नगर निकाय: BJP का अनुशासन टूटा, झाँसी,ललितपुर, जालौन में बगावत, कुनबे की कलह से जीत की राह कठिन

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बीजेपी से बागी हुए अनिल बहुगुणा के समर्थन में उतरीं महिलाएं
@bundelkhandkhabar team-

झाँसी/उरई । राष्ट्रीय मुद्दों और अपने अनुशासन के बूते सूबे से लेकर दिल्ली की सत्ता में काबिज हुई भारतीय जनता पार्टी के लिए लोकल पॉलिटिक्स आसान नहीं दिख रही. स्थानीय निकाय चुनाव के लिए जारी की गईं टिकटों को लेकर बीजेपी के शहरी कुनबे में जबरदस्त कलह दिखने लगी है. बुंदेलखंड के झाँसी, जालौन और ललितपुर में बीजेपी के लिए विपक्षी प्रत्याशी से ज्यादा अपने ही लोग बड़ी चुनौती बन गए हैं. झाँसी नगर निगम का टिकट रामतीर्थ सिंघल को दिए जाने से नाराज कई बीजेपी कार्यकर्ता बीजेपी कार्यालय में ही धरने पर बैठ गए. सबने सिंघल को कमजोर प्रत्याशी बताकर टिकट बदलने की मांग कर डाली. वहीँ जालौन जिले की उरई नगर पालिका सीट मंत्री स्वतन्त्र देव सिंह के दखल के बाद दिलीप दुबे को दे दी गई तो यहाँ बीजेपी से टिकट की उम्मीद लगाये वैश्य उम्मीदवार अनिल बहुगुणा ने पार्टी से बगावत कर दी. सोमवार को बीजेपी प्रत्याशी और  बीजेपी से बागी बहुगुणा ने समर्थकों की भीड़ के साथ नामांकन पत्र दाखिल किये.

झाँसी में मुश्किल हुई बीजेपी की राह-  
बुंदेलखंड में इकलौती झाँसी नगर निगम सीट  के लिए बीजेपी के भीतर लड़ाई दिलचस्प थी. इस सीट पर बीजेपी का ही कब्ज़ा रहा है. यही कारण है की इसे एक सेफ सीट माना गया. हाल ही में बीजेपी सदर विधायक रवि शर्मा ने यहाँ काफी बड़े अंतर से जीत दर्ज की है. इस सीट पर प्रदीप सरावगी, रामतीर्थ सिंघल, संतोष गुप्ता, संजीव श्रंगी ऋषि, रविन्द्र शुक्ला आदि समेत कई दावेदार थे. पार्टी ने वैश्य उम्मीदवार रामतीर्थ को टिकट दे दिया. रामतीर्थ विधायक रवि शर्मा के नजदीकी माने जाते हैं. लेकिन उनको टिकट मिलने से पार्टी में बगावत देखने को मिली है. एसा पहली बार हुआ है जब बीजेपी कार्यकर्ता बीजेपी कार्यालय में ही धरने पर बैठकर प्रत्याशी बदलने की मांग करने लगे हों.
उरई में महिलाओं की भीड़ जुटाकर बीजेपी के बागी बहुगुणा का शक्ति प्रदर्शन
सोमवार को एक ही विचार धारा के दो लोगों के अलग – अलग नामांकन जुलूस निकले । एक तरफ आक्रोश भरा उत्साह था तो दूसरी ओर पश्चाताप पूर्ण औपचारिकता । अनिल बहुगुणा नही माने और निर्दलीय पर्चा भरकर ही माने । उन्हें ताकत देने को उन्हीं की बिरादरी की महिलाएं भी घर का काम -काज छोड़ सड़क पर उतर आयी। अभी तक उनका साथ भाजपा को होता था लेकिन पार्टी के निर्णय ने उन्हे रास्ता बदलने को विवश कर दिया । पहली बार नामांकन जुलूस मेँ इतनी बड़ी तादाद मेँ महिलाओं को शामिल होते देखा गया है । एक अनुमान के अनुसार इनकी संख्या करीब एक हजार थी । बाकी जो अन्य लोग थे , वह भी कम नही थे। यह जुलूस स्वयंवर गेस्ट हाउस से निकला ।
बीजेपी प्रत्याशी के नामांकन में फीका दिखा नेताओं का जोश
भाजपा प्रत्याशी दिलीप दुबे का जुलूस रघुवीर धाम से निकला । सांसद , विधायक सहित बृजभूषण सिंह , अरविंद गौतम , जगदीश तिवारी , सुधीर डांगरा मौजूद तो रहे लेकिन उनके भीतर पहले जैसा उत्साह नही देखा गया । चेहरे पर औपचारिकता का प्रतिबिम्ब अवश्य नजर आया । यहाँ दो विधायकों के साथ जिलाध्यक्ष की भी कमी खली । बाद मेँ रास्ते मेँ तो उदयन पालीवाल शामिल हुए लेकिन विधायकों ने अपने – अपने क्षेत्र मेँ रहना मुनासिब समझा ।

बहुगुणा की भीड़ ने बढाई चिंता

बहुगुणा के जुलूस मेँ शामिल भीड़ और उत्साह को देखकर पुराने भाजपाई चिंतित जरूर दिखे । एक पुराने साथी के विद्रोही बनने का भी शायद दुख हो रहा होगा । बहुगुणा से ज्यादा गुस्सा उनकी बिरादरी मेँ दिख रहा है । उधर वैश्यों – ब्राहमणों के बीच की खाई भी पड़ती नजर आने लगी है ।
विपक्ष खोज रहा इसमें अपना फायदा 
जुलूस सपा के ज्ञानेद्र निरंजन और कांग्रेस के आशीष चतुर्वेदी का भी निकला । दोनों दलों के जुलूस मेँ प्रमुख नेता शामिल थे । इन दोनों दलों के उम्मीदवारों को अच्छा चुनाव लड़ने की उम्मीद है । दोनों दल भाजपा की खीचतान का फायदा उठाना चाहते हैं । बसपा अलग रणनीति के साथ चुनाव लड़ रही है । भाजपा को नुकसान की भरपाई के लिए कड़ी मेहनत करनी होगी ।
ललितपुर में भी बगावत-

ललितपुर जिले में भी बीजेपी के भीतर नाराजगी है. ललितपुर नगर पालिका सीट से सवर्ण प्रत्याशी को टिकट न देकर पिछड़ा वर्ग पर दाव लगाने को बीजेपी के सवर्ण प्रत्याशी ठीक नहीं बता रहे. यहाँ बीजेपी ने रजनी साहू को टिकट दिया है. टिकट मिलने से नाराज बसपा से बीजेपी में शामिल हुए पूर्व विधायक रमेश कुशवाहा ने अपनी पत्नी कमला देवी को मैदान में उतार दिया है. तालबेहट नगर पंचायत में भी बीजेपी का टिकट नहीं मिलने से नाराज पुनीत सिंह ‘मोंटू’ ने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में पर्चा दाखिल कर दिया है. यहाँ बीजेपी ने हरिश्चंद्र रावत को प्रत्याशी बनाया है.

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