कालिंजर में एक साथ रोपे गए 15 हजार पौधे, प्रमुख वन सचिव कल्पना अवस्थी बनी साक्षी

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आज पौधरोपण करते क्रमशः प्रमुख सचिव वन कल्पना अवस्थी, सांसद आरके पटेल, डीएम बाँदा हीरालाल। Photo - PTB

एक दशक में लगे 3 अरब के पौधे, पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने बनाये दो विश्व रिकार्ड लेकिन ग्राउंड जीरो पर वनक्षेत्र 33 प्रतिशत से घटकर बाँदा जैसे जनपद में 1.21 प्रतिशत पर सिमटा।

आशीष सागर दीक्षित
कालिंजर,बांदा। हरित वसुंधरा को आज बाँदा के नरैनी तहसील के कालिंजर दुर्ग की तलहटी में जिलाधिकारी हीरालाल ने वनविभाग के सहयोग से एक दिन में 15 हजार पौधे रोपने का संकल्प लिया है। उल्लेखनीय है प्रदेश की प्रमुख वन सचिव कल्पना अवस्थी भी इस आयोजन में शामिल रही हैं। वहीं जनपद के सभी वीआईपी अधिकारी मौजूद रहे है। बड़ी बात है एक दिन में 15 हजार पौधे रोपने को सरकारी गैर सरकारी ताकत झोंक दी गई है।

आज पौधरोपण करते क्रमशः प्रमुख सचिव वन कल्पना अवस्थी, सांसद आरके पटेल, डीएम बाँदा हीरालाल।
Photo – PTB

गौरतलब है हर साल जुलाई से सितंबर तक वनविभाग व अन्य विभागों का पौधरोपण अभियान चलता है। निर्धारित लक्ष्य के मुताबिक पौधों का रोपण होता है। कभी छोटे तो कभी बड़े आयोजन में बुंदेलखंड की हरियाली लौटाने के प्रयास होते हैं और पौधों की संख्या में इजाफा भी होता है। वास्तविकता में धरती पर कितने पौधे बढ़े होकर पेड़ बनते हैं यह आज तक किसी ने नहीं देखा, न सुध ली। यह अलग बात है इन पौधों के आंकड़ों में अब तक दो विश्व रिकार्ड गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में अखिलेश यादव के नाम दर्ज हो चुके हैं।

  • बतलाते चले बुंदेलखंड में सबसे कम वनक्षेत्र बाँदा का 1.21 प्रतिशत है । जबकि सर्वाधिक चित्रकूट का 22 प्रतिशत है। कमोवेश दोनों जनपद का वन प्रतिशत राष्ट्रीय वननीति 33 प्रतिशत के मुकाबले बेहद कम है। पौधरोपण में चित्रकूट के भरतकूप के भरतपुर गांव का भैयाराम यादव बीते वर्षों में 40 हजार पौधे अकेले सहेज चुका है, जिन्हें रोपण के बाद वनविभाग अनाथ छोडक़र आया था। 3 किलोमीटर दूर से मटके में पानी भरकर भैयाराम ने पौधे सींचे और निर्जन पहाड़ में जंगल आबाद किया है। वनविभाग को ऐसे धरतीपुत्र से सबक लेने की जरूरत है।

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