पुलिस के हाथ लगी बड़ी कामयाबी, गैंग के सरगना को किया गिरफ्तार

पुलिस के हाथ लगी बड़ी कामयाबी, गैंग के सरगना को किया गिरफ्तार

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@जितेंद्र मिश्रा
चित्रकूट. यहां एक गैंग के हार्डकोर मेंबर कामता प्रसाद को स्वाट टीम प्रभारी श्रवण कुमार सिंह ने अपनी टीम के साथ रैपुरा थाना क्षेत्र के कौबरा गांव से गिरफ्तार किया. जानकारी के मुताबिक टीम प्रभारी को मुखबिर से सूचना मिली कि दस्यु गोप्पा के दाहिने हांथ रहे दस्यु महेंद्र पासी के इनकाउंटर के बाद उसके हथियारों को गैंग के हार्डकोर मेंबर कामता प्रसाद ने कौबरा गांव में छुपा कर रखा है. मुखबिर की सूचना का संज्ञान लेते हुए जब पुलिस ने सम्बंधित गांव स्थित डकैत कामता के ठिकाने पर छापा मारा और उसे आत्मसमर्पण के लिए कहा तो उसने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी. जवाबी कार्रवाई के तहत जब पुलिस ने भी फायरिंग शुरू की तो डकैत कामता ने खुद को पुलिस के हवाले कर दिया.IMG-20180802-WA0021
हैण्ड ग्रेनेड सहित राइफल व् कारतूस बरामद
पुलिस को डकैत कामता के ठिकाने से 303 बोर की राइफल फैक्ट्री मेड, थर्टी स्प्रिंग राइफल फैक्ट्री मेड, एक डी बी बी एल बंदूक फैक्ट्री मेड, पिन व् 2 हैण्ड ग्रेनेड फ्यूज लगा हुआ सहित भारी मात्रा में कारतूस बरामद हुए. बरामद कारतूसों में 49 जिंदा कारतूस थर्टी स्प्रिंग राइफल, 80 जिंदा कारतूस 12 बोर, 6 कारतूस जिंदा 303 बोर व् एक खोखा कारतूस 303 बोर का है.
 महेंद्र पासी  ने संभाल ली थी गैंग की कमान
बरामद हथियार दस्यु महेंद्र पासी गैंग के वो खतरनाक हथियार हैं जिनके बल पर उसने कई बार पुलिस को सीधी टक्कर दी थी. दरअसल पिछले वर्ष 2017 के जुलाई महीने में दस्यु गोप्पा को एसटीएफ ने चित्रकूट के मऊ थाना क्षेत्र के जंगल से मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार कर लिया था तब से गोप्पा सलाखों के पीछे कैद है. गोप्पा के बाद गैंग की कमान उसके भतीजे रजउवा व् महेंद्र पासी ने सयुंक्त रूप से संभाल ली थी लेकिन एक मामले में रुपयों के बंटवारे को लेकर महेंद्र ने इसी वर्ष जनवरी में रजउवा की हत्या कर लाश को मानिकपुर के जंगल में फेंक दिया था. मार्च में उसका नरकंकाल पुलिस को बरामद हुआ था. उसके बाद खौफ का दूसरा नाम बन चुके दस्यु महेंद्र पासी का इसी वर्ष पिछ्ले महीने 5 जुलाई को इलाहाबाद के फूलपुर क्षेत्र में पुलिस ने इनकाउंटर करते हुए उसे ढेर कर दिया. महेंद्र के मारे जाने के बाद गैंग के सारे खतरनाक हथियार गिरफ्तार डकैत कामता प्रसाद के पास रखे गए थे.
मुठभेड़ के दौरान बरामद हुई थी एके 47
महेंद्र पासी खुद एके 47 लेकर चलता था. इसी साल जनवरी में मऊ थाना क्षेत्र में महेंद्र से मुठभेड़ में बाद जंगल से उसकी एके 47 राइफल बरामद हुई थी.  मुठभेड़ के दौरान दस्यु महेंद्र राइफल छोड़ कर भाग निकला था.

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