हे राम! शास्त्री और गांधी जयंती पर लहुलुहान हो गया किसान..!

हे राम! शास्त्री और गांधी जयंती पर लहुलुहान हो गया किसान..!

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पुलिस की पिटाई से घायल किसान

 

  • सरकार की शह पर देश के जवानों ने किसानों को दौड़ाकर पीटा, बहा खून 
  • दिल्ली अपनी मांग रखने जा रहे थे, न पहुंचें इसलिए घेरकर पीटे गए किसान 
    @ज्योति शर्मा
    नई दिल्लीहे राम ! शास्त्री और गांधी की जयंती के दिन अनर्थ हो गया। आज ही वह दिन है जिस दिन जन्में लाल बहादुर शास्त्री ने प्रधानमंत्री बनते ही जय जवान, जय किसान का नारा देकर देश को बुलंदियों पर ले जाने का सपना देखा था। महत्मा गांधी ने सत्याग्रह और अहिंसा के हथियार से ही तो देश को आजाद कराया था, लेकिन यह दिन 2 अक्टूबर 2018 में आकर दिशाहीन हो गया। ये जारी रहा तो आप इसे देश के पतन की शुरूआत मानिए। किसानों को भी अब ये समझ लेना होगा कि इस आज़ाद  मुल्क में उनके लिए अभी दिल्ली बहुत दूर है !received_174002540117599

दरअसल, आज के दिन जब देश के किसान अपनी बदहाली का दुखड़ा रोने दिल्ली दरबार में हाजिरी लगाने जा रहे थे तो सरकार ने उन्हें रोकने के लिए पुलिस को लगा दिया। किसान दिल्ली जाना चाहते थे। वे ऋण माफी और स्वामीनाथन रिपोर्ट लागू करने समेत कई मांगों को सरकार से मनवाने के लिए हरिद्वार से पदयात्रा कर यहां पहुंचे थे। पुलिस ने उनको रोक दिया। किसान वहीं सत्याग्रह पर बैठ गए तो पुलिसिया लठ्ठ उन पर बरस पड़े। आंसू गैस के गोलों के धमाकों ने किसानों को द्रवित कर दिया। हाहाकार मच गया। देखते ही देखते हजारों किसान घायल होकर जमीन पर गिर पड़े।
आजादी के बाद यह पहला संयोग ही है जब गांधी और शास्त्री जयंती पर किसानों को खूनी सौगात मिली है। FB_IMG_1538470944540 (1)

किसानों के घायल होने की खबर पर टूटी सरकार की नींद
ऋण माफी और स्वामीनाथन रिपोर्ट लागू करने समेत कई मांगों को सरकार से मनवाने के लिए हरिद्वार से किसान पदयात्रा पर जबरदस्ती राजधानी दिल्ली की सीमा में घुसने की कोशिश कर रहे हजारों की तादाद में आए किसानों के ऊपर मंगवार की सुबह लाठीचार्ज, हवाई फायरिंग और आंसू गैस के गोले छोड़े जाने के बाद सरकार हरकत में आई।kisan pitai delhi 2

  • इस घटना के बाद किसान यूनियन के प्रतिनिधि और गृहमंत्री राजनाथ सिंह के बीच किसानों की मांगों को लेकर व्यापक चर्चा हुई। गृहमंत्री से किसान नेताओं की बैठक के बाद संवाददाताओं के सामने आए केन्द्रीय कृषि राज्यमंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने कहा, गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने किसान के नेताओं से मुलाकात की और उनकी मांगों पर चर्चा कर ज्यादातर मुद्दों पर आपसी सहमति बनी। यूपी के मंत्री लक्ष्मी नारायण जी, सुरेश राणा जी और हम खुद किसानों से मिलने जायेंगे ।

नौ दिन पहले दिल्ली के लिए पैदल निकले थे किसान
राजधानी दिल्ली में घुसने से रोकने के लिए प्रदर्शनकारी किसानों पर पुलिस की तरफ से आंसू गैस के गोले छोडऩे के साथ ही पानी की बौछारें और हवाई फायरिंग की गई और प्रदर्शनकारी किसानों को दिल्ली-यूपी सीमा के पास से तितर-बितर कर दिया गया।

  • भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले अपनी 15 सूत्री मांगों को सरकार से मनवाने के लिए हरिद्वार से नौ दिन पहले चले किसान मंगलवार की सुबह से राजधानी दिल्ली घुसने के लिए निकले थे। घायल किसानों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वे दिल्ली-यूपी बॉर्डर पर करीब 20 हजार की संख्या में डटे हुए थे। उधर, दूसरी तरफ इन किसानों को रोकने के लिए भारी संख्या में दिल्ली से लगती सीमा के पास पुलिसबल को तैनात किया गया। साथ ही, कई जगहों पर धारा 144 भी लगाई गई।
  • देश का राजा है किसान : पुण्य प्रसून
  • देश के जाने माने पत्रकार पुण्य प्रसून वाजपेयी अपने ट्वीटर पर महात्मा गाँधी की लाइन को आगे बढ़ाते हुए लिखते हैं, हमारी चली तो हमारा गवर्नर जनरल किसान होगा.  हमारा बड़ा वजीर किसान होगा. हिन्दुस्तान का सचमुच राजा वही है. हम उसे गुलाम बनाकर बैठे हैं. आज किसान क्या करे, MA\BA करे. ऐसा किया तो किसान मिट जायेगा. किसान प्रधानमन्त्री बना तो हिन्दुस्तान की शक्ल बदल जाएगी.
  • क्यों नहीं करें प्रदर्शन- नरेश टिकैत
    प्रदर्शन कर रहे भारतीय किसान यूनियन के प्रसिडेंट नरेश टिकैत ने कहा- क्यों हमें यूपी-दिल्ली सीमा पर रोका जा रहा है? अनुशासन के साथ रैली की जा रही है। अगर हम अपनी समस्या सरकार से नहीं बताएंगे तो किसे बताएंगे? क्या हम पाकिस्तान या बांग्लादेश जाएंगे?

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