AC रेल टिकट पर 5%, रेस्टोरेंट में 17% तक GST; ज्यादातर सर्विसेस महंगी होंगी

0

नई दिल्ली.जीएसटी काउंसिल ने शुक्रवार को ज्यादातर सर्विसेस के लिए टैक्स रेट तय कर दिए। अरुण जेटली ने कहा, जीएसटी में एजुकेशन और हेल्थकेयर पहले जैसे ही टैक्स फ्री होंगी। रेल टिकट पर फर्क नहीं पड़ेगा। रेलवे के एसी टिकट को 5% टैक्स स्लैब में रखा गया है। पिछले बजट में आईआरसीटीसी से टिकट लेने पर सर्विस टैक्स खत्म किया गया था। लग्जरी रेस्टोरेंट में खाना 17% महंगा होगा। सिर्फ 5 सर्विसेस फाइव स्टार होटल, मूवी टिकट, रेसिंग, बेटिंग और कैसिनो पर 28% टैक्स लगाया गया है।

सर्विसेस को गुड्स की तर्ज पर इन्हें भी 5 सेगमेंट 0%, 5%, 12%, 18% और 28% में बांटा गया है।

सोना, सिगरेट, बीड़ी, टेक्सटाइल, फुटवियर और बायो डीजल जैसे 6 गुड्स एंड सर्विसेस के टैक्स रेट तय नहीं हो पाए हैं। इसके लिए 3 जून को दिल्ली में फिर मीटिंग होगी। नए टैक्स रेट 1 जुलाई से लागू हो जाएंगे।

इलेक्ट्रिसिटी बिल को GST के दायरे से बाहर रखा गया है। इसलिए इस पर कोई टैक्स नहीं लगेगा। इस पर अब भी सर्विस टैक्स नहीं लगता है। ट्रक ट्रांसपोर्ट पर अभी 70% अबेटमेंट है। यानी 30% हिस्से पर 15% टैक्स लगता है। यह बिल का 4.5% ही होता है। GST में 5% टैक्स कम रखा गया है। क्योंकि इसका मेन इनपुट पेट्रोल-डीजल जीएसटी से बाहर है। इसलिए इनपुट टैक्स क्रेडिट नहीं मिलेगा।

मेट्रो, लोकल ट्रेन, रिलीजियस और हज यात्राओं पर अभी टैक्स नहीं है। नॉन-एसी ट्रेन के टिकट पर भी कोई टैक्स नहीं लगता है। एसी ट्रेन टिकट पर टैक्स नहीं। GST में भी मेट्रो, लोकल ट्रेन, धार्मिक यात्राओं, नॉन-एसी ट्रेन के टिकट पर टैक्स नहीं होगा। एसी ट्रेन टिकट पर 5% टैक्स। ओला और उबर जैसे कैब एग्रीगेटर पर अभी 6% टैक्स लगता है। GST में इन सर्विसेज को 5% वाले स्लैब में रखा गया है। यानी 1% कम।

अभी इकोनॉमी क्लास के टिकट पर 6% टैक्स लगता है। 9% और बिजनेस क्लास के टिकट पर 9 % टैक्स लगता है। जीएसटी में इकोनॉमी क्लास के लिए 5% टैक्स। यानी 1% की बचत। बिजनेस क्लॉस के लिए 12% टैक्स। यानी ये 3% महंगा होगा। फूड बिल के 40% हिस्से पर 15% टैक्स लगता है। पूरे बिल के हिसाब से जोड़ेंगे तो यह 6% होता है। अभी वैट पूरे बिल पर 5% लगता है। दोनों को जोड़कर खाने पर कुल टैक्स 11% लगता है। जीएसटी में इसे तीन हिस्सों में बांटा गया है। नॉन-एसी रेस्तरां: फूड बिल पर 12% टैक्स लगेगा। यानी 1% ज्यादा। शराब लाइसेंस और एसी वाले रेस्तरां: 18% टैक्स। यानी 7% ज्यादा।

लग्जरी रेस्तरां:28% टैक्स रेट लागू होगा। यानी 17% ज्यादा। अभी 3,000 रुपए तक किराए पर कोई टैक्स नहीं। इससे ज्यादा रूम रेंट पर राज्य (मप्र) का 10% लग्जरी टैक्स लगता है। यानी होटल के कमरे महंगे हो जाएंगे। जीएसटी में 1000 रुपए से कम किराए पर कोई टैक्स नहीं लगेगा। 1000-2500 रुपए के कमरों पर: 12% , 2500 से 5000 रु. तक के कमरों: 18% , 5000 रु. से अधिक के कमरों पर: 28% अभी 15% लगता है। हालांकि टूर बिल में कुछ चीजों पर इस टैक्स से छूट मिली हुई है। GST में टूर एंड ट्रैवल पर 18% टैक्स लगेगा। यानी टैक्स रेट 3% बढ़ जाएगा।

LEAVE A REPLY