गांव और किसान के लिए अच्छा है सरकार का बजट, जानिए क्या हुआ सस्ता और क्या मंहगा

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नई दिल्ली. गुरुवार को मौजूदा मोदी सरकार का आखिरी फुल बजट गरीब को राहत मिली है. अमीर पर टैक्स का बोझ बढ़ा है लेकिन माध्यम वर्ग के लिए भी कोई खास रहत नहीं है. वित्त मंत्री अरुण जेटली ने जो बजट पेश किया उसमें किसानों के लिए खरीफ़ के साथ रबी की फसलों पर डेढ़ गुना मिनिमम सपोर्ट प्राईस कर दिया गया है. कुल मिलाकर इस बजट में अगले 14 महीने में देश में होने वाले लोकसभा समेत 14 चुनावों का इफेक्ट नजर आया। इनमें आयुष्मान भारत योजना शामिल है। इसके तहत 10 करोड़ परिवारों को हॉस्पिटलाइजेशन पर 5 लाख रुपए सालाना का हेल्थ कवर मिलेगा। इसका फायदा 40 से 50 करोड़ लोगों तक पहुंचेगा। वहीं, किसानों को ध्यान में रखते हुए खरीफ की फसलों पर डेढ़ गुना मिनिमम सपोर्ट प्राइज देने की भी जेटली ने घोषणा की। सरकार इनकम टैक्स में स्टैंडर्ड डिडक्शन से 8,000 करोड़ रुपए तो गंवाएगी, लेकिन हेल्थ और एजुकेशन पर 1% सेस बढ़ाकर 11 हजार करोड़ रुपए वसूल लेगी।

आपको बताते हैं आपके घर के बजट पर क्या असर पड़ेगा । इसके साथ ही जानिए कौन सी चीजें महंगी और कौन सी चीजें सस्ती हुईं हैं।

 

बिगड़ेगा किचन का बजट-
समर्थन मूल्य बढ़ाने से देश में फसल के दामों में इजाफा होगा, जिसकी वजह से महंगाई बढ़ने की ज्यादा आशांका है। समर्थन मूल्य के इस फैसले से केंद्र सरकार के खजाने पर भी काफी बोझ बढ़ेगा और आम आदमी को गेंहू, दाल, चावल और तिलहन समेत कई चीजें निर्धारित दामों से अधिक पर मिलेेगी। जिसके चलते आम आदमी के किचन पर काफी असर होगा।

मोबाईल-टीवी महंगा-
बजट में सरकार ने मोबाइल फोन समेत आयात किए जाने वाले कई उत्पादों पर कस्टम ड्यूटी बढ़ा दी है। कस्टम ड्यूटी घटने या बढ़ने से कुछ आइटमों के दाम महंगे और सस्ते हुए हैं। वित्त मंत्री ने बताया कि मोबाइल और टीवी जैसे आइटमों पर सीमा शुल्क (कस्टम ड्यूटी) 15 पर्सेंट से बढ़ाकर 20 पर्सेंट किया गया है। वहीं काजू पर कस्टम ड्यूटी 5 प्रतिशत से 2.5 प्रतिशत की गई है। कस्टम ड्यूटी बढ़ने का नुकसान आम आदमी को झेलना पड़ सकता है। कस्टम ड्यूटी में बढ़ोतरी होने से भारत में आयात करने वाली कंपनियों की लागत बढ़ जाती है। कंपनियां इस लागत का भारत आम आदमी पर डालती है। तो इसलिए आम आदमी को टीवी और फ्रीज खरीदना महंगा पड़ सकता ह।

टैक्स पर भी राहत नहीं-
केंद्र सरकार ने इस बजट में टैक्स पर भी आम आदमी को कोई राहत नहीं दी है। इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया है। आम आदमी को उम्मीद थी कि उसे इस बजट में टैक्स के मोर्चे पर कम से कम 50 हजार रुपये की राहत मिलेगी लेकिन सरकार ने इसमें कोई बदलाव नहीं किया है और इन्हें पुराने टैक्स स्लैब में ही रखा है।

ये है टैक्स रेट-
मौजूदा समय में आपको आपकी इनकम के मुताबिक 5 से 30 फीसदी तक टैक्स चुकाना पड़ता है। वित्त वर्ष 2018-19 के लिए अगर आपकी इनकम 2.5 लाख रुपए तक है, तो कोई टैक्स नहीं देना होगा। 2.5 से 5 लाख पर 5 फीसदी, 5 लाख-10 लाख पर 20 फीसदी और 10 लाख से अधिक पर आपको 30 फीसदी टैक्स देना पड़ता है।

सेस में 1 फीसदी की बढ़ोतरी-
आम आदमी के लिए झटके की बात करें तो स्वास्थ्य और शिक्षा में सेस को 3 फीसदी से बढ़ाकर 4 फीसदी कर दिया गया है। इससे सरकार को व्यक्तिगत करदाताओं से 11,000 करोड़ रुपये ज्यादा हासिल होंगे। इस सेस को अब स्वास्थ्य और शिक्षा सेस नाम दिया गया है।

सीनियर सिटीजन को मिली है राहत-
बजट में बुजुर्गों के लिए राहत भरी खबर है। सीनियर सिटीजन के लिए हेल्थ इंश्योरेंस छूट 1 लाख रुपए होगी। बैंकों डिपॉजिट में ब्याज से हुई आमदनी पर 10 हजार रुपये से छूट बढ़ाकर 50 हजार रुपये करने का प्रस्ताव है। साथ ही जो लोग माता-पिता की सेवा करते हैं उन्हें छूट दी जाएगी।

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