UP निकाय चुनाव में बीजेपी की शानदार जीत, 16 में से 14 नगर निगम में खिला कमल

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लखनऊ. UP में  16 नगर निगम, 198 नगरपालिका और 438 नगर पंचायतों के चुनाव के नतीजे बीजेपी के फेवर में रहे. 16 नगर निगमों में से 14 पर बीजेपी ने शानदार जीत दर्ज की है। 2 पर बीएसपी को जीत हासिल हुई। नगरपालिका और नगर पंचायतों में भी बीजेपी आगे रही। इन नतीजों के बाद प्रधानमंत्री ने योगी सरकार, बीजेपी वर्कर्स और वोटर्स को बधाई दी। उन्होंने कहा- ये विकास की जीत है। सीएम योगी ने जीत के बाद कांग्रेस पर तंज कसा। उन्होंने कहा, “ये चुनाव सभी की आंखें खोलने वाला रहा और जो लोग इसे गुजरात से जोड़कर देखते थे, उनकी भी आंखें खोलने वाला रहा।

 यूपी निकाय चुनाव के नतीजे, 5 साल में कितना फर्क आया?

पार्टी 2017 के नतीजे 2012 के नतीजे नफा/नुकसान
बीजेपी 14 10 +4
बीएसपी 2 0 +2
एसपी 0 0 0
कांग्रेस 0 0 0

मोदी ने दी योगी को बधाई

प्रधानमंत्री ने ट्वीट किया, “विकास की इस देश में फिर एक बार जीत हुई। उत्तर प्रदेश निकाय चुनावों में शानदार जीत के लिए प्रदेश की जनता को बहुत-बहुत धन्यवाद। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी और पार्टी के सभी कार्यकर्ताओं को ढेरों शुभकामनाएं। यह जीत हमें जन कल्याण की दिशा में और अधिक मेहनत करने के लिए प्रेरित करेगी।”

 नतीजों ने हमारी जिम्मेदारी बढ़ा दी है- योगी
योगी आदित्यनाथ ने कहा, “हम साढ़े चार करोड़ वोटर्स के आभारी हैं। मीडिया के लोगों का भी धन्यवाद करना चाहूंगा। स्टेट इलेक्शन कमीशन ने निष्पक्ष चुनाव कराने में अहम किरदार निभाया। हम उनके आभारी रहेंगे। इन नतीजों ने हम सब लोगों को जिम्मेदारी बढ़ाई है। इन नतीजों से बीजेपी वर्कर्स की जिम्मेदारी बढ़ा दी है।

यूपी के 16 निगर निगमों में क्या रहे नतीजे?

यूपी नगर निगम कौन जीता?
आगरा नवीन कुमार जैन (BJP)
कानपुर नगर प्रमिला पांडेय (BJP)
झांसी रामतीर्थ सिंघल (BJP)
वाराणसी मृदुला जायसवाल (BJP)
इलाहाबाद अभिलाषा गुप्ता (BJP)
गोरखपुर सीताराम जायसवाल (BJP)
लखनऊ संयुक्ता भाटिया (BJP)
मथुरा मुकेश (BJP)
फिरोजाबाद नूतन राठौर (BJP)
गाजियाबाद आशा शर्मा (BJP)
सहारनपुर संजीव वालिया (BJP)
मेरठ सुनीता वर्मा (बीएसपी)
बरेली उमेश गौतम (BJP)
मुरादाबाद विनोद अग्रवाल (BJP)
अलीगढ़ मो. फुरकान (बीएसपी)
अयोध्या ऋषिकेश जायसवाल (BJP)

इन नतीजों के मायने क्या हैं?

1) BJP शहरी वोटरों की पसंद बनी हुई है

बीजेपी शहरी इलाकों की पार्टी बनी हुई है। पिछली बार की तरह इस बार भी यूपी के शहरी निकायों में उसका परफॉर्मेंस बहुत अच्छा है। उसने पिछली बार से चार निकाय ज्यादा जीते हैं।

2) BSP की यह वापसी है
बहुजन समाज पार्टी इस बार बढ़त पर है। यह उसके लिए वापसी की तरह है। पार्टी ने पिछले लोकसभा चुनाव में खाली हाथ रहने और मार्च में हुए विधानसभा चुनाव में कई सीटों पर नुकसान उठाने के बाद जमीनी स्तर पर काम किया। इसका नतीजा दो निकायों में देखने को मिला जहां उसे जीत मिली।

3) सपा-कांग्रेस खाली हाथ
शहरी वोटरों के बीच सपा और कांग्रेस खाली हाथ ही नजर आ रही है। 2012 में सपा सत्ता में थी, उसके बाद भी शहरी निकायों में उसे सफलता नहीं मिली थी। पांच साल बाद भी उसके लिए हालात ऐसे ही हैं।

 

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