त्रिपुरा में कमल खिलते ही बामपंथी स्मारकों पर हमले शुरू, कई जिलों में हिंसा

0

नई दिल्ली. त्रिपुरा विधानसभा चुनाव के नतीजे भाजपा के पक्ष में आने के बाद वहां के हालात बिगड़ने लगे हैं. अभी मुख्यमंत्री पद की शपथ भी नहीं ली गयी है और उसके पहले बामपंथी स्मारक निशाने पर आ गया. कई जिलों से हिंसा की खबरें आ रही हैं। इतना ही नहीं वामपंथी स्मारकों को ध्वस्त किया जा रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक भाजपा समर्थकों ने दक्षिण त्रिपुरा के बेलोनिया में स्थापित रूसी क्रांति के नायक व्लादिमीर लेनिन की मूर्ति पर बुलडोजर चलाया है। मूर्ति पर बुलडोजर चलाए जाने की तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। बता दें कि इस मूर्ति को वहां पांच साल पहले स्थापित किया गया था। हिंसा भड़कने और मूर्ति को ध्वस्त किए जाने के बाद वामपंथी दलों में नाराजगी की खबरें भी आ रही हैं।

गृह मंत्री  ने राज्यपाल और डीजीपी से की बात

त्रिपुरा में छिटपुट हिंसा की खबरों के बीच गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने आज राज्य के राज्यपाल और डीजीपी से बात की और नई सरकार के कामकाज संभालने तक राज्य में शांति सुनिश्चित करने को कहा।

एक अधिकारी ने बताया कि टेलीफोन पर हुई बातचीत में राज्यपाल तथागत राय और डीजीपी एके शुक्ला ने त्रिपुरा की स्थिति और यहां  विधानसभा चुनाव में भाजपा- आईपीएफटी गठबंधन की जीत के बाद भड़की हिंसा पर नियंत्रण के लिए उठाये गये कदमों से केन्द्रीय गृह मंत्री को अवगत कराया।

गृह मंत्रालय के अधिकारी ने बताया कि सिंह ने राज्यपाल और डीजीपी से हर तरह की हिंसा पर रोक लगाने और त्रिपुरा में नई सरकार के गठन तक शांति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

शनिवार को चुनाव परिणामों की घोषणा के बाद त्रिपुरा के विभिन्न हिस्सों में प्रतिद्वंद्वी राजनीतिक समूहों के बीच छिटपुट हिंसा और संघर्ष की खबरें सामने आयी थी।

एक बुलडोजर की मदद से दक्षिण त्रिपुरा के बेलोनिया शहर में कल वामपंथ के अगुवा माने जाने वाले लेनिन की प्रतिमा कोढहा  दिया गया था।
हाल ही में हुये विधानसभा चुनाव में त्रिपुरा में25  साल के बाद सत्ता परिवर्तन देखने को मिला है। अपने गठबंधन सहयोगी आईपीएफटी के साथ मिल कर भाजपा ने त्रिपुरा में दो तिहाई बहुमत हासिलकर  वाम किला ध्वस्त कर दिया है।

LEAVE A REPLY