नसबंदी के बाद इस महिला किसान की खतरे में पड़ी जान, सरकारी...

नसबंदी के बाद इस महिला किसान की खतरे में पड़ी जान, सरकारी अस्पताल में हुआ गलत ऑपरेशन

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फोटो- मड़ावरा: अपनी दुःख भरी दास्तान सुनाता पीड़ित परिवार
 @राहुल श्रोती ,इमरान खान
मड़ावरा(ललितपुर)। रेखा दो बच्चों के बाद छोटे परिवार में अपनी जिंदगी को खुशहाल और दोनों बच्चों का बेहतर भविष्य बनाने का सपना देख रही थी. सरकार भी नसबंदी पर जोर देकर अभियान चला रही है. इसी सरकारी अभियान के तहत रेखा ने नसबंदी तो करा ली लेकिन इसकी जान पर बन आयी. सरकारी अस्पताल के डॉक्टरों ने गलत नस काटकर उसकी जान जोखिम में डाल दी. अब वह तंगहाली के बीच जिंदगी और मौत से जूझ रही है.
  •  कस्बा मड़ावरा निवासी धनीराम कुशवाहा का आरोप है कि उसकी पुत्रवधु रेखा पत्नी सुनील कुशवाहा के नसबन्दी ऑपरेशन करने में शल्यचिकित्सक द्वारा लापरवाही बरती गयी और गलत नस काट दी गयी जिसके चलते वह जिंदगी और मौत के बीच झूल रही है। धनीराम ने जिलाधिकारी समेत शासन स्तर के तमाम अधिकारियों को भेजे अपने शिकायती पत्र में बताया कि बीते 16 नवम्बर को उनकी पुत्रवधु का नसबन्दी ऑपरेशन मड़ावरा की सरकारी अस्पताल में कराया था। उसका आरोप है कि गलत ऑपरेशन करने के बाद से ही रेखा की हालात खराब हो गयी और पेशाब रुकने से पेट काफी फूल गया।
  • देर रात जब उसे एकबार फिर अस्पताल ले जाया गया जहां चिकित्सकों द्वारा जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। जहाँ एक दिन बाद रेखा की बिगड़ती हालात को देखते हुये अस्पताल प्रशासन ने अपना पल्ला झाड़ते हुये उसे झाँसी मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। रेखा को मेडिकल कॉलेज के 24 दिन भर्ती रखा गया लेकिन देखरेख में कोताही के चलते उसकी हालात में सुधार नहीं आया। मरणासन्न रेखा की नाजुक हालात देखते हुये उसके परिजनों ने कर्जा करते हुये उसे प्राइवेट नर्सिंग होम में भर्ती कराया जहां चिकित्सकों द्वारा ऑपरेशन कर दिया गया।
नसबन्दी ऑपरेशन से जान-जोखिम में पड़ी
नसबन्दी ऑपरेशन से जान-जोखिम में पड़ी
कर्ज में डूबा मजदूर परिवार
पीड़ित धनीराम रोते हुये बताते हैं कि वह एक मजदूर किसान है बहू के इलाज में उसका पूरा घर बर्बादी की कगार पर आ गया है। बहु के इलाज में लगभग डेढ़ लाख रुपये खर्च हो चुके हैं जिसकी प्रतिपूर्ति दिलाये जाने की मांग उसने प्रशासन से की है। साथ ही उसने बताया कि नसबन्दी ऑपरेशन कराने के बाद अबतक उसे प्रमाण पत्र भी नहीं दिया गया।
न्याय के लिये आमरण अनशन
 धनीराम कुशवाहा पूरे मामले में नसबन्दी ऑपरेशन करने वाले सर्जन को गलत ठहराते हुये बताता है कि लापरवाह सर्जन के खिलाफ अगर कोई कार्यवाही नहीं की जाती तो वह सपरिवार आमरण अनशन के लिये विवश होगा।
सर्जरी सिखाने का चल रहा खेल
मड़ावरा। मड़ावरा अस्पताल में इस वर्ष नसबन्दी ऑपरेशन शिविर में ऑपरेशन के बाद महिलाओं की हालात खराब होने के दो मामले संज्ञान में आये हैं। पीड़ित ग्रामीणों का आरोप है कि मड़ावरा अस्पताल में एक नये डॉक्टर को सर्जरी सिखाये जाने का खेल चल रहा है जिसके चलते नसबन्दी ऑपरेशन में लापरवाही बरती जा रही है और खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ रहा है।
  • प्रकरण की करायेंगे निष्पक्ष जाँच
 सर्जन द्वारा नसबन्दी ऑपरेशन में लापरवाही किये जाने के आरोप के बारे में पूरे प्रकरण की जांच करायी जायेगी साथ ही महिला को पर्याप्त उपचार समेत हर सम्भव मदद विभाग द्वारा दिलाये जाने का प्रयास किया जायेगा।
डॉ प्रतापसिंह
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ललितपुर

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