पति पर कर्ज का बोझ न सह सकी यह बुंदेलखंड की महिला किसान, सूली पर लटक कर देदी जान

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महोबा. उत्तर प्रदेश के मुख्य मंत्री योगी आदित्यनाथ ने किसानों का कर्ज माफ़ करने की घोषणा तो कर दी मगर महोबा के पनवाड़ी क्षेत्र के गाँव मसूदपुरा का किसान मंगल सिंह कर्जमाफी के दायरे से बाहर ही रहा. मंगल सिंह पर बैंक के साथ साहूकारों का कर्ज चढ़ा था. साहूकारों के बार-बार धमकाने से परेशान उसकी पत्नी सोमवती ने मौत को गले लगा लिया. महोबा का यह पहला मामला है जब किसान महिला ने कर्ज से परेशान होकर फांसी लगाई हो. घटना के बाद गाँव में मातम है.

महोबा जिले के पनवाड़ी के गाँव मसूदपुरा में रहने वाले किसान मंगल सिंह ने खेती के लिए बैंक से KCC बनवाकर कर्ज लिया था. बीते चार साल से लगातार आपदाओं के कारण फसल खराब होती रही. उस पर साहूकारों का कर्ज और चढ़ गया. कर्ज का बोझ चढ़ा तो घर में खाने के लाले पड़ने लगे. तंगी का तनाव घर की महिला किसान के ऊपर बढ़ने लगा.अपने बच्चों की  भूख से वह टूटने लगी और कर्ज के इस बढ़ते बोझ से परेशान 35 वर्षीय सोमवती फांसी के फंदे पर झूल गई. बताते हैं कि सोमवती किसान पति मंगल सिंह पर सरकारी और गैर सरकारी साहूकारी कर्ज को लेकर वह खासी चिंता में रहती थी। पति भी कर्ज से काफी परेशान रहता था. इसी समस्या के चलते सोमवती ने घर पर ही रस्सी के सहारे गले में फंदा कस फांसी लगा ली. सूचना पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया.

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