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  • खरीफ की फसल की बीमा क्षतिपूर्ति राशि जारी होने में कोरोना बना था अवरोधक
    शेष बची फसल बीमा क्षतिपूर्ति शीघ्र होगी जारी: जवाहर राजपूत


जयराम कश्यप 

झांसी। कोरोना वायरस के संक्रमण के खतरे के बीच जहां सभी प्रकार के कार्य ठप हो गए हैं ऐसे में किसानों के लिए एक राहत की खबर आनी शुरू हुई है। प्राकृतिक आपदा के कारण झांसी जिले में खरीफ की फसल तबाह हो गई थी। फसल बीमा क्षतिपूर्ति शीघ्र दिलाए जाने के लिए विधायक जवाहर राजपूत ने कृषि प्रमुख सचिव देवेश चतुर्वेदी से फोन पर वार्ता कर किसानों को मिलने वाली बीमा क्षतिपूर्ति राशि में देरी और किसानों की आर्थिक स्थिति खराब होने पर चर्चा की थी। इसके तहत बीमा कंपनी को जारी किए गए निर्देशों के बाद किसानों के खातों में फसल बीमा धनराशि पहुंचना शुरू हो गई है। किसानों के खातों में 54 करोड़ रुपए की क्षतिपूर्ति धनराशि जारी कर भेजी जाना शुरू हो गई है।

उल्लेखनीय है कि खरीफ की फसल में झांसी के किसानों को भारी नुकसान हुआ था। इससे उनके सामने आर्थिक संकट भी खड़ा हो गया।  गरौठा विधायक जवाहर लाल राजपूत ने किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा के तहत आर्थिक क्षतिपूर्ति दिलाने के  लिए विधानसभा से लेकर मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव व बीमा कंपनी के अधिकारियों के बीच इस मुद्दे को उठाया। इसके बाद झांसी जिले के  सर्वाधिक किसानों को खरीफ की फसल में हुए नुकसान की श्रेणी में शामिल किया गया। पिछले दिनों नुकसान के आंकलन पर क्रॉप कटिंग के आधार पर 209 करोड़ क्षतिपूर्ति धनराशि स्वीकृत की थी।

झांसी के 1 लाख 30 हजार 111 किसानों को 2 अरब 9 करोड़ 03 लाख 70 हजार रुपए की क्षतिपूर्ति धनराशि वितरित किए जाने की स्वीकृति दे दी गई थी। कुछ किसानों को यह धनराशि भेज भी दी गई, लेकिन ज्यादातर किसान इससे वंचित रह गए। विधायक जवाहर लाल राजपूत ने बताया कि जिन किसानों को क्षतिपूर्ति धनराशि नहीं मिली है उनमें उर्द, तिल और मूंगफली के किसान शामिल हैं। कोरोना जैसी महामारी सामने आने के बाद संपूर्ण लॉक डाउन में सभी कार्य स्थगित होने से किसानों के सामने संकट खड़ा हो गया। ऐसे में कृषि विभाग के प्रमुख सचिव देवेश चतुर्वेदी व कृषि उत्पादन आयुक्त से वार्ता की गई। इसके बाद किसानों के लिए जो धनराशि स्वीकृत की गई थी उसे जारी करना शुरू कर दिया गया है।

विधायक जवाहर लाल राजपूत ने बताया कि यह बीमा धनराशि 2019-2020 खरीफ की फसल में हुए नुकसान पर जारी हुई है। उन्होंने बताया कि खरीफ की फसलों में हुए नुकसान पर कुल धनराशि 2 अरब 9 करोड़ 03 लाख 70 हजार रुपए स्वीकृत हुई। इसमें 35,56,168 रुपए मक्का, मूंग, ज्वार, सोयाबीन व धान के किसानों के लिए पहले हीजारी जो चुका था। बचे हुए 208 करोड़ 70 लाख13 हजार 832 रुपए उर्द, मूंगफली व तिल के किसानों के लिए स्वीकृत हुए थे। इन किसानों की संख्या यहां सर्वाधिक थी, लेकिन उनके खातों में कोरोना वायरस संक्रमण के बाद रुके कार्यों के कारण धनराशि नहीं पहुंच सकी थी।

किसान भी आर्थिक संकट में था। ऐसे में अब सरकार की ओर से पहल के बाद बीमा कंपनी ने 54 करोड़ रुपए किसानों के लिए और जारी कर दिए हैं। बाकी बचे 203 करोड़ 30 लाख 13 हजार 832 रुपए भी शीघ्र किसानों के खाते में पहुंचाए जाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। यह धनराशि किसानों को जल्द प्राप्त हो जाएगी। कोरोना के कारण किसानों को भी काफी नुकसान पहुंचा है। किसान को फसल कटाई से लेकर उसे बेचने में काफी परेशानी आ रहीं हैं। ऐसे में वह आर्थिक संकट से जूझ रहा है और बीमा धनराशि आने से उसे कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।

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