर अशोकनगर को लेकर भी कही जाती है कि यहाँ जो भी cm आया उसकी कुर्सी चली गई. शायद यही कारण है कि मध्यप्रदेश के  मुख्यमंत्री शिवराज सिंह भी इस मिथक को  नहीं तोड़ पा रहे हैं। वह 13 साल जिले के किसी कार्यक्रम में नहीं गए। जबकि उन्होंने मंगलवार को अशोकनगर से 15 किलोमीटर दूरी पर पिपरई तहसील में सभा की। यह 2 माह में उनका जिले का तीसरा दौरा था। जब पत्रकारों ने उनसे पूछा कि योगी आदित्यनाथ नोएडा जा सकते हैं तो आप अशोकनगर क्यों नहीं आते। इस सवाल से  सीएम मुस्कराते रहे, उन्होंने इतना ही कहा, क्यों नहीं आएंगे, जरूर आएंगे।

हालांकि सीएम बनने के बाद से 13 साल हो गए, सीएम शिवराज अशोकनगर नहीं गए हैं। उनके लिए ये मिथक चुनौती बना हुआ है। मीडिया ने कहा कि योगी की तरह आप भी इस मिथक को क्यों नहीं तोड़ देते हैं। इस पर सीएम ने कहा कि अगली बार वह जरूर अशोक नगर आएंगे।

अशोकनगर जाने पर ही गई थी इन मुख्यमंत्रियों की कुर्सी 
अशोकनगर के बारे में माना जाता है कि जो भी सीएम गया, उसने कुर्सी गवां दी।
– मोतीलाल वोरा, अर्जुन सिंह और दिग्विजय सिंह के बारे में माना जाता है कि अशोकनगर गए और उन्हें सीएम की कुर्सी गंवानी पड़ी।
– मंगलवार को सीएम शिवराज सिंह अशोकनगर जिले की पिपरई तहसील में रैली करने गए, लेकिन अशोकनगर नहीं गए।
– मुख्यमंत्री बनने के बाद कई बार ऐसे मौके आए, जब तैयारी हो गई और आखिरी समय में कार्यक्रम कैंसिल हो गया।
– अशोकनगर में एक ही राजा, राजेश्वर माने जाते हैं, जिनका शहर के बीचोंबीच मंदिर है।
– 4 महीने पहले कलेक्टोरेट के भवन के उद्घाटन में आने वाले थे सीएम, लास्ट मूवमेंट पर कैंसिल हुआ कार्यक्रम।

 

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